{"_id":"5c46fd0ebdec2273a0324cfc","slug":"kapil-sibal-press-conference-on-joining-evm-hacking-program-in-london","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"लंदन में ईवीएम हैकिंग आयोजन में शामिल होने पर सिब्बल की दिल्ली में सफाई","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
लंदन में ईवीएम हैकिंग आयोजन में शामिल होने पर सिब्बल की दिल्ली में सफाई
Tue, 22 Jan 2019 04:52 PM IST
Anupam Prasun
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Anupam Prasun
Updated Tue, 22 Jan 2019 04:52 PM IST
विज्ञापन
Kapil Sibal
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
लंदन में ईवीएम हैकिंग आयोजन में शामिल होने पर अब कपिल सिब्बल ने दिल्ली में प्रेस कांफ्रेंस करके सफाई दी है। सिब्बल ने कहा कि वह किसी निजी काम से लंदन गए हुए थे। साथ ही कहा कि मुझे प्रोग्राम में बुलाया गया तो मैं चला गया। उन्होंने कहा कि ईवीएम का मुद्दा देश के भविष्य से जुड़ा है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आशीष रे का ईमेल भी आया था।कपिल सिब्बल ने कहा कि आयोजक आशीष रे को वह पहले से जानते हैं।
सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा कि जो आरोप उसने (शुजा) लगाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। उच्चतम न्यायालय और कानून कहता है कि प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो यह पता करना जरूरी है कि आरोप सही हैं या नहीं। अगर आरोप गलत हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करिए। अगर आरोप सही हैं तो यह बहुत गंभीर चीज है। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा है। मुद्दा यह है कि क्या ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। यह भारत के लोकतंत्र के अस्तित्व से संबंधित मुद्दा भी है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सैयद शुजा नामक शख्स ने सोमवार को लंदन में स्काइप के जरिए संवाददाता सम्मेलन किया और दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम हैक की गई थीं। उसने कहा कि अपनी टीम के कुछ सदस्यों की हत्या किए जाने के बाद वह भयभीत महसूस कर रहा था इसलिए 2014 में भारत से भाग आया था।
उधर भाजपा ने सिब्बल पर हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि यह सारा कार्यक्रम कांग्रेस की तरफ से प्रायोजित था। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लंदन में बैठकर भारतीय लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है।
बता दें कि लंदन में भारतीय मूल के एक अमेरिकी एक्सपर्ट ने ईवीएम हैकिंग का दावा कर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। एक्सपर्ट सैयद शुजा के मुताबिक दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने साल 2014 में ईवीएम की हैकिंग के लिए उनसे संपर्क किया था। सैयद के मुताबिक यही राज बाद में मुंडे की मौत का कारण भी बना।
कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से दूर जा रही है। तमाम बड़े देश फिर से बैलेट सिस्टम पर आ रहे हैं। केवल भारत, कांगो और अफ्रीका के कुछ देश ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि अब एक दो माह में बैलेट से चुनाव कराना संभव नहीं है, लेकिन वोटिंग प्रक्रिया को सुरक्षात्मक और भरोसेमंद बनाने के लिए वीवीपैट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आरजेडी के प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान में साफ और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें ईवीएम की रक्षा करने के लिए नही कहा गया है। ईवीएम केवल एक माध्यम है। इस तरह के खुलासों के बाद ईवीएम की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गई है। ऐसे में चुनाव आयोग को एक बार फिर बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए।
