आतंकियों की इंटरनेट कॉलिंग ने उड़ाई नींद
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आतंकवादियों ने भारतीय सेना को निशाना बनाने के लिए अब साइबर क्राइम का सहारा लेना शुरू कर दिया है। आतंकवादी या आईएसआई एजेंट सेना से जुड़ी जानकारी प्राप्त करने के लिए इंटरनेट कॉलिंग का प्रयोग करने लगे हैं। पिछले कुछ दिनों से जिला पुलिस के कुछ अधिकारियों को इंटरनेट कॉलिंग की जा रही है।
कॉल करने वाला व्यक्ति पुलिस अधिकारियों से सेना से जुड़ी जानकारी पूछता है। इस दौरान वह खुद को सेना का उच्च अधिकारी बताता है और पूछता है कि सेना की कानवाई कब और कहां से गुजरनी है। पिछले करीब एक हफ्ते में ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों को चार से पांच बार इंटरनेट से इस तरह की कॉलिंग हो चुकी है।
हर बार कॉल करने वाले ने खुद को सेना की इंटेलिजेंस का एक अधिकारी बताया और सेना की मूवमेंट के बारे में जानकारी मांगी। ट्रैफिक पुलिस ही नहीं, इंटरनेट कॉल करने वाले आतंकवादियों के एजेंट पुलिस के खुफिया विभाग जैसे सीआईडी या स्पेशल ब्रांच के अधिकारियों या कर्मियों को भी गुप्त फोन कर सेना से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां मांग रहे हैं।
पुलिस विभाग को किया गया है सतर्क
इस संबंध में ट्रैफिक पुलिस के एक अधिकारी ने एसएसपी राजोरी को लिखित में सूचित कर वह फोन नंबर भी बताया है, जिससे उसे कॉल आई थी। पुलिस ने वह नंबर सर्विलांस पर लगाए हैं। लेकिन, इंटरनेट कॉल होने के कारण पुलिस अभी तक कॉल करने वाले की लोकेशन का पता नहीं लगा पाई है।
वहीं इस प्रकार से गुप्त फोन आने और सेना से जुड़ी जानकारियां मांगने को लेकर पुलिस और सेना की नींद उड़ी हुई है।
पुलिस के एक उच्च अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि पुलिस को इस प्रकार की फोन कॉल आ रही हैं। अधिकारी के अनुसार इस संबंध में पुलिस महानिदेशक के राजिंद्रा ने पहले से ही एक परिपत्र जारी कर पुलिस विभाग को सतर्क कर दिया है।