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Chandrayaan-3: इसरो ने दोबारा कराई विक्रम लैंडर की सॉफ्ट लैंडिंग, 40 सेमी तक ऊपर उठा, भविष्य के लिए अहम प्रयोग

Mon, 04 Sep 2023 12:57 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बंगलुरू Published by: नितिन गौतम Updated Mon, 04 Sep 2023 12:57 PM IST
सार

इसरो के कमांड पर विक्रम लैंडर ने इंजन चालू किया और उम्मीद के मुताबिक खुद को 40 सेंटीमीटर उठाकर और फिर 30-40 सेंटीमीटर दूर फिर से लैंड करा दिया।

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isro chandrayaan 3 successfully perform hop experiment jump test important for human mission
चंद्रयान-3 के लैंडर ने फिर की सॉफ्ट लैंडिंग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

सोमवार को एक एक्स पोस्ट में इसरो ने जानकारी दी कि चंद्रयान-3 के विक्रम लैंडर ने फिर से चंद्रमा पर सॉफ्ट लैंडिंग की। दरअसल विक्रम लैंडर ने सफलतापूर्वक होप टेस्ट यानी जंप टेस्ट किया। इसके तहत इसरो के कमांड पर विक्रम लैंडर ने इंजन चालू किया और उम्मीद के मुताबिक खुद को 40 सेंटीमीटर उठाकर और फिर 30-40 सेंटीमीटर दूर फिर से लैंड करा दिया। इस प्रक्रिया को एजेंसी ने किक-स्टार्ट बताया है।
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इसरो ने बताया क्यों अहम है ये होप टेस्ट
इसरो ने बताया कि भविष्य में लैंडर के वापस लौटने और मानव मिशन के लिए इस प्रयोग के बेहद मायने हैं। इस प्रयोग के बाद लैंडर विक्रम के सभी सिस्टम सामान्य तौर पर काम कर रहे हैं। टेस्ट के दौरान लैंडर पर पेलोड ChaSTE और  ILSA को कमांड देकर फोल्ड किया गया और सॉफ्ट लैंडिंग के बाद फिर से तैनात किया गया। इसरो ने बताया कि इस प्रयोग के साथ ही चंद्रयान-3 मिशन ने उम्मीद से बढ़कर काम किया है। 
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रोवर ने पूरा किया काम
बता दें कि चंद्रयान-3 अपने उद्देश्य पूरे कर चुका है और इसका मिशन लगभग पूरा हो गया है। चांद पर अब रात ढलने लगी है और जल्द ही वहां अंधेरा हो जाएगा। इसरो ने बताया कि प्रज्ञान रोवर अपना काम पूरा कर चुका है और उसे सुरक्षित जगह पार्क कर स्लीप मोड में सेट किया गया है। चांद पर धरती के 14 दिन के बराबर एक दिन होता है और इतनी ही बड़ी रात होती है। चांद के दक्षिणी ध्रुव पर रात के समय तापमान माइनस 238 डिग्री सेल्सियस तक गिर जाता है। ऐसे में इतने कम तापमान में रोवर और लैंडर काम नहीं कर पाएंगे। जब चांद पर रात बीत जाएगी तो लैंडर और रोवर को फिर से सक्रिय करने की कोशिश की जाएगी लेकिन इसकी उम्मीद कम है। 
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