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Kala Jatheri Marriage: भारतीय संविधान की खूबियां देखिए, जो देता है खूंखार अभियुक्तों को भी उनके अधिकार

Wed, 13 Mar 2024 02:19 PM IST
Shashidhar Pathak शशिधर पाठक
Updated Wed, 13 Mar 2024 02:19 PM IST
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सार
एडवोकेट अशोक सिंह कहते हैं कि विवाह करना हिंदू विवाह अधिनियम और भारतीय नागरिक के मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आता है। इसलिए अदालत ने कानून के दायरे में संदीप उर्फ काला जठेड़ी को विवाह की अनुमति दी। लेकिन इसके बाद उसका पत्नी के साथ रहना या सहवास के लिए अनुमति आदि मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं आता...
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Kala Jatheri Marriage: See the merits of the Indian Constitution, which gives rights to the gangsters
काला जठेड़ी और अनुराधा चौधरी की शादी - फोटो : Agency

विस्तार

दिल्ली के द्वारका में स्थित संतोष गार्डन बैंक्वेट हाल में मंगलवार को एक हाई प्रोफाइल शादी हुई। दोपहर 12 बजे मुहूर्त था। सुबह 9.30 बजे पर ही अपराध के दुनिया की कुख्यात दुल्हन अनुराधा चौधरी उर्फ मैडम मिंज काली स्कार्पियो खुद चलाकर पहुंच गईं। मैडम मिंज ने मेहमानों की सूची को बारीकी से परखा। 10.30 बजे 76 और इनमें से कई जघन्य अपराध से जुड़े मामलों में वांछित, 7 लाख रुपये का ईनामी संदीप उर्फ काला जठेड़ी को दिल्ली पुलिस लेकर आई। तय मुहूर्त पर दोनों परिणय सूत्र में बंधे। कड़ी सुरक्षा में पुलिस लेकर संदीप को तिहाड़ लौटी और राहत की सांस ली। 13 मार्च को फिर उसे (संदीप) लेकर अनुराधा के साथ शादी के बाद की रस्में पूरी कराने के लिए उसके सोनीपत के गांव काला जठेड़ी जाएगी। यही भारतीय कानून और उसकी अनुपालना करने वाली अदालत की खूबी भी है।

शादी और शादी के हाल जानने के लिए संवाददाता ने द्वारका तक का सफर तय किया। संतोष गार्डन के आस-पास सुरक्षा के अभूतर्पू इंतजाम। एक से अधिक राज्यों की पुलिस और संख्या भी कोई 250-300 के आस-पास। पुलिस की चौकस निगाह, सतर्कता और तैयारी में हर अनहोनी से निपटने की कूवत साफ दिखाई दे रही थी। सूत्र बताते हैं कि चार स्तर की सुरक्षा और जमीन से लेकर आसमान तक की निगहबानी में कुख्यात अपराधी जोड़े को विवाह के बंधन में बंधने का सुरक्षित अवसर मिला। पुलिस के जवान हर मेहमान का आधार कार्ड और पहचान पत्र चेक कर रहे थे। इसके बाद अंदर घुसे मेहमानों को पुलिस का दूसरा जांच का घेरा परख रहा था। दिल्ली में गैंगवार और गैंग के खूंखार कारनामों से परिचित पुलिस ने सुरक्षा के तीसरे घेरे में हर किसी को मेटल डिटेक्टर से गुजारा। इसके बाद चौथा घेरा भी था। यहां पुलिस विवाह स्थल के भीतर चप्पे-चप्पे पर मौजूद थी। छतों से निगहबानी कर रही थी। ताकि कोई अप्रिय घटना न घट जाए।

अदालत ने छह घंटे का ही दिया था समय

12 मार्च 2024 को संदीप उर्फ काला जठेड़ी तथा उससे प्यार करने वाली लेड़ी डॉन अनुराधा चौधरी ने विवाह बंधन में बंधने का फैसला किया। अदालत से इजाजत मांगी। अदालत ने छह घंटे का समय (10 बजे से 4 सायं बजे तक) मुकर्रर कर विवाह की इजाजत दे दी। तिहाड़ जेल में बंद संदीप के लिए उसके वकील ने 7 किमी दूर संतोष गार्डन को बुक कराया और निधारित समय पर रस्म पूरी कराकर सुरक्षा बलों ने राहत की सांस ली।

क्या आगे मैडम मिंज के साथ रहने की भी अनुमति देगी अदालत?

एडवोकेट अशोक सिंह कहते हैं कि विवाह करना हिंदू विवाह अधिनियम और भारतीय नागरिक के मौलिक अधिकारों के अंतर्गत आता है। इसलिए अदालत ने कानून के दायरे में संदीप उर्फ काला जठेड़ी को विवाह की अनुमति दी। लेकिन इसके बाद उसका पत्नी के साथ रहना या सहवास के लिए अनुमति आदि मौलिक अधिकार की श्रेणी में नहीं आता। समाज में रहने के लिए समाज के योग्य भारतीय नागरिक के पास इसका चरित्र होना चाहिए। इसलिए यहां संदीप और उसकी नव विवाहिता अनुराधा को भारतीय कानून की इस पात्रता से गुजरना होगा। विवाह की अनुमति देकर अदालत ने उन्हें सुधरने का एक अवसर भी दिया है। संदीप का चाल चलन यहां महत्वपूर्ण होगा। एडवोकेट अशोक सिंह कहते हैं कि संदीप कई अपराधिक मामलों का आरोपी है। इसलिए अदालत उससे पीड़ित पक्ष के मानवीय अधिकार, मौलिक अधिकार, न्याय पाने के सिद्धांत की भी अनुपालना करेगी। जो भी होगा, वह कानून के दायरे में होगा।

