छह बार कोशिश के बाद भी सीएम बनने के लिए अभी इंतजार करें येदियुरप्पा: हरिप्रसाद
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कांग्रेस महासचिव गुलाम नबी आजाद कर्नाटक सरकार पर मंडरा रहा संकट का बादल टालने बेंग्लुरु पहुंच गए। बीके हरिप्रसाद भी देर शाम तक पहुंच जाएंगे। इस तरह से कांग्रेस पार्टी ने राज्य सरकार को बचाने के लिए आखिरी जोर लगा दिया है। राज्यसभा सांसद बीके हरिप्रसाद का कहना है कि राज्य सरकार को अस्थिर करने के लिए पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा अब तक छह बार प्रयास कर चुके हैं, लेकिन उन्हें अभी कोई सफलता नहीं मिलनी है। येदियुरप्पा के भाग्य में अभी इंतजार लिखा है।
कर्नाटक से भाजपा के राज्यसभा सांसद प्रभाकर राव अभी सरकार के गिरने या नई सरकार के गठन पर कुछ भी कहने से बच रहे हैं। बी प्रभाकर राव का कहना है कि कांग्रेस में केंद्रीय स्तर पर भी घमासान मचा है और राज्य में दर्जन भर से अधिक विधायकों ने इस्तीफा दे दिया। कर्नाटक सरकार की स्थिति को बताने के लिए इतना पर्याप्त है।
बच जाएगी कर्नाटक की कुमारस्वामी सरकार
गुलाम नबी आजाद और बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक में राज्य सरकार के बचने का पूरा भरोसा है। अंदरखाने से खबर आ रही हैं कि जिन तीन विधायकों ने जेडी(एस) कोटे से इस्तीफा दिया है, उनमें से दो पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा के विश्वासपात्र हैं। इसी तरह से 10 में से करीब छह विधायक सीधे कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या के संपर्क में हैं। डीके शिवकुमार लगातार बागी विधायकों के गुट से संपर्क बनाए हैं। इनमें से मणिरत्नम सरीखे विधायक पर सिद्धारमैय्या की गहरी पकड़ हैं।
बताते हैं कर्नाटक राज्य सरकार को अस्थिर करने की बीएस येदियुरप्पा टीम की कोशिशों को देखते हुए ये विधायक दिखावे के लिए बागी हुए हैं। ताकि विरोधियों के बारे में न केवल सूचनाएं मिल सकें बल्कि सरकार को अस्थिर होने से भी बचाया जाए। इस तरह से कांग्रेस पार्टी के नेताओं का मानना है कि इस्तीफा देने वालों में से सात विधायकों के लौट आने का पूरा भरोसा है।
भाजपा खामोश है
बेंग्लुरु में चाहे जो हलचल हो, लेकिन दिल्ली में भाजपा की केंद्रीय इकाई कर्नाटक को लेकर अभी खुलकर पत्ते नहीं फेट रही है। हालांकि बीएस येदियुरप्पा को राज्य सरकार के गिर जाने का भरोसा है, लेकिन भाजपा अध्यक्ष अमित शाह बहुत जल्दबाजी में नहीं हैं। लिहाजा दिल्ली में भाजपा बड़ी सावधानी के साथ आगे बढ़ रही है। सत्ता पक्ष से जुड़े लोगों की माने तो केंद्र सरकार कर्नाटक में राज्य सरकार के गिरने का इंतजार कर रही है।