जेपी नड्डा अध्यक्ष भले हों लेकिन अमित शाह का करिश्माई व्यक्तित्व बंगाल में डाल देता है जान
- तृणमूल कांग्रेस के गुंडा तत्वों को भाजपा में लेना है जरूरी : दिलीप घोष
- बोले, टीएमसी के गुंडे लेना मजबूरी, पार्टी की ताकत बढ़ाना है उद्देश्य
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का लक्ष्य बंगाल से लेकर तमिलनाडु तक भाजपा का परचम फहराना है। अमित शाह के करीबियों को भरोसा है कि पश्चिम बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी। उड़ीसा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के इस कार्यकाल के बाद वहां भी भाजपा सफलता के झंडे गाड़ेगी। इसके साथ-साथ केरल और तमिलनाडु में पार्टी के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझते हुए केंद्रीय गृहमंत्री ने नजर गड़ा दी है। चर्चा यह भी तेज हैं कि फिल्म अभिनेता से नेता बने रजनीकांत को भाजपा का चेहरा बनाकर शाह बड़ा दांव खेल सकते हैं। खैर, पहले बात बंगाल की।
अमित शाह के बंगाल जाते ही पार्टी में आ जाती है जान
पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष दिलीप घोष को अमर उजाला से विशेष बातचीत में कहने में हिचक नहीं है कि अमित शाह के कदम रखते ही पार्टी के नेताओं, कार्यकर्ताओं में नई जान आ जाती है। उन्हें तृणमूल कांग्रेस के दमन से सहने की ताकत मिल जाती है। दिलीप घोष कहते हैं कि जेपी नड्डा पार्टी के नए-नए अध्यक्ष बने हैं। अभी उन्हें समझने में थोड़ा समय लगेगा, लेकिन अमित शाह ने पांच साल तक राज्य पर ध्यान दिया है। इसलिए बंगाल में अब सबकुछ उनकी उंगलियों पर हैं। अभी हाल में जेपी नड्डा और शाह ने बंगाल में प्रवास किया था। घोष का कहना है कि राज्य में सत्ता परिवर्तन के लिए भाजपा, कार्यकर्ता और जनता सब तैयार हैं। उत्तर और दक्षिण बंगाल में काफी अच्छा करेंगे। कोलकाता में सब ठीक हो रहा है। बीरभूमि में सब ठीक करने के लिए फोकस बढ़ा दिया है।
तृणमूल के गुंडे भाजपा में नहीं आएंगे तो उनकी ताकत बनी रहेगी
प्रदेश भाजपा में पुराने नेता तृणमूल कांग्रेस के गुंडा तत्वों के शामिल होने से तंग हैं। उनका कहना है कि इससे पार्टी का मूल कैडर बिदक रहा है। इस सवाल के जवाब में दिलीप घोष कहते हैं कि हमारा लक्ष्य बंगाल में 200 सीट जीतना, पार्टी को आगे बढ़ाना है। घोष कहते हैं कि भाजपा के नेताओं, कार्यकर्ताओं को प्रताडि़त करने वालों को जब तक पार्टी में नहीं लाएंगे, तब तक उनकी तृणमूल में ताकत बनी रहेगी। ऐसे तत्व भाजपा में आने के बाद न्यूट्रल हो जाएंगे और तृणमूल कांग्रेस हमारे कार्यकर्ताओं, नेताओं को प्रताडि़त नहीं करा पाएगी। घोष कहते हैं कि इन नेताओं के आने के बाद न केवल तृणमूल कमजोर होगी, बल्कि उसमें भगदड़ मचेगी। उसके एमएलए और बड़े नेता भी भाजपा में आएंगे और पार्टी राज्य में चुनाव बाद सरकार बनाएगी।
दहशत के सहारे कदम रोकना चाहती हैं ममता, हमने खोए120 कार्यकर्ता
पश्चिमी बंगाल भाजपा अध्यक्ष का कहना है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य के पुलिस प्रशासन को हमारे पीछे लगा दिया है। चुनाव अभियान के रणनीतिकार प्रशांत किशोर ममता का चुनावी अभियान चला रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं की स्थिति यह है कि वह गिरफ्तार होते हैं, फिर जमानत लेकर बाहर आ जाते हैं और चुनाव अभियान में लग जाते हैं। दिलीप घोष का कहना है कि भाजपा ने अब तक 120 कार्यकताओं की शहादत झेली है। मेरे ऊपर खुद 35-40 झूठे मुकदमे चल रहे हैं। हमारे कार्यकर्ताओं को करीब 28 हजार फर्जी मुकदमों में फंसाया गया है। लेकिन अब धीरे-धीरे तृणमूल कांग्रेस से लोगों का डर खत्म हो रहा है।
ममता कहती हैं केंद्र बंगाल को कुछ नहीं देता
इस सवाल के जवाब में दिलीप घोष कहते हैं कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्र सरकार से कोई सहायता लेना ही नहीं चाहतीं, न ही पश्चिम बंगाल के लोगों को लेने देती हैं। पश्चिम बंगाल में न तो आयुष्मान भारत योजना लागू करने दी और न ही किसानों को 6000 रुपये का लाभ लेने दिया। हालत यह है कि पश्चिम बंगाल से उद्योग-धंधे आदि सब पलायन कर रहे हैं। लोगों को लग रहा है कि जब तक तृणमूल कांग्रेस सत्ता में है, राज्य का कोई विकास नहीं हो सकता। इसलिए लोग ममता बनर्जी को सत्ता से हटाने के लिए तैयार हो चुके हैं। अब बिहार में भाजपा के दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनने के बाद बंगाल की बारी है। अब यहां भी बदलाव तय है।