Karnataka: कांग्रेस पर्यवेक्षक बोले- हम पीएफआई और बजरंग दल दोनों के खिलाफ, नहीं चलने देंगे नफरत का धंधा
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विस्तार
प्रश्न- कांग्रेस ने कर्नाटक के लिए अपना घोषणा पत्र जारी कर दिया है। चुनाव जीतने के लिए आपने किन मुद्दों पर दांव लगाया है?
उत्तर- हमने सरकार बनने पर हर महिला को हर महीने दो हजार रुपये, हर महिला को मुफ्त यात्रा की सुविधा, बेरोजगार युवाओं को हर महीने तीन हजार रुपये और डिप्लोमाधारी युवाओं को हर महीने 1500 रुपये देने का वादा किया है। हर परिवार को 200 यूनिट बिजली और परिवार के हर सदस्य के लिए महीने में 10 किलो चावल देने की घोषणा की है। मुझे पूरी उम्मीद है कि कर्नाटक की जनता भ्रष्टाचार के कुशासन से मुक्ति पाने के लिए तैयार है। हम चुनाव में पूर्ण बहुमत हासिल करेंगे।
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प्रश्न- कांग्रेस ने बजरंग दल पर प्रतिबंध लगाने की बात भी कही है। भाजपा ने आपके इस वादे का कड़ा विरोध किया है। इस पर क्या कहेंगे?
उत्तर- देखिए, एक बात बिल्कुल साफ होनी चाहिए कि हम पीएफआई, बजरंग दल और ओवैसी जैसे लोगों को एक कैटेगरी में रखते हैं। हम किसी भी ऐसे संगठन को सहमति नहीं दे सकते, जो समाज में धार्मिक-सांप्रदायिक आधार पर बंटवारा करते हों ओर दुश्मनी फैलाते हों। भाजपा को दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने कार्यों को देखना चाहिए।
प्रश्न- हेमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि यह कांग्रेस का नहीं, मुस्लिम लीग का मैनीफेस्टो है।
उत्तर- देखिए, हेमंता बिस्वा सरमा जब तक कांग्रेस में थे, उन्हें यह सब सही लगता था। लेकिन अब वे भाजपा में चले गए हैं तो मुसलमानों के खिलाफ बोलकर मोदी को यह संदेश देना चाहते हैं कि वे ज्यादा कट्टर हिंदू नेता हैं। लेकिन हमारा लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट है। हम समाज में नफरत फैलाने वाले किसी भी संगठन या पार्टी को सपोर्ट नहीं कर सकते।
प्रश्न- भाजपा अब भी आपके ऊपर मुस्लिम तुष्टीकरण करने के आरोप लगा रही है।
उत्तर- हमने गणेश चतुर्थी और कर्नाटक के त्योहारों पर चार गैस सिलेंडर देने का वादा किया है। क्या यह मुस्लिम तुष्टीकरण है। हम बजरंग दल के साथ-साथ पीएफआई पर प्रतिबंध के भी समर्थक हैं। क्या यह मुस्लिम तुष्टीकरण है। उनका चश्मा ठीक नहीं है। वे सही से देखेंगे, तो कांग्रेस समाज के हर वर्ग को अपने साथ लेकर चलने की नीति पर आगे बढ़ती हुई दिखाई देगी।
प्रश्न- इस चुनाव में भाजपा-कांग्रेस दोनों ही ओर से अभद्र शब्दों का उपयोग किया जा रहा है। इसे किस तरह से देखेंगे?
उत्तर- मैं ऐसी किसी बात का समर्थन नहीं करता। लेकिन एक बात समझ नहीं आती कि प्रधानमंत्री आज अचानक अपनी गालियों को लेकर क्यों रो रहे हैं? इस देश में कई बड़ी-बड़ी आपदाएं आईं, पीएम तब रोते हुए क्यों नहीं दिखाई पड़े। क्या देश को ऐसा प्रधानमंत्री चाहिए? प्रियंका गांधी जी ने बिल्कुल सही कहा है कि देश को एक मजबूत प्रधानमंत्री चाहिए। इस तरह का प्रधानमंत्री नहीं, जो चुनाव को अपने लिए इस्तेमाल कर रहा हो।
प्रश्न- इस चुनाव में कांग्रेस के लिए क्या उम्मीदें हैं?
उत्तर- जितना मैं जनता को समझता हूं, मैं दावा कर सकता हूं कि इस समय कर्नाटक की जनता के बीच सरकार में बदलाव को लेकर एक तूफान चल रहा है। जनता समाज को बांटने वाली राजनीति से तंग आ चुकी है। वह देख रही है कि बांटने वाली राजनीति से उसकी रोजी-रोटी नहीं चल सकती। निवेश बंद हो गया है, युवाओं के लिए रोजगार के अवसर नहीं बन रहे हैं। यही कारण है कि जनता अब कांग्रेस के लिए बड़े बदलाव का मन बना चुकी है। आप 13 मई को देखेंगे, हम पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएंगे।