Iran: 'मुआवजा और तीसरे देश की गारंटी', ईरान ने बताईं युद्ध रोकने की शर्तें; भारत के जहाजों पर दिया बड़ा बयान
मुंबई में ईरान के महावाणिज्यदूत सईद रजा मोसयेब मोतलाघ ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय को युद्ध शुरू करने वाले पक्षों से बातचीत करनी चाहिए और ऐसे कृत्यों को बंद करने के लिए कहना चाहिए। उन्होंने सभी देशों से आग्रह किया कि वे आक्रमणकारियों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार जवाबदेह ठहराएं।
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जब ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की धमकी के बारे में पूछा गया, तो मोटलाघ ने कहा कि ईरान ने यह केवल शत्रुतापूर्ण देशों के लिए किया है। उन्होंने कहा "ईरान की ओर से उन देशों को कौन सी गारंटी दी जा सकती है, जो ऊर्जा के सबसे बड़े आयातक हैं, जैसे भारत, इस पर महावाणिज्यदूत कहा हम भारत और दुनिया के लोगों की सहायता के लिए तैयार हैं, सिवाय उन शत्रुतापूर्ण देशों और उनके हितों के। ऐसे देश जैसे भारत, जिनका इस शत्रुता में कोई हिस्सा नहीं है, उन्हें अपने जहाजों के पारगमन और ट्रांजिट की अनुमति दी गई है।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra | On the kind of conditions he wants to put before going to any negotiations with the West Asia conflict, Iran's Consul General in Mumbai, Saeid Reza Mosayeb Motlagh, says, "... All damages and war reparations must be paid... Credible guarantees must… pic.twitter.com/ubl85sDvyz
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) March 24, 2026
मोटलाघ ने सभी देशों से आह्वान किया कि वे आक्रमणकारी को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप कार्य करने के लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा उन्हें उस पक्ष के साथ बातचीत करके सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए जिसने युद्ध शुरू किया है और उसे विश्व स्तर पर ऐसे कार्य बंद करने के लिए मजबूर करना चाहिए। यह मुद्दा केवल ईरान तक सीमित नहीं है। इतिहास गवाह है कि ऐसा बार-बार हुआ है... अतीत में, उन्होंने जिस भी देश को चुना, उसे क्रूर उपायों का उपयोग करके नष्ट कर दिया... आज, हालांकि, उनका सामना एक ऐसे राष्ट्र से है जो दृढ़ता से विरोध करता है। इसलिए, हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुसार सभी देशों से आग्रह करते हैं कि वे उन्हें जवाबदेह ठहराएं, उन्हें प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करें और यह सुनिश्चित करें कि वे फिर कभी किसी भी देश के खिलाफ इस तरह की एकतरफा कार्रवाई न करें।
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान परमाणु हथियार नहीं रखने पर सहमत हो गया है। ट्रंप ने आगे कहा "अब, ईरान के पास अमेरिका और हमारे सहयोगियों के लिए अपने खतरों को समाप्त करने का एक और अवसर है और हमें उम्मीद है कि वे इसका लाभ उठाएंगे। किसी भी तरह, अमेरिका और पूरी दुनिया जल्द ही बहुत सुरक्षित हो जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने ईरान के रक्षा औद्योगिक आधार और उसके नौसेना को नष्ट कर दिया है।
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