Kargil: कृतज्ञ देश ने बलिदानियों को नमन किया, सेना ने ई-श्रद्धांजलि के लिए पोर्टल का शुभारंभ किया; जानिए सबकुछ
आज कारगिल विजय दिवस है। भारतीय सेना से वीर सपूतों ने पड़ोसी देश की हिमाकत का मुंहतोड़ जवाब दिया था। 84 दिनों के इस संघर्ष में पाकिस्तान को परास्त करने वाले जांबाजों की स्मृति में आज कृतज्ञ राष्ट्र बलिदानियों को नमन कर रहा है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई हस्तियों ने बलिदानियों को याद किया। सेना ने बलिदानियों को 'ई-श्रद्धांजलि' देने के लिए पोर्टल का शुभारंभ भी किया है। जानिए
विस्तार
पोर्टल का शुभारंभ: अब दुनिया के किसी भी कोने से बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि दें
कारगिल विजय की 26वीं वर्षगांठ पर भारतीय सेना ने आज देश की रक्षा करने वाले सैनिकों और अपने प्राणों की आहुति देने वाले सपूतों को नमन करने के लिए मोबाइल एप का शुभारंभ किया। सैनिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए कारगिल के द्रास में मुख्य समारोह आयोजित किया गया। इसमें सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने तीन परियोजनाओं का शुभारंभ किया। इसमें एक पोर्टल भी शामिल है जहां देशवासी दुनिया के किसी भी कोने से बलिदानियों को 'ई-श्रद्धांजलि' दे सकते हैं। पोर्टल के शुभारंभ को लेकर एक सैन्य अधिकारी ने बताया, नागरिक अब स्मारक पर जाए बिना ही देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले नायकों को ई-श्रद्धांजलि दे सकते हैं।
The 26th Kargil Vijay Diwas was solemnly commemorated at Dras. #GeneralUpendraDwivedi, #COAS laid a wreath at the Kargil War Memorial. Several key projects inaugurated include the Indus View Point in Batalik, the e-Shradhanjali digital tribute platform and a QR Code Audio Gateway… pic.twitter.com/mWafUhJw37
— ADG PI - INDIAN ARMY (@adgpi) July 26, 2025
कारगिल के बलिदानियों की याद में तकनीक की पहल, अब बटालिक सेक्टर जाने का मौका भी मिलेगा
क्यूआर कोड आधारित ऑडियो गेटवे भी लॉन्च किया गया है। यहां लोग 1999 के कारगिल युद्ध की कहानियां सुन सकते हैं। इसी परिकल्पना संग्रहालयों जैसी है, जहां सैनिकों के साहस, वीरता, बहादुरी और बलिदान की गाथा सुनने को मिलेगी। इसके अलावा सेना ने 'इंडस व्यूप्वाइंट' (Indus View Point) का शुभारंभ भी किया। इसकी मदद से लोगों को बटालिक सेक्टर में नियंत्रण रेखा (एलओसी) तक जाने का अवसर मिलेगा। सैन्य अधिकारी ने बताया कि यहां आने वाले लोग अब उन परिस्थितियों के बारे में जान सकेंगे, जिनमें सैनिक काम करते हैं। देशवासी ये भी जान सकेंगे कि सरहदों के साथ-साथ देश को महफूज रखने वाले जांबाज राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किन कठिनाइयों और खतरों का सामना करते हैं। बता दें कि कारगिल युद्ध के दौरान बटालिक मुख्य युद्धक्षेत्रों में एक था। समुद्र तल से 10,000 फीट से अधिक की ऊंचाई पर स्थित बटालिक, कारगिल, लेह और बाल्टिस्तान के बीच अपनी रणनीतिक अहमियत कारण कारगिल युद्ध का केंद्र बिंदु था। सिंधु नदी घाटी का यह छोटा सा गांव अब एक प्रमुख पर्यटक आकर्षण भी बन चुका है।
सैनिकों को नमन: वायुसेना ने वीडियो संदेश जारी किया
भारतीय वायु सेना ने कारगिल विजय दिवस के मौके पर 1999 के युद्ध में शामिल रहे सैनिकों और बलिदानी वीर योद्धाओं को भावभीनी श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशेष वीडियो संदेश जारी किया। दो मिनट आठ सेकेंड के इस वीडियो में कारगिल की चोटियों के साथ-साथ समरभूमि की कई झलकियां दिखाई गई हैं। वायुसेना ने कहा है कि सैनिकों का साहस, बलिदान और अटूट संकल्प कृतज्ञ और एकजुट राष्ट्र को प्रेरित करता रहेगा।
Indian Air Force tweets, "The Indian Air Force pays heartfelt tribute to the valiant Warriors of the Kargil War. Their courage, sacrifice, and unwavering resolve continue to inspire a nation united in gratitude."
— ANI (@ANI) July 26, 2025
Visuals Source: IAF/'X' pic.twitter.com/QyjEtnvp2S
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कारगिल के बलिदानियों को याद करते हुए एक्स पर लिखा;
1999 में पाकिस्तान की हिमाकत के बाद भारतीय सेना ने जिस तरह का जवाब दिया, उसे याद कर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने आज कारगिल विजय दिवस पर कहा कि सैनिकों का समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को हमेशा प्रेरित करता रहेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा;कारगिल विजय दिवस के अवसर पर मैं मातृभूमि के लिए प्राण न्योछावर करने वाले वीर सैनिकों को श्रद्धांजलि अर्पित करती हूं। यह दिवस हमारे जवानों की असाधारण वीरता, साहस एवं दृढ़ संकल्प का प्रतीक है। देश के प्रति उनका समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देशवासियों को सदैव प्रेरित करता रहेगा।
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 26, 2025
जय…
कारगिल में हुई लड़ाई में 26 साल पहले भारत की मिली विजय का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीर सपूतों को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का श्रोत बताया।
कारगिल के बलिदानियों को रक्षा मंत्री ने दी श्रद्धांजलिदेशवासियों को कारगिल विजय दिवस की ढेरों शुभकामनाएं। यह अवसर हमें मां भारती के उन वीर सपूतों के अप्रतिम साहस और शौर्य का स्मरण कराता है, जिन्होंने देश के आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मातृभूमि के लिए मर-मिटने का उनका जज्बा हर पीढ़ी को प्रेरित करता रहेगा। जय…
— Narendra Modi (@narendramodi) July 26, 2025
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी वीर सपूतों के बलिदान को नमन किया। उन्होंने एक्स हैंडल पर एक पोस्ट में लिखा, 'कारगिल विजय दिवस पर, मैं उन वीरों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं जिन्होंने अत्यंत कठिन परिस्थितियों में भी देश के सम्मान की रक्षा में असाधारण साहस, धैर्य और दृढ़ संकल्प का परिचय दिया। कारगिल युद्ध के दौरान उनका सर्वोच्च बलिदान हमारे सशस्त्र बलों के अटूट संकल्प की चिरस्थायी याद दिलाता है। भारत उनकी सेवा का सदैव ऋणी रहेगा।'
राष्ट्रीय समर स्मारक पर प्राण न्योछावर करने वाले सपूतों को नमन कियाOn Kargil Vijay Diwas, I pay heartfelt tributes to our bravehearts who displayed extraordinary courage, grit and determination in defending our nation's honour in the toughest of terrains. Their supreme sacrifice during Kargil war is a timeless reminder of the unwavering resolve…
— Rajnath Singh (@rajnathsingh) July 26, 2025
रक्षा मंत्री अमित शाह ने कृतज्ञ देश की तरफ से सर्वोच्च बलिदान देने वाले सपूतों की याद में बने राष्ट्रीय समर स्मारक जाकर वतन की आन पर अपने प्राण न्योछावर करने वाले सैनिकों को नमन किया।
#WATCH | Kargil Vijay Diwas | Delhi: Defence Minister Rajnath Singh lays wreath at the National War Memorial to pay tribute to those who laid down their lives in the line of duty during the Kargil War in 1999. Chief of Defence Staff, Chief of Air Staff, Chief of Naval Staff, and… pic.twitter.com/sW0w84oqS2
