{"_id":"6589bcf41b04f3d5ac0d2d8b","slug":"jairam-ramesh-breakthrough-towards-india-joining-montreal-protocol-amendment-came-during-manmohan-govt-2023-12-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Congress: जयराम रमेश ने जलवायु परिवर्तन पर मनमोहन सरकार की सफलता को सराहा, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर कही यह बात","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Congress: जयराम रमेश ने जलवायु परिवर्तन पर मनमोहन सरकार की सफलता को सराहा, मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल पर कही यह बात
Mon, 25 Dec 2023 11:04 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Mon, 25 Dec 2023 11:04 PM IST
सार
मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में 2016 में किए गए संशोधनों और पर्यावरण के मुद्दे पर बोलते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि भारत को शामिल होने के लिए कई कोशिशें करनी पड़ी थी। मनमोहन सरकार में इसे पहली सफलता मिली थी।
विज्ञापन
कांग्रेस नेता जयराम रमेश (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जलवायु परिवर्तन के मुद्दे पर बोलते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोमवार को कहा कि मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल में 2016 में किए गए संशोधनों में शामिल होने के लिए भारत को बहुत कोशिशें करनी पड़ी थी। उन्होंने कहा कि मनमोहन सरकार के दौरान प्रोटोकॉल में भारत के शामिल होने की दिशा में सफलता मिली थी।
दुनिया पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों से चिंतित- जयराम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि विश्व में प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को लेकर खासा चिंता है। पर्यावरण से जुड़ी अच्छी खबर हमेशा खुशी लाती है। साथ ही उन्होंने लिखा कि ओजोन परत 2040 तक दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में 1980 के स्तर पर बहाल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हाइड्रोफ्लोरोकार्बन की खपत और उत्पादन को कम करने के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल है, जो 1989 में लागू हुआ। जिसमें 2016 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए।
विज्ञापन
मनमोहन सरकरा के दौरान मिली थी पहली सफलता- जयराम
पोस्ट में लिखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि भारत को इन संशोधनों पर सहमत होने में कितना समय लगा, पहली सफलता 2013 को राष्ट्रपति ओबामा और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के संयुक्त बयान से मिली थी। आज सत्ता में बैठे लोगों द्वारा भारत के रुख में बदलाव की तत्काल आलोचना की गई।
विज्ञापन
दुनिया पर्यावरण पर पड़ रहे प्रभावों से चिंतित- जयराम
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने कहा कि विश्व में प्रदूषण, जैव विविधता के नुकसान और जलवायु परिवर्तन के प्रभावों को लेकर खासा चिंता है। पर्यावरण से जुड़ी अच्छी खबर हमेशा खुशी लाती है। साथ ही उन्होंने लिखा कि ओजोन परत 2040 तक दुनिया के ज्यादातर हिस्सों में 1980 के स्तर पर बहाल हो जाएगी। उन्होंने कहा कि हाइड्रोफ्लोरोकार्बन की खपत और उत्पादन को कम करने के लिए मॉन्ट्रियल प्रोटोकॉल है, जो 1989 में लागू हुआ। जिसमें 2016 में महत्वपूर्ण संशोधन किए गए।
विज्ञापन
While the world is rightly worried by the impacts of pollution, loss of biodiversity and climate change one piece of good news on the environment brings some cheer. It looks as if the ozone layer which protects the earth from harmful ultraviolet rays will be restored to its 1980… pic.twitter.com/gVDIydJfqn
— Jairam Ramesh (@Jairam_Ramesh) December 25, 2023
विज्ञापन
मनमोहन सरकरा के दौरान मिली थी पहली सफलता- जयराम
पोस्ट में लिखते हुए उन्होंने कहा कि मुझे याद है कि भारत को इन संशोधनों पर सहमत होने में कितना समय लगा, पहली सफलता 2013 को राष्ट्रपति ओबामा और तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के संयुक्त बयान से मिली थी। आज सत्ता में बैठे लोगों द्वारा भारत के रुख में बदलाव की तत्काल आलोचना की गई।