{"_id":"5c3a0792bdec227351391b67","slug":"kamal-nath-apologizes-to-teacher-who-makes-objectionable-comment-against-chief-minister","type":"story","status":"publish","title_hn":"मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक को कमलनाथ ने किया माफ, निलंबन खत्म","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
मुख्यमंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाले शिक्षक को कमलनाथ ने किया माफ, निलंबन खत्म
Sat, 12 Jan 2019 09:02 PM IST
Avdhesh Kumar
भाषा, भोपाल
भाषा, भोपाल
Published by: Avdhesh Kumar
Updated Sat, 12 Jan 2019 09:02 PM IST
विज्ञापन
Kamalnath
- फोटो : social media
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ के निर्देश पर उनके खिलाफ आपत्तिजनक टिपण्णी करने वाले प्रधानाध्यापक का निलंबन आदेश जिला कलेक्टर जबलपुर द्वारा वापस ले लिया गया है। इससे पहले शासकीय कनिष्ठ बुनियादी माध्यमिक शाला राईट टाऊन, जबलपुर के प्रधानाध्यापक मुकेश तिवारी को मुख्यमंत्री कमलनाथ के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाला वीडियो वायरल होने के बाद जबलपुर की जिला कलेक्टर, छवि भारद्वाज ने शुक्रवार को सिविल सेवा आचरण नियम के उल्लंधन के मामले में निलंबित करने का आदेश जारी किया था।
इस मामले में शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘‘मुझे अभी ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के जबलपुर में एक शासकीय स्कूल में पदस्थ एक प्राध्यापक द्वारा एक बैठक में मेरा नाम लेकर डाकू शब्द कहे जाने का वीडियो सामने आने पर वहां के जिला प्रशासन ने शिकायत मिलने पर उन्हें सिविल सेवा आचरण नियम के तहत निलंबित किया है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, मेरा ऐसा मानना है। मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूं।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सही है कि शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए उनका यह आचरण नियमों का उल्लंघन हो सकता है, इसलिये उन पर निलंबन की कार्यवाही की गयी है। लेकिन में यह सोचता हूं कि इन्होंने इस पद पर आने के लिये कितने वर्षों तक तपस्या, मेहनत की होगी। पूरा परिवार उन पर आश्रित होगा। निलंबन की कार्यवाही से इन्हें परेशानियो से गुजरना पड़ सकता है।
विज्ञापन
कमलनाथ ने कहा, ‘‘एक मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी से इन पर निलंबन की कार्यवाही की जाये, यह नियमों के हिसाब से सही हो सकता है लेकिन में व्यक्तिगत रूप से इन्हें माफ करना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता हूं कि इन पर कोई कार्यवाही हो। एक शिक्षक का काम होता है, समाज का नवनिर्माण करना। विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देना। उम्मीद करता हूं कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर ध्यान देंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिये है कि इनका निलंबन अविलंब समाप्त हो। इन पर कोई कार्यवाही ना की जाये। वह खुद तय करें कि जो इन्होंने जनता की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री के लिये जो कहा है, क्या वह सही है।
कमलनाथ ने कहा, ‘‘शिक्षक ने यह भी कहा है कि पिछले 14 वर्षों में सेवा भारती को प्रताड़ित किया गया है। अपनों ने हमें परेशान किया। मैं इन्हें बस इतना विश्वास दिलाता हूं कि हमें गैर ना समझे। हम बदले की भावना से कोई भी कार्य नहीं करेंगे और ना ही अपनों की तरह आपको प्रताड़ित करेंगे।’’
इस बीच जिला प्रशासन जबलपुर ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षक को निलंबित करने का आदेश वापस ले लिया है। कलेक्टर भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक द्वारा इस मामले में कारण बताओं नोटिस के जवाब में मांफी मांगे जाने और इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक को माफ करने के निर्देश दिये गये हैं। इसलिये शिक्षक का निलंबन समाप्त कर दिया गया है।
विज्ञापन
इस मामले में शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने बयान जारी करते हुए कहा, ‘‘मुझे अभी ज्ञात हुआ है कि प्रदेश के जबलपुर में एक शासकीय स्कूल में पदस्थ एक प्राध्यापक द्वारा एक बैठक में मेरा नाम लेकर डाकू शब्द कहे जाने का वीडियो सामने आने पर वहां के जिला प्रशासन ने शिकायत मिलने पर उन्हें सिविल सेवा आचरण नियम के तहत निलंबित किया है। लोकतंत्र में अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता सभी को है, मेरा ऐसा मानना है। मैं सदैव इसका पक्षधर रहा हूं।’’
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भी सही है कि शासकीय सेवा में पदस्थ रहते हुए उनका यह आचरण नियमों का उल्लंघन हो सकता है, इसलिये उन पर निलंबन की कार्यवाही की गयी है। लेकिन में यह सोचता हूं कि इन्होंने इस पद पर आने के लिये कितने वर्षों तक तपस्या, मेहनत की होगी। पूरा परिवार उन पर आश्रित होगा। निलंबन की कार्यवाही से इन्हें परेशानियो से गुजरना पड़ सकता है।
विज्ञापन
कमलनाथ ने कहा, ‘‘एक मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी से इन पर निलंबन की कार्यवाही की जाये, यह नियमों के हिसाब से सही हो सकता है लेकिन में व्यक्तिगत रूप से इन्हें माफ करना चाहता हूं। मैं नहीं चाहता हूं कि इन पर कोई कार्यवाही हो। एक शिक्षक का काम होता है, समाज का नवनिर्माण करना। विद्यार्थियों को अच्छी शिक्षा देना। उम्मीद करता हूं कि वे भविष्य में अपने कर्तव्यों पर ध्यान देंगे।’’
मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने जिला प्रशासन को निर्देश दिये है कि इनका निलंबन अविलंब समाप्त हो। इन पर कोई कार्यवाही ना की जाये। वह खुद तय करें कि जो इन्होंने जनता की चुनी हुई सरकार के मुख्यमंत्री के लिये जो कहा है, क्या वह सही है।
कमलनाथ ने कहा, ‘‘शिक्षक ने यह भी कहा है कि पिछले 14 वर्षों में सेवा भारती को प्रताड़ित किया गया है। अपनों ने हमें परेशान किया। मैं इन्हें बस इतना विश्वास दिलाता हूं कि हमें गैर ना समझे। हम बदले की भावना से कोई भी कार्य नहीं करेंगे और ना ही अपनों की तरह आपको प्रताड़ित करेंगे।’’
इस बीच जिला प्रशासन जबलपुर ने मुख्यमंत्री के निर्देश पर शिक्षक को निलंबित करने का आदेश वापस ले लिया है। कलेक्टर भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक द्वारा इस मामले में कारण बताओं नोटिस के जवाब में मांफी मांगे जाने और इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षक को माफ करने के निर्देश दिये गये हैं। इसलिये शिक्षक का निलंबन समाप्त कर दिया गया है।