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कर्नाटक: मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों का बढ़ेगा वेतन, हंगामे के बीच विधानसभा ने विधेयकों पर लगाई मुहर
Tue, 22 Feb 2022 05:54 PM IST
गौरव पाण्डेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बेंगलुरु
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Tue, 22 Feb 2022 05:54 PM IST
सार
कांग्रेस विधायकों के हंगामे के बीच कर्नाटक विधानसभा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों के वेतन में बढ़ोतरी से संबंधित दो विधेयकों को बिना चर्चा के ही मंजूरी दे दी। इस रिपोर्ट में पढ़िए इन विधेयकों से वेतन में क्या अंतर आएगा...
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Karnataka Assembly
- फोटो : File
विस्तार
कर्नाटक विधानसभा ने मंगलवार को मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों का वेतन और भत्ते बढ़ाने वाले विधेयकों को अनुमति दे दी। राज्य सरकार में मंत्री केएस ईश्वरप्पा के राष्ट्रीय ध्वज पर बयान को लेकर उन्हें बर्खास्त करने की मांग के साथ कांग्रेस विधायकों ने लगातार पांचवें दिन हंगामा किया। इसके चलते सत्र की अवधि कम करनी पड़ा लेकिन वेतन संबंधी दो विधेयकों को बिना चर्चा के पारित कर दिया गया।
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विधानसभा सत्र की शुरुआत 14 फरवरी को हुई थी और इसे 25 फरवरी को संपन्न होना था। लेकिन अब इसे बजट सत्र के लिए चार मार्च तक स्थगित कर दिया गया है। कांग्रेस विधायक यहां दिन-रात प्रदर्शन कर रहे हैं। रात वह विधानसभा में ही गुजारते हैं और दिन में सदन के वेल से विरोध प्रदर्शन करते हैं। इससे कार्यवाही में बाधा पहुंच रही है जिसे मुख्यमंत्री बसवराज बोम्मई गैरजिम्मेदाराना व्यवहार कह चुके हैं।
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मंगलवार को हंगामे के बीच विधानसभा ने दो विधेयकों को पारित कर दिया। कर्नाटक मंत्री वेतन और भत्ता (संशोधन) विधेयक 2022 और कर्नाटक विधानमंडल वेतन, पेंशन और भत्ते (संशोधन विधेयक) 2022 को बिना चर्चा के मंजूरी दे दी। इसके साथ ही सदन ने राज्यपाल के अभिभाषण के लिए धन्यवाद प्रस्ताव को भी बिना चर्चा के स्वीकार कर लिया।
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विधेयकों के अनुसार वेतन-भत्तों में होगा ये बदलाव
सरकार ने इन विधेयकों को पेश करते हुए कहा था कि ये काफी समय से लंबित हैं और कारणों में रहने की लागत में वृद्धि का हवाला दिया। वेतन वृद्धि से प्रति वर्ष लगभग 92.4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त व्यय होगा। मंत्रियों के वेतन-भत्तों में वृद्धि का प्रस्ताव देने वाले विधेयक मुख्यमंत्री का वेतन 50 हजार से बढ़ाकर 75 हजार रुपये प्रति माह करता है। वहीं, मंत्रियों का वेतन 40 से बढ़कर 60 हजार हो जाएगा।
दोनों के लिए भत्तों की राशि तीन लाख रुपये से बढ़कर साढ़े चार लाख रुपये सालाना हो जाएगी। इसमें मंत्रियों के किराया भत्ता को भी 80 हजार से बढ़ाकर 1.20 लाख रुपये प्रति माह करने का प्रस्ताव है। आवास और उद्यानों के रख-रखाव के लिए भत्ता 20 हजार रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। उनके पेट्रोल खर्च को भी एक हजार लीटर से बढ़ाकर दो हजार लीटर कर दिया गया है।