— ANI (@ANI) July 26, 2025
सेना के तीनों अध्यक्षों ने भी बलिदानी सपूतों को श्रद्धांजलि दी
भारतीय सेना के तीनों विंग- नौसेना, थल सेना और वायुसेना के सैन्य अधिकारियों ने भी बलिदानी सैनिकों को राष्ट्रीय समर स्मारक पर श्रद्धांजलि दी। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान, थल सेना उपाध्यक्ष (वाइस चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ) लेफ्टिनेंट जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, चीफ ऑफ एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह और चीफ ऑफ नेवल स्टाफ एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी ने 1999 में कारगिल युद्ध के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले सपूतों को नमन किया।
#WATCH | Kargil Vijay Diwas | Delhi: Chief of Defence Staff Gen Anil Chauhan, Vice Chief of Army Staff Lt Gen N. S. Raja Subramani, Chief of Air Staff Air Chief Marshal AP Singh, and Chief of Naval Staff Admiral Dinesh K Tripathi pay tributes to those who laid down their lives in… pic.twitter.com/ZBIhQ0jO6Q
— ANI (@ANI) July 26, 2025
गृह मंत्री अमित शाह ने कारगिल के बलिदानियों को याद कर लिखा;
आज से 26 साल पहले पाकिस्तान के दुस्साहस पर मुंहतोड़ जवाब देने वाले भारत के पराक्रमी सपूतों को याद कर गृह मंत्री अमित शाह ने लिखा, ऑपरेशन विजय दुश्मनों को घुटनों पर लाने की अमिट मिसाल है।
कांग्रेस ने भी कारगिल के बलिदानियों को नमन किया'कारगिल विजय दिवस’ देश के वीर जवानों के गौरव और विजयगाथा का अविस्मरणीय दिन है। वर्ष 1999 में हमारे जवानों ने ‘ऑपरेशन विजय’ से दुश्मनों को घुटनों पर ला कर, अदम्य साहस व पराक्रम की अमिट मिसाल पेश की। कारगिल विजय दिवस के अवसर पर उन सभी शूरवीरों को श्रद्धांजलि अर्पित करता हूँ,… pic.twitter.com/25DZKUemd0
— Amit Shah (@AmitShah) July 26, 2025
कृतज्ञ देश की तरफ से राष्ट्राध्यक्षों समेत कांग्रेस पार्टी ने भी कारगिल विजय दिवस पर बलिदानियों को याद किया। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक्स हैंडल पर लिखा, 'हम अपने सशस्त्र बलों के बहादुर सैनिकों, पूर्व सैनिकों, उनके परिवारों समेत सभी देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हैं। उनका अदम्य साहस और वीरता हमेशा पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। जय हिंद।' लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी भारतीय सेना के शौर्य और बलिदान को नमन किया।
समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के साथ देश सेवा करने का आह्वान
कारगिल विजय दिवस पर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल अनिल चौहान ने भारतीय सशस्त्र बलों के सभी अधिकारियों, सेवानिवृत्त सैनिकों, सैनिकों के परिजनों समेत बलिदानी परिवारों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। सीडीएस ने एक विशेष संदेश में लिखा, 'कारगिल विजय दिवस पर हमारे बहादुरों को सलाम! उनका अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान हमें हमेशा प्रेरित करता रहेगा। आइए, समर्पण और राष्ट्रीय गौरव के साथ अपने देश की सेवा करके उनकी विरासत का सम्मान करें। बहादुर सैनिक भारत की संप्रभुता और अखंडता हमेशा सुरक्षित रखेंगे।