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कैराना: प्रशासन ने लगाई निर्भय यात्रा पर रोक, संगीत सोम ने कहा जरूर जाऊंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, मेरठ
Updated Fri, 17 Jun 2016 11:19 AM IST
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संगीत सोम ने दिया विवादित बयान।
- फोटो : अमर उजाला
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पलायन मामले को लेकर सुर्खियों में आया यूपी का कैराना 'जंग का मैदान' बनता नजर आ रहा है। कैराना तक निर्भय यात्रा निकालने का ऐलान कर चुके भाजपा विधायक संगीत सोम और इसके जवाब में सद्भावना यात्रा निकालने वाले सपा नेता अतुल प्रधान के टकराव को देखते हुए प्रशासन ने दोनों की यात्राओं पर रोक लगा दी है। हालांकि दोनों नेता ही अपनी-अपनी यात्रा निकालने पर अड़े हुए हैं। संगीत सोम ने कहा है कि वे कैराना जरूर जाएंगे। तनाव की आशंका को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
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भाजपा और सपा के नेताओं की प्रतिद्वंद्विता ने यहां पुलिस-प्रशासन के सामने परेशानी खड़ी कर दी है। उधर, भाजपा विधायक की निर्भय यात्रा की घोषणा के बाद सपा के अतुल प्रधान द्वारा सद्भावना यात्रा के एलान के पीछे कहीं न कहीं पुलिस-प्रशासन पर भी सवाल उठ रहे हैं।
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विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम अभी तय नहीं हुआ है। लेकिन, उत्तर प्रदेश में माहौल पूरी तरह गरमाना शुरू हो चुका है। इनमें सरधना विधानसभा का चुनावी पारा पिछले कई माह से चढ़ा हुआ है। विधायक संगीत सोम और सपा प्रत्याशी अतुल प्रधान में जनता के बीच चेहरा बनाए रखने की होड़ लगी है।
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जिस गांव में विधायक संगीत सोम ने कार्यक्रम रखा, अतुल ने भी उस गांव में उसी दिन अपनी सभा की। इस सियासी होड़ में अब कैराना प्रकरण भी शामिल हो गया है। बुधवार को ठा. संगीत सोम ने निर्भय पद यात्रा का एलान किया तो बृहस्पतिवार को सपा नेता अतुल प्रधान ने सद्भावना यात्रा निकालने की घोषणा कर दी। संगीत सोम ने सरधना से यात्रा शुरू करने की बात कही तो अतुल ने भी सरधना से ही यात्रा का कार्यक्रम तय किया।
दोनों को नहीं मिली अनुमति
दोनों ही नेताओं का कद पुलिस-प्रशासन की नजरों में बड़ा है। एक विधायक हैं तो दूसरे सत्ता के करीबी। ऐसे में पुलिस-प्रशासन के सामने दोनों को रोकना किसी चुनौती से कम नहीं है। दोनों का ही दावा है कि वह पुलिस-प्रशासन को यात्रा के बारे में सूचित कर चुके हैं। इसलिए अनुमति की जरूरत नहीं है। वहीं, पुलिस-प्रशासन का कहना है कि इस तरह की किसी भी पद यात्रा के लिये अनुमति नहीं दी गई है।
हो सकता है टकराव
संगीत सोम और अतुल प्रधान के बीच अदावत पांच साल से चली आ रही है। दोनों कई मौकों पर एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी के साथ कई मुद्दों पर आमने-सामने आ चुके हैं। ऐसे में इस बार जब दोनों ही तरफ से सरधना में कैराना कूच के लिए भीड़ जुटेगी तो प्रशासन के लिए सिरदर्द बढ़ रहा है।
पुलिस-प्रशासन का इशारा तो नहीं
अतुल ने जिस तरह सद्भावना यात्रा का एलान किया, उसके पीछे पुलिस-प्रशासन की नीति भी नजर आ रही है। क्योंकि सीधे संगीत सोम को रोकना पुलिस-प्रशासन के लिए बड़ा सिरदर्द बन सकता था। ऐसे में सरधना में अतुल को रोककर पुलिस-प्रशासन के पास संगीत सोम को रोकने का सीधा तर्क होगा। इसी कारण इस यात्रा की घोषणा के पीछे पुलिस-प्रशासन की नीति होने की भी चर्चा है।