इसमें छुपी संविधान और कानून की खूबी

हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अशोक सिंह इसे भारतीय संविधान और कानून की खूबी मानते हैं। अशोक सिंह कहते हैं कि संदीप उर्फ काला जठेड़ी और उसकी पत्नी बन चुकी अनुराधा उर्फ मिंज को अभी अदालत ने सजा नहीं दी है। दोनों कई मामलों में वांछित हैं। इसलिए अभी अपराधी कहना ठीक नहीं। अशोक सिंह कहते हैं कि काला जठेड़ी और अनुराधा को शादी की अनुमति देना, इस कार्यक्रम को पूरा करने के लिए पुलिस की अभिरक्षा में इजाजत देना भारतीय अदालत का खूबसूरत फैसला है। अदालत ने यहां न केवल संदीप और अनुराधा के संविधान में प्रदत्त मूल (मौलिक) अधिकारों का संरक्षण किया है, बल्कि इन दोनों दंपतियों से पीड़ित परिवारों के मौलिक अधिकारों का भी संरक्षण किया है। अदालत ने संदीप को जमानत नहीं दी है, बल्कि उसे शादी और उसकी रस्म को पूरा करने की अनुमति दी है। अशोक सिंह का कहना है कि संविधान में भारतीय नागरिक के स्वतंत्रता का अधिकार है। भारतीय नागरिकों को इसके साथ कुछ और भी अधिकार मिले हैं। इसलिए अदालत ने संदीप और अनुराधा को विवाह से वंचित नहीं किया। लेकिन वह भगोड़ा न हो जाए या फिर उसके दुश्मन उस पर हमला न कर दें अथवा उसके कृत्य से दु:खी, पीड़ित लोग समारोह में भंग न डाल दें, इसलिए अदालत ने समय और पूरी प्रक्रिया को सुरक्षा बलों की निगरानी में संपन्न कराने का आदेश दिया। सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता का कहना है कि ऐसा उदाहरण और इतनी मजबूत लोकतांत्रिक व्यवस्था दुनिया के गिने चुने देशों में ही है। भारत इसमें शीर्ष पर है। अशोक सिंह कहते हैं कि आपको याद होगा। सुप्रीम कोर्ट ने रात में फांसी की सजा प्राप्त मुंबई बम धमाके के अभियुक्त याकूब मेनन की अपील पर सुनवाई करके उसे खुद को निर्दोष साबित करने का अंतिम अवसर तक दिया था। सर्वोच्च अदालत की यहां मंशा खुद के द्वारा भूल की किसी संभावना को भी देखना था। ऐसा उदाहरण भी केवल भारतीय संविधान पर चलने वाली भारतीय न्याय पालिका में ही मिलना संभव है।

कौन है संदीप और लेडी डॉन के नाम से कुख्यात अनुराधा?

गैंगस्टर संदीप उर्फ काला सोनीपत के जठेड़ी गांव का रहने वाला है। यहीं से अपराध की दुनिया में उसे संदीप उर्फ काला जठेड़ी नाम से जाना जाता है। पुलिस रिकार्ड पर जाएं तो उसके खिलाफ 29 सितंबर 2004 को पहला मुकदमा समयपुर बादली, दिल्ली थाने में दर्ज हुआ। बताते हैं उस दौर में काला जठेड़ी अपने खर्चे पूरे करने के लिए मोबाइल फोन की झपटमारी, लूट-पाट को अंजाम देता था। लेकिन पुलिस की पहली गिरफ्तारी, जेल जाना और लौटने के बाद उसने अपराध की दुनिया में पीछे मुड़कर नहीं देखा। कहा तो यहां तक जाता है कि लारेंस बिश्नोई से उसके ताल्लुकात हो गए थे। उसके गैंग को ऑपरेट करता था। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, पंजाब में एक से एक खतरनाक मंसूबे को अंजाम दे रहा था। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि संदीप की गिनती 7 लाख रुपये के इनामी बदमाशों में होती है। इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। उसके ऊपर 76 के करीब मामले विचाराधीन हैं।

गैंगस्टर अनंगपाल से संबंध रखने वाली अनुराधा चौधरी उर्फ मैडम मिंज अपराध की दुनिया में जाना पहचाना नाम है। अनंगपाल की मुठभेड़ में मौत होने के बाद अनुराधा का नाम काफी समय से संदीप उर्फ काला जठेड़ी से जुड़ा है। राजस्थान के सीकर में अल्फासर गांव की अनुराधा के पिता सरकारी मुलाजिम रहे। अनुराधा बीसीए, एमबीए है। फर्राटेदार अंग्रेजी बोलती है। प्लानिंग की मास्टर और तकनीक को समझती है। अनुराधा की पहली शादी संदीप मिंज से हुई। नाम मिला मैडम मिंज। बाद में राजस्थान के गैंगस्टर अनंगपाल से नजदीकी मिली। संदीप मिंज दूर हो गए। अनंगपाल के पास यह नजदीकी काला जठेड़ी से हो गई। पुलिस के सूत्र बताते हैं कि जठेड़ी के संपर्क में आने से पहले वह लारेंस बिश्नोई गैंग के लिए काम करती थी और वहीं उसके संपर्क में संदीप उर्फ काला जठेड़ी आया था।    

 

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