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कर्नाटक: BJP ने सीएम सिद्धारमैया पर साधा निशाना, कहा- ED की कार्रवाई मुडा घोटाले में हमारी जीत
Sat, 18 Jan 2025 10:28 AM IST
राहुल कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलूरू
Published by: राहुल कुमार
Updated Sat, 18 Jan 2025 10:28 AM IST
सार
Karnataka: कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस कार्रवाई को "बड़ी जीत" करार दिया। उन्होंने कहा कि ईडी की जांच ने मुख्यमंत्री से जुड़े "बड़े भ्रष्टाचार" को उजागर किया है।
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राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के खिलाफ मुडा घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय की ओर से बड़ी कार्रवाई की गई है। अब इस मामले पर कर्नाटक भाजपा के अध्यक्ष राज्य भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने इस कार्रवाई को "बड़ी जीत" करार दिया। उन्होंने कहा कि ईडी की जांच ने मुख्यमंत्री से जुड़े "बड़े भ्रष्टाचार" को उजागर किया है। भाजपा ने शनिवार को मुख्यमंत्री सिद्धरमैया से तत्काल पद छोड़ने की मांग की।
सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विजयेंद्र ने कहा, मुडा घोटाले के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी जीत! ईडी की जांच ने सीएम सिद्धारमैया से जुड़े महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार को उजागर किया है। जिन्होंने कथित तौर पर अपनी पत्नी के नाम पर अवैध रूप से साइटों को आवंटित करने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया। बेनामी और प्रभावशाली व्यक्तियों के डमी को साइटों का आवंटन प्रणालीगत भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि ईडी की जांच ने सिद्धरमैया से जुड़े महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जिन्होंने कथित तौर पर पत्नी के नाम पर अवैध रूप से भूखंड आवंटित करने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया। प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धरमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी, तो “कांग्रेस ने राज्यपाल के संवैधानिक अधिकार का अपमान करने और उसे कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी राज्यपाल के फैसले को बरकरार रखा था और इस बात पर जोर दिया था कि मुख्यमंत्री के परिवार के खिलाफ आरोपों की गहन जांच की जरूरत है।
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कर्नाटक भाजपा प्रमुख ने इस बात पर भी जोर दिया कि भाजपा और जेडीएस ने सीएम और उनके समर्थकों द्वारा सत्ता के इस "दुरुपयोग" के खिलाफ विधानसभा के अंदर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन किया है। ईडी की कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लगातार लड़ाई को मान्यता दी है, बल्कि यह भी साबित किया कि इसमें जो दिख रहा है, उससे कहीं अधिक है। अगर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपने कार्यालय की शुचिता को महत्व देते हैं, तो उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए और निष्पक्ष जांच की अनुमति देनी चाहिए। कर्नाटक के लोग पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय के हकदार हैं।
ईडी की सराहना करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि जांच एजेंसी ने ‘सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके जांच को विफल करने के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के किसी भी दुर्भावनापूर्ण प्रयास को विफल कर दिया। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी जद(एस) ‘‘मुख्यमंत्री और उनके समर्थकों द्वारा सत्ता के इस खुलेआम दुरुपयोग’’ के खिलाफ विधानसभा के अंदर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है।
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सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में विजयेंद्र ने कहा, मुडा घोटाले के खिलाफ हमारी लड़ाई में बड़ी जीत! ईडी की जांच ने सीएम सिद्धारमैया से जुड़े महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार को उजागर किया है। जिन्होंने कथित तौर पर अपनी पत्नी के नाम पर अवैध रूप से साइटों को आवंटित करने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया। बेनामी और प्रभावशाली व्यक्तियों के डमी को साइटों का आवंटन प्रणालीगत भ्रष्टाचार को उजागर करता है।
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विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि ईडी की जांच ने सिद्धरमैया से जुड़े महत्वपूर्ण भ्रष्टाचार को उजागर किया है, जिन्होंने कथित तौर पर पत्नी के नाम पर अवैध रूप से भूखंड आवंटित करने के लिए अपने राजनीतिक प्रभाव का इस्तेमाल किया। प्रदेश भाजपा प्रमुख ने कहा कि जब राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने सिद्धरमैया के खिलाफ मुकदमा चलाने की मंजूरी दी, तो “कांग्रेस ने राज्यपाल के संवैधानिक अधिकार का अपमान करने और उसे कमजोर करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने भी राज्यपाल के फैसले को बरकरार रखा था और इस बात पर जोर दिया था कि मुख्यमंत्री के परिवार के खिलाफ आरोपों की गहन जांच की जरूरत है।
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कर्नाटक भाजपा प्रमुख ने इस बात पर भी जोर दिया कि भाजपा और जेडीएस ने सीएम और उनके समर्थकों द्वारा सत्ता के इस "दुरुपयोग" के खिलाफ विधानसभा के अंदर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन किया है। ईडी की कार्रवाई न केवल भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लगातार लड़ाई को मान्यता दी है, बल्कि यह भी साबित किया कि इसमें जो दिख रहा है, उससे कहीं अधिक है। अगर मुख्यमंत्री सिद्धरमैया अपने कार्यालय की शुचिता को महत्व देते हैं, तो उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए और निष्पक्ष जांच की अनुमति देनी चाहिए। कर्नाटक के लोग पारदर्शिता, जवाबदेही और न्याय के हकदार हैं।
ईडी की सराहना करते हुए विजयेंद्र ने कहा कि जांच एजेंसी ने ‘सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करके जांच को विफल करने के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया के किसी भी दुर्भावनापूर्ण प्रयास को विफल कर दिया। भाजपा नेता ने यह भी कहा कि भाजपा और उसकी सहयोगी जद(एस) ‘‘मुख्यमंत्री और उनके समर्थकों द्वारा सत्ता के इस खुलेआम दुरुपयोग’’ के खिलाफ विधानसभा के अंदर और बाहर लगातार विरोध प्रदर्शन कर रही है।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को कहा कि उसने सिद्धरमैया एवं अन्य के खिलाफ दर्ज मामले के संबंध में धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएल) 2002 के प्रावधानों के तहत 142 अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है, जिनका बाजार मूल्य करीब 300 करोड़ रुपये है। ईडी ने कहा कि कुर्क की गई संपत्तियां विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर पंजीकृत हैं जो रियल एस्टेट व्यवसायी और एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।