Maharashtra: मंच पर एकसाथ दिखे जयंत पाटिल और नितिन गडकरी, मीडिया और राजनीति पर क्या बोले
Maharashtra: राकांपा (शरदचंद्र पवार) के महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने मीडिया पर कटाक्ष करते हुए कहा कि वह केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के उनकी पार्टी में शामिल होने की खबर न चला दे। पाटिल और गडकरी एक छात्रावास के उद्घाटन कार्यक्रम में एक साथ नजर आए।
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राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के महाराष्ट्र प्रमुख जयंत पाटिल ने उनके भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल होने की अटकलों को लेकर सोमवार को मीडिया पर कटाक्ष किया। इस दौरान कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी मौजूद थे।
मजाकिया अंदाज में पाटिल ने मीडिया से यह भी कहा कि वह यह खबर न चलाए कि गडकरी राकांपा (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो रहे हैं। पाटिल सांगली जिले के इस्लामपुर में राजारामबापू इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) के एक छात्रावास भवन का उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे। कार्यक्रम में गडकरी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे।
पाटिल ने कहा, मैं पत्रकारों से निवेदन करता हूं कि ऐसी खबरें प्रकाशित न करें कि गडकरी राकांपा (शरदचंद्र पवार) में शामिल हो रहे हैं। खबरों की विश्वसनीयता पत्रकारिता की छवि तय करती है। यह मैं आप पर छोड़ता हूं। हाल ही में (पार्टी बदलने को लेकर) कुछ खबरें प्रकाशित हुईं। उन पर राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा हुई, जिससे मैं दुखी हुआ।
उन्होंने मीडिया की आलोचना करते हुए कहा कि वह यह नहीं समझ पा रहा है कि अलग-अलग दलों के नेता एक बड़े उद्देश्य के लिए एक साथ काम कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस संस्थान में जेआरटी टाट जैसी जानी-मानी हस्तियां भी आ चुकी हैं। पाटिल ने स्पष्ट किया कि यह कार्यक्रम राजनीति के लिए नहीं है। उन्होंने गडकरी का आभार जताते हुए कहा कि केंद्रीय मंत्री ने देश के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में अहम योगदान दिया है।
राजनीति केवल ताकत का खेल नहीं: नितिन गडकरी
वहीं, गडकरी ने अपने संबोधन के दौरान पाटिल से कहा कि उन्हें ऐसी खबरों पर ज्यादा ध्यान नहीं देना चाहिए। उन्होंने राजनीति को फिर से परिभाषित करने पर जोर दिया। गडकरी ने कहा, राजनीति केवल ताकत का खेल नहीं है। यह समाज सेवा के लिए है। महाराष्ट्र में राजनीतिक पारंपरिक रूप से चुनाव तक सीमित रही है। एक बार चुनाव खत्म हो जाएं, तो राजनीतिक मतभेद भी समाप्त हो जाने चाहिए। इस कार्यक्रम को राजनीतिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। मैं इसे केवल अपनी मित्रता के कारण आया। विचारधारा में मतभेद हो सकते हैं, लेकिन दिलों के बीच कोई भेदभाव नहीं है।
गडकरी ने यह भी बताया कि उन्होंने सांगली में भाजपा के लिए सक्रिय रूप से प्रचार किया। लेकिन चुनाव खत्म होते ही राजनीति भी खत्म हो जाती है। जयंत पाटिल इस्लामपुर से विधायक हैं।
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