कर्नाटक: सरकार ने दी कोविड नियमों में छूट, मंदिर और पार्क खोलने की मिली इजाजत
कर्नाटक सरकार ने कोरोना प्रतिबंधों में छूट देते हुए ्अब मंदिरों को भी खोलने की अनुमति दे दी है। हालांकि, इन प्रतिष्ठानों को कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना होगा।
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कर्नाटक सरकार ने शनिवार (24 जुलाई) को कोविड-19 प्रतिबंधों में और ढील दे दी, जिसके तहत अब रविवार (25 जुलाई) से पूजा स्थल खोले जा सकेंगे। राज्य सरकार के एक आदेश के अनुसार इन प्रतिष्ठानों को कोरोना दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। बता दें, अभी सरकार की तरफ से जठरे, मंदिर उत्सव, जुलूस, मण्डली की अनुमति नहीं दी गई है।
आदेश पर सरकार के राजस्व विभाग के प्रधान सचिव एन मंजूनाथ प्रसाद ने हस्ताक्षर किए हैं, जिसमें कहा गया है, 'पूजा स्थलों (मंदिरों, मस्जिदों, चर्चों, गुरुद्वारों और अन्य धार्मिक स्थलों) को खोलने की अनुमति है और इन प्रतिष्ठानों को 25 जुलाई से कोरोना से बचने के सभी जरूरी दिशानिर्देंशों का सख्ती से पालन करना होगा। हालांकि, जठरे, मंदिर उत्सव, जुलूस, मण्डली की अनुमति नहीं है।'
Places of worship allowed to open & related activities pertaining to these places permitted from 25-07-2021 strictly adhering to COVID appropriate behaviour & SOP issued by concerned dept. However, jathres, temple festivals, processions, congregations not allowed: Karnataka Govt pic.twitter.com/2JoAqLRTeR
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 24, 2021
मनोरंजन पार्कों को भी मिली खुलने की अनुमति
कर्नाटक सरकार के आदेश में यह भी कहा गया है कि मनोरंजन पार्क और इसी तरह के स्थानों को भी शनिवार से खोलने की अनुमति होगी और ऐसी जगहों पर भी कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करना अनिवार्य है। सरकार ने फिलहाल पानी के खेलों व पानी से संबंधित एडवेंचर गतिविधियों की अनुमति नहीं दी है।
कर्नाटक सरकार इस साल पांच जुलाई से कोविड-19 प्रतिबंधों में चरणबद्ध छूट दे रही है। रात के कर्फ्यू का समय बढ़ा दिया गया और स्विमिंग पूल को फिर से खोलने की अनुमति दी गई, इस आदेश के साथ इन प्रतिष्ठानों को कोविड-19 प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने को कहा गया।
इसके अलावा शादियों और पारिवारिक समारोहों में 100 से अधिक लोगों की उपस्थिति की अनुमति नहीं है। सरकार ने अधिकतम 20 लोगों के साथ दाह संस्कार और अंतिम संस्कार की अनुमति दे रखी है, जबकि सार्वजनिक परिवहन को उसके बैठने की क्षमता तक संचालित करने की अनुमति है।