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फैसला: इशरत जहां थी लश्कर-ए-तैयबा की आतंकी, सीबीआई कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया बरी
Wed, 31 Mar 2021 01:38 PM IST
दीप्ति मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: दीप्ति मिश्रा
Updated Wed, 31 Mar 2021 01:38 PM IST
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इशरत जहां एनकाउंटर
इशरत जहां एनकाउंटर मामले में सीबीआई अदालत ने तीन पुलिस अधिकारियों को बरी कर दिया है। अदालत ने क्राइम ब्रांच के तीन अधिकारी गिरिश सिंघल, तरुण बारोट और अंजु चौधरी को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। सीबीआई अदालत ने कहा कि इशरत जहां लश्कर-ए-तैयबा की आंतकी थी, इस खुफिया रिपोर्ट को नकारा नहीं जा सकता, इसलिए तीनों अधिकारियों को निर्दोष बताते हुए बरी किया जाता है।
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Ishrat Jahan encounter case: CBI court discharges last three accused police officials including Tarun Barot and GS Singhal
— ANI (@ANI) March 31, 2021विज्ञापन
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की विशेष अदालत ने वर्ष 2004 में इशरत जहां कथित फर्जी मुठभेड़ मामले में आरोपी तीन पुलिस अधिकारियों जीएल सिंघल, तरुण बरोत (अब सेवानिवृत्त) और अनाजू चौधरी को बुधवार को आरोप मुक्त कर दिया।
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अदालत ने कहा, अधिकारियों ने किया अपने कर्तव्य का पालन
सीबीआई ने 20 मार्च को अदालत को सूचित किया था कि राज्य सरकार ने तीनों आरोपियों के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने अक्तूबर, 2020 के आदेश में टिप्पणी की थी उन्होंने (आरोपी पुलिस कर्मियों) ‘आधिकारिक कर्तव्य के तहत कार्य’ किया था, इसलिए एजेंसी को अभियोजन की मंजूरी लेने की जरूरत है।
ये है पूरा मामला
बता दें कि 15 जून, 2014 को मुंबई के नजदीक मुम्ब्रा की रहने वाली 19 वर्षीय इशरत जहां गुजरात पुलिस के साथ हुई मुठभेड़ में मारी गई थी। इस मुठभेड़ में जावेद शेख उर्फ प्रनेश पिल्लई, अमजदली अकबरली राणा और जीशान जौहर भी मारे गए थे।
पुलिस का दावा था कि मुठभेड़ में मारे गए चारो लोग आतंकवादी थे और गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करने की योजना बना रहे थे। हालांकि, उच्च न्यायालय द्वारा गठित विशेष जांच टीम इस निष्कर्ष पर पहुंची की मुठभेड़ फर्जी थी, जिसके बाद सीबीआई ने कई पुलिस कर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया।