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IRCTC ने दो साल की लड़ाई के बाद कैंसिल टिकट के 33 रुपये लौटाए, मिल सकता है आपका भी पैसा

Wed, 08 May 2019 05:37 PM IST
अमर शर्मा भाषा, जयपुर
भाषा, जयपुर Published by: अमर शर्मा Updated Wed, 08 May 2019 05:37 PM IST
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IRCTC returns 33 rupees for cancel ticket after two years of fighting indian railways
भारतीय रेलवे
आईआरसीटीसी ने कोटा के एक इंजीनियर सुजीत स्वामी को दो साल की लंबी लड़ाई के बाद कैंसिल टिकट के 33 रुपये आखिरकार लौटा दिए हैं। स्वामी ने अप्रैल 2017 में कोटा से दिल्ली तक के लिए 765 रुपये का टिकट बुक कराया था, जिसे उन्होंने रद्द कराया। इसके लिए उन्हें 665 रुपये मिले, जबकि उन्हें 700 रुपये वापस मिलने चाहिए थे। बकाया 35 रुपये लेने के लिए स्वामी को दो साल तक आईआरसीटीसी से लड़ना पड़ा।
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स्वामी ने अप्रैल 2018 में लोक अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसका निस्तारण अदालत ने जनवरी 2019 में यह कहते हुए कर दिया यह उनके क्षेत्राधिकार में नहीं आता।
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स्वामी ने पीटीआई—भाषा को बताया, ‘‘मैंने अपनी लड़ाई आरटीआई के जरिये जारी रखी। विभाग वाले मेरी आरटीआई को दिसंबर 2018 से अप्रैल 2019 तक 10 बार एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजते रहे। आखिरकार चार मई 2019 को आईआरसीटीसी ने एक लंबी लड़ाई के बाद मेरे बैंक खाते में 33 रुपये डाल दिये। लंबी लड़ाई के कारण मुझे जो परेशानी झेलनी पड़ी उसकी क्षतिपूर्ति देने की बजाय आईआरसीटीसी ने दो रुपये रिफंड में से काट लिये।’’ 
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उन्होंने बताया कि वे एक बार फिर से इस मामले को आगे बढ़ाएंगे क्योंकि आईआरसीटीसी ने एक पत्र में कहा था कि उनके व्यवसायिक सर्कुलर 49 के अनुसार उन्हें 35 रुपया वापस किया जायेगा।

स्वामी ने अप्रैल, 2017 में गोल्डन टेंपल मेल का टिकट बुक किया था। टिकट वेटिंग होने के कारण उन्होंने इसे कैंसल करा दिया। टिकट कैंसल कराने पर उनसे सर्विस टैक्स भी चार्ज किया गया, जबकि उन्होंने टिकट जीएसटी लागू होने से पहले ही कैंसल करा दिया था। यह टिकट 2 जुलाई की यात्रा के लिए बुक कराया गया था, जीएसटी 1 जुलाई से देश भर में लागू हुआ।

स्वामी ने कहा, ‘‘वेटलिस्टेड टिकट को कैंसल कराने पर 100 रुपये चार्ज किए गए, जबकि यह सिर्फ 65 रुपये ही होता है। उन्हें शेष रकम की वापसी के लिये आश्वासन मिलता रहा।’’ 

क्या आपने भी कैंसिल कराया था टिकट

IRCTC returns 33 rupees for cancel ticket after two years of fighting indian railways
irctc
स्वामी ने बताया कि उनकी ओर से दायर आरटीआई के जवाब में आईआरसीटीसी ने बताया कि जीएसटी लागू होने से पूर्व बुक कराये गये रेलवे टिकट और उनके रद्द करने के संबंध में रेलवे मंत्रालय की ओर से जारी व्यवसायिक सर्कुलर 43 के अनुसार टिकट बुकिंग के समय वसूला गया सर्विस टैक्स वापस नहीं किया जायेगा। इसलिये 100 रुपये में से 65 रुपये कैंसिलेसन चार्ज और 35 रुपये सर्विस टैक्स के तौर पर काटे गए हैं।

बाद में आरटीआई के जवाब में बताया गया कि आईआरसीटीसी ने यह निर्णय लिया है कि एक जुलाई 2017 से पूर्व बुक करवाये गये टिकटों को रद्द करने पर बुकिंग के समय लिया गया सर्विस टैक्स पूरा वापस किया जाएगा। इसलिये उन्हें भी 35 रुपये वापस मिलेंगे।

बुकिंग टिकट के कैंसिल कराने पर इस तरह के काटे गये रूपये से केवल स्वामी ही प्रभावित नहीं है। उनके एक अन्य आरटीआई से पता चला कि जीएसटी लागू होने से पूर्व 9 लाख यात्रियों ने टिकट बुक कराये थे और उनसे सर्विस टैक्स वसूला गया था।

स्वामी ने कहा कि आईआरसीटीसी की ओर से दिये गये जवाब के अनुसार 9 लाख यात्रियों से कुल 3.34 करोड़ रुपये सर्विस टैक्स वसूला गया। अधिकतर यात्रियों को इस बारे में पता ही नहीं है।
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