वहीं आप नेता अरविंद झा ने कहा कि ईवीएम की मूल डिजाइन में किसी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है। लेकिन इसका रखरखाव करने से लेकर अन्य किसी स्तर पर चिप लगाने के बाद इसमें छेड़छाड़ की जा सकती है। वहीं प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि ईवीएम से चुनाव कराने में कोई समस्या नहीं है लेकिन इसे वीवीपैट से जोड़ना अनिवार्य होना चाहिए।
विज्ञापन
Kapil Sibal, Congress on being present at an event in London claiming to demonstrate EVMs used by ECI can be tampered with: Indian Journalists Association London President Ashish Ray told me he has sent invitations to all political parties including BJP & also Election Commission pic.twitter.com/8lnEXK0Cl9
— ANI (@ANI) January 22, 2019विज्ञापन
सिब्बल ने संवाददाताओं से कहा कि जो आरोप उसने (शुजा) लगाए हैं, उनकी जांच होनी चाहिए। उच्चतम न्यायालय और कानून कहता है कि प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। अगर कोई आरोप लगा रहा है तो यह पता करना जरूरी है कि आरोप सही हैं या नहीं। अगर आरोप गलत हैं तो उसके खिलाफ कार्रवाई करिए। अगर आरोप सही हैं तो यह बहुत गंभीर चीज है। उन्होंने कहा कि यह स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का मुद्दा है। मुद्दा यह है कि क्या ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। यह भारत के लोकतंत्र के अस्तित्व से संबंधित मुद्दा भी है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सैयद शुजा नामक शख्स ने सोमवार को लंदन में स्काइप के जरिए संवाददाता सम्मेलन किया और दावा किया कि 2014 के लोकसभा चुनाव में ईवीएम हैक की गई थीं। उसने कहा कि अपनी टीम के कुछ सदस्यों की हत्या किए जाने के बाद वह भयभीत महसूस कर रहा था इसलिए 2014 में भारत से भाग आया था।
उधर भाजपा ने सिब्बल पर हमला बोला है। भाजपा ने कहा कि यह सारा कार्यक्रम कांग्रेस की तरफ से प्रायोजित था। भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद ने कहा कि कांग्रेस लंदन में बैठकर भारतीय लोकतंत्र की धज्जियां उड़ा रही है।
बता दें कि लंदन में भारतीय मूल के एक अमेरिकी एक्सपर्ट ने ईवीएम हैकिंग का दावा कर राजनीतिक तूफान खड़ा कर दिया है। एक्सपर्ट सैयद शुजा के मुताबिक दिवंगत भाजपा नेता गोपीनाथ मुंडे ने साल 2014 में ईवीएम की हैकिंग के लिए उनसे संपर्क किया था। सैयद के मुताबिक यही राज बाद में मुंडे की मौत का कारण भी बना।
उठा सियासी तूफान
इस खुलासे के बाद देश के तमाम राजनीतिक दलों ने एक बार फिर ईवीएम पर सवाल उठाना शुरू कर दिया है। विपक्ष की मांग है कि अगला लोकसभा चुनाव बैलेट पेपर से कराया जाए। वहीं, चुनाव आयोग ने ईवीएम हैकिंग को पूरी तरह खारिज कर दिया है और कहा है कि वह इस तरह की अफवाह उड़ाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पूरी दुनिया ईवीएम से दूर जा रही है। तमाम बड़े देश फिर से बैलेट सिस्टम पर आ रहे हैं। केवल भारत, कांगो और अफ्रीका के कुछ देश ईवीएम से चुनाव करा रहे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का मानना है कि अब एक दो माह में बैलेट से चुनाव कराना संभव नहीं है, लेकिन वोटिंग प्रक्रिया को सुरक्षात्मक और भरोसेमंद बनाने के लिए वीवीपैट का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
आरजेडी के प्रवक्ता मनोज कुमार झा ने कहा कि चुनाव आयोग को संविधान में साफ और निष्पक्ष चुनाव कराने की जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें ईवीएम की रक्षा करने के लिए नही कहा गया है। ईवीएम केवल एक माध्यम है। इस तरह के खुलासों के बाद ईवीएम की विश्वसनीयता संदेह के घेरे में आ गई है। ऐसे में चुनाव आयोग को एक बार फिर बैलेट पेपर के माध्यम से चुनाव कराने पर विचार करना चाहिए।
वहीं आप नेता अरविंद झा ने कहा कि ईवीएम की मूल डिजाइन में किसी तरह की छेड़छाड़ संभव नहीं है। लेकिन इसका रखरखाव करने से लेकर अन्य किसी स्तर पर चिप लगाने के बाद इसमें छेड़छाड़ की जा सकती है। वहीं प्रसिद्ध वकील प्रशांत भूषण ने कहा कि ईवीएम से चुनाव कराने में कोई समस्या नहीं है लेकिन इसे वीवीपैट से जोड़ना अनिवार्य होना चाहिए।
भाजपा ने किया इनकार
वहीं, भाजपा ने ईवीएम की हैकिंग की बात को पूरी तरह से मनगढ़ंत करार देते हुए खारिज किया है। बीजेपी की आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने कहा कि लंदन में जो भी दावे किये गए हैं, वे बेसिर पैर के हैं और बात को साबित करने के लिए एक भी सबूत नहीं रखे गए हैं। इसी से साबित हो जाता है कि यह चुनाव के समय सनसनी फैलाने की गलत कोशिश है।
मालवीय ने कहा कि ईवीएम पर जब शंकाएं खड़ी की गई थीं, तब चुनाव आयोग ने हैकेथान प्रतियोगिता का आयोजन किया था। लेकिन विपक्ष का एक भी नेता उस समय ईवीएम को हैक करने के लिए नहीं पहुंचा। इसी से साबित होता है कि विपक्ष के पास सनसनी फैलाने के अलावा कहने के लिए कुछ नहीं है।
मालवीय ने कहा कि ईवीएम पर जब शंकाएं खड़ी की गई थीं, तब चुनाव आयोग ने हैकेथान प्रतियोगिता का आयोजन किया था। लेकिन विपक्ष का एक भी नेता उस समय ईवीएम को हैक करने के लिए नहीं पहुंचा। इसी से साबित होता है कि विपक्ष के पास सनसनी फैलाने के अलावा कहने के लिए कुछ नहीं है।
कांग्रेस ने मांग दोहराई
वहीं, इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की हैकिंग संबन्धी एक साइबर विशेषज्ञ के दावे को लेकर कांग्रेस ने मंगलवार को फिर कहा कि आगामी लोकसभा चुनाव में वीवीपैट की कम से कम 50 फीसदी पर्चियों का मिलान सुनिश्चित किया जाए। पार्टी ने केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद के आरोपों को खारिज करते हुए यह भी कहा कि लंदन के हैकथॉन में कपिल सिब्बल की मौजूदगी से कांग्रेस का कोई संबंध नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता आनंद शर्मा ने संवाददाताओं से कहा, ईवीएम को लेकर तमाम विपक्षी दलों ने अपनी आशंका जताई है। इस संदर्भ में चुनाव आयोग को ज्ञापन भी दिया गया था। मांग की गई थी कि मत पत्र से दोबारा चुनाव कराए जाएं। कई देश ईवीएम से फिर मत पत्र की तरफ लौटे हैं। उन्होंने कहा कि हमारी मांग यह है कि चुनाव आयोग यह सुनिश्चित कराए कि वीवीपीएटी की 50 फीसदी पर्चियों का मिलान कराया जाए। शर्मा ने प्रसाद के आरोप को खारिज करते हुए कहा कि रविशंकर प्रसाद जी खुशफहमी में हैं। इस सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। इनकी विदाई निश्चित है।
उन्होंने कहा कि हम मत पत्र की मांग पर कायम हैं। लेकिन समय कम है। इसलिए 50 फीसदी पर्चियों को मिलाना सुनिश्चित किया जाएं। दरअसल, भाजपा नेता प्रसाद ने आरोप लगाया कि लंदन में आयोजित हैकथॉन को कांग्रेस समर्पित लोगों ने आयोजित किया था और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल उसकी मॉनिटरिंग के लिए वहां गए थे।