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ISRO: 'एरोडायनामिक्स परीक्षण केंद्र बनाने के लिए निवेश की जरूरत', एयरोस्पेस के कार्यक्रम में बोले इसरो प्रमुख
Fri, 13 Dec 2024 07:25 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
Published by: शुभम कुमार
Updated Fri, 13 Dec 2024 07:25 AM IST
सार
इसरो अध्यक्ष ने कहा कि कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स (सीएफडी) में प्रगति के साथ, शुरू में यह सोचा गया था कि एरोडायनामिक्स परीक्षण केंद्र की अब जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकांश समस्याओं की पहचान सिमुलेशन के माध्यम से किया जा सकता है।
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एस सोमनाथ
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
इसरो अध्यक्ष एस सोमनाथ ने गुरुवार को कहा कि भारत में एरोडायनामिक्स परीक्षण केंद्र की कमी है। इसलिए ऐसे केंद्र बनाने के लिए भारी निवेश की जरूरत है। इससे हमें अन्य देशों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र की ओर से आयोजित एप्लाइड एयरोडायनामिक्स और एयरोस्पेस व्हिकल डिजाइन' (सरोद-2024) कार्यक्रम में सोमनाथ ने देश की कम्प्यूटेशनल क्षमता को बढ़ाने पर जोर दिया।
इसरो अध्यक्ष का बयान
इसरो अध्यक्ष ने कहा कि कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स (सीएफडी) में प्रगति के साथ, शुरू में यह सोचा गया था कि एरोडायनामिक्स परीक्षण केंद्र की अब जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकांश समस्याओं की पहचान सिमुलेशन के माध्यम से किया जा सकता है।
सोमनाथ ने कहा, इसलिए, भविष्य के हवाई वाहनों के लिए किए जाने वाले कई परीक्षण कार्यक्रमों में वास्तव में कटौती की गई और एक समय पर हमें परीक्षण की तुलना में अधिक सिमुलेशन करने के लिए कहा गया। लेकिन, जैसे-जैसे समय बीतता गया, हमें एहसास हुआ कि ऐसा नहीं है।
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इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षण के साथ विश्लेषण और सिमुलेशन की पूरक प्रकृति जारी रहेगी। गगनयान कार्यक्रम के परीक्षण के लिए हमें बाहर जाना पड़ा। इसके साथ ही सोमनाथ ने कहा, इसरो के पास कुछ हद तक परीक्षण सुविधाएं हैं, लेकिन गगनयान कार्यक्रम के लिए केवल 30 प्रतिशत परीक्षण आवश्यकताओं को आंतरिक रूप से पूरा किया जा सका है।
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इसरो अध्यक्ष का बयान
इसरो अध्यक्ष ने कहा कि कम्प्यूटेशनल फ्लूइड डायनेमिक्स (सीएफडी) में प्रगति के साथ, शुरू में यह सोचा गया था कि एरोडायनामिक्स परीक्षण केंद्र की अब जरूरत नहीं है, क्योंकि अधिकांश समस्याओं की पहचान सिमुलेशन के माध्यम से किया जा सकता है।
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सोमनाथ ने कहा, इसलिए, भविष्य के हवाई वाहनों के लिए किए जाने वाले कई परीक्षण कार्यक्रमों में वास्तव में कटौती की गई और एक समय पर हमें परीक्षण की तुलना में अधिक सिमुलेशन करने के लिए कहा गया। लेकिन, जैसे-जैसे समय बीतता गया, हमें एहसास हुआ कि ऐसा नहीं है।
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इसके साथ ही यह स्पष्ट हो गया कि परीक्षण के साथ विश्लेषण और सिमुलेशन की पूरक प्रकृति जारी रहेगी। गगनयान कार्यक्रम के परीक्षण के लिए हमें बाहर जाना पड़ा। इसके साथ ही सोमनाथ ने कहा, इसरो के पास कुछ हद तक परीक्षण सुविधाएं हैं, लेकिन गगनयान कार्यक्रम के लिए केवल 30 प्रतिशत परीक्षण आवश्यकताओं को आंतरिक रूप से पूरा किया जा सका है।