आखिर भारत को कौन सा संदेश दे रहे हैं चीनी राष्ट्रपति? वार्ता से पहले पाक को बताया अटूट दोस्त
- शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी के साथ होगी अनौपचारिक बैठक
- भारत के साथ द्विपक्षीय, क्षेत्रीय, अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर होगी चर्चा
- भारत आपसी सहयोग, सीमा विवाद पर समझ, द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन, आतंकवाद के विरुद्ध सहयोग पर आश्वस्त
- कोई संयुक्त बयान, वक्तव्य या घोषणा होने की योजना नहीं
विस्तार
राष्ट्रपति जिनपिंग ने दिया भारत को संदेश!
चीनी राष्ट्रपति ने भारत रवाना होने से ठीक दो दिन पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से बीजिंग के सरकारी अतिथिगृह में भेट की। इस दौरान दोनों नेताओं ने जम्मू-कश्मीर को लेकर भी चर्चा की है। बीजिंग से आ रही खबरों के मुताबिक इस दौरान राष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री इमरान खान को पाकिस्तान के साथ अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय बदलाव के बाद भी चीन की दोस्ती चट्टान की तरह अटूट रहने का भरोसा दिया है। हालांकि चीनी राष्ट्रपति ने पाकिस्तान को भारत के साथ कश्मीर मुद्दे का समाधान आपसी सहमति से करने की सलाह दी है, लेकिन इसे चीन की एक दबाव की कूटनीति के तौर पर भी देखा जा रहा है।
चीन जम्मू-कश्मीर की वैधानिक स्थिति में बदलाव को लेकर लगातार अपनी नाराजगी जाहिर कर रहा है। समझा जा रहा है कि चीन के राष्ट्रपति के रुख से साफ है कि इस मुद्दे को लेकर भी दोनों देशों के शिखर नेताओं में विशेष बातचीत हो सकती है।
कश्मीर पर भारत की राय बिल्कुल स्पष्ट
जम्मू-कश्मीर को लेकर भारत की राय बिल्कुल स्पष्ट है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने इसे फिर दोहराया है। रवीश ने साफ कहा है कि जम्मू-कश्मीर राज्य को विशेष दर्ज देना या न देना, अनुच्छेद 370 हटाना भारत का आंतरिक मामला है। जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा (इंटीग्रल पार्ट) है। किसी भी दूसरे देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था को किसी देश के आंतरिक मामले में दखल नहीं देना चाहिए। इसी आधार पर भारत ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के कश्मीर पर मध्यस्थता के प्रस्ताव को भी साफ ठुकरा दिया। भारत ने पाकिस्तान के साथ हुए शिमला समझौते और लाहौर घोषणा पत्र का हवाला देते हुए कहा कि दोनों देश आपसी मुद्दे सुलझाने में सक्षम है और भारत इसके लिए तैयार है।
इसी के साथ भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान की जमीन से भारत विरोधी आतंकी संगठनों को प्रशिक्षण और संरक्षण मिलता है और वहां से घुसपैठ कराई जाती है। इसलिए जब तक पाकिस्तान आतंकवाद के खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं करता, भारत उसके साथ किसी तरह की शांति वार्ता का इच्छुक नहीं है।
राष्ट्रपति जिनपिंग से क्या है भारत को उम्मीद?
भारत और चीन के बीच में द्विपक्षीय व्यापार, सीमा विवाद, रक्षा क्षेत्र में सहयोग एवं समन्वय तथा लोगों से लोगों के बीच में समझ, कनेक्टिविटी बढ़ाने जैसे प्रमुख क्षेत्र में पहल चल रही है। दोनों ही देश ब्रिक्स (भारत, चीन ब्राजील, रूस, दक्षिण अफ्रीका) और रूस, चीन, भारत (आरआईसी) फोरम के सदस्य हैं। शंघाई सहयोग संगठन का भारत भी सदस्य है। भारत का हमेशा से मानना है कि चीन उसका महत्वपूर्ण सहयोगी पड़ोसी देश है। भारत इसी को आगे विस्तार देने में इच्छुक है। भारत और चीन के बीच में द्विपक्षीय व्यापार में असंतुलन, सीमा विवाद जैसे कुछ अहम मुद्दे भी हैं।
ऐसे में दोनों देशों की कोशिश इस तरह के गतिरोध को लगातार कम करने, आपसी समझ बढ़ाने, आपस में आवाजाही बढ़ाने, कनेक्टिविटी पर जोर देने की है। पिछले एक दशक से भारत और चीन आपस में विवाद या मतभेद या टकराव के स्थान पर एकरुपता और सहयोग को चिन्हित करके इस रास्ते पर चलने की थीम अपना रहे हैं। दोनों देशों के बीच में धीरे-धीरे सैन्य सहयोग को बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
आतंकवाद
भारत आतंकवाद पर चीन का सहयोग चाहता है। भारत चाहता है कि चीन इस मुद्दे पर उसे अपना समर्थन दे और आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में साथ आए। गौरतलब है कि चीन ने पाकिस्तान से चलने वाले आतंकी संगठनों में मामले में संयुक्त राष्ट्र में भी लगातार पाकिस्तान का साथ दिया है।
जम्मू-कश्मीर
भारत का स्पष्ट कहना है कि जम्मू-कश्मीर उसका अभिन्न, अविभाज्य हिस्सा है। राज्य की वैधानिक स्थिति में बदलाव, धारा 370 की समाप्ति या राज्य का विभाजन उसका आंतरिक मामला है। चीन को इसमें अपनी नाराजगी जाहिर करने या पाकिस्तान के प्रोपैगैंडा आधारित एजेंडे से बचना चाहिए। क्योंकि इसका असर दोनों देशों के संबंध पर पड़ता है।
सब ठीक हो जाएगा
राजनयिक सूत्रों का कहना है कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ राष्ट्रपति शी की भेंट के बाद सब ठीक हो जाएगा। उम्मीद यहां तक है कि दोनों देश आपसी सहयोग के रास्ते पर कुछ नई सहमति बना सकते हैं। कनेक्टिविटी के स्तर पर नया अध्याय शुरू करने पर सहमति बन सकती है। आर्थिक और व्यापार के क्षेत्र में भी दोनों देश एक दूसरे के लिए प्रगति का रास्ता खोलने की रणनीति पर काम कर सकते हैं।