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लोकसभा में महिला सांसद: पहले चुनाव में 22, आपातकाल के बाद संख्या सबसे कम हुई, 2019 में टूट गए सारे रिकॉर्ड

Fri, 08 Mar 2024 03:41 PM IST
शिवेंद्र तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: शिवेंद्र तिवारी Updated Fri, 08 Mar 2024 03:41 PM IST
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सार
International Women's Day 2024: पहली लोकसभा के चुनाव 1951-52 में हुए थे। इस चुनाव में कुल 22 महिलाएं लोकसभा पहुंची थीं। 17वीं लोकसभा यानी 2019 के चुनाव में कुल 78 महिलाएं जीतकर संसद पहुंचीं। 
 
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International women's day: Women representation in lok sabha and history
लोकसभा में महिला सांसद - फोटो : AMAR UJALA

विस्तार

आज दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जा रहा है। इस बार महिला दिवस का विषय है 'इंस्पायर इंक्लूजन' जिसका अर्थ है एक ऐसी दुनिया जहां सभी को बराबर का हक और सम्मान मिले। किसी भी देश में महिलाएं कितनी प्रगति कर रही हैं उसका अंदाजा उस देश के लोकतंत्र में महिला भागीदारी से लगता है। आज भारत में राजनीति, उद्योग-अर्थव्यवस्था, शिक्षा, नौकरशाही और सेना जैसे क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। राजनीति व्यवस्था की बात करें तो अब तक की सबसे ज्यादा भागीदारी 17 वीं लोकसभा में रही। 



संसद आइये जानते हैं कि पहले चुनाव में लोकसभा में कितनी महिलाएं थीं? बाद में महिला हिस्सेदारी का क्या हाल रहा है? पिछले लोकसभा चुनाव में कितनी महिलाएं चुनकर आईं?  

संसद
संसद - फोटो : Social Media

पहले चुनाव में 22 महिला सांसद
पहली लोकसभा के चुनाव 1951-52 में हुए थे। देश के पहले आम चुनाव में कुल 22 महिलाएं सांसद चुनकर लोकसभा पहुंची थीं। दूसरी लोकसभा के चुनाव 1957 में संपन्न हुए थे। इस चुनाव में भी कुल 22 महिलाएं सांसद चुनकर लोकसभा पहुंची थीं। तीसरी लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या में इजाफा हुआ। 1962 में कुल 31 महिलाएं सांसद बनीं। 

चौथी लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या में कमी आई। 1967 में 29 महिलाएं ही सांसद चुनी गईं। पांचवीं लोकसभा यानी 1971 में 21 महिलाएं संसद पहुंचीं।

संसद
संसद - फोटो : ANI

सबसे कम संख्या 1977 में थी
आपातकाल के बाद हुए 1977 के लोकसभा चुनाव में महिला प्रतिनिधित्व घट गया। छठी लोकसभा में केवल 19 महिलाएं सांसद बनीं। लोकसभा के लिए निर्वाचित महिलाओं की सबसे कम संख्या 1977 में ही थी। इतिहास में ऐसा कोई मौका नहीं आया जब महिला सांसदों की संख्या 20 तक भी न पहुंची हों। 

सातवीं लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या में एक बार बढ़ोतरी हुई। 1980 में 28 महिलाएं लोकसभा सांसद बनीं। 1984 में महिला प्रतिनिधित्व में काफी सुधार हुआ। इस तरह से आठवीं लोकसभा में 42 महिला उम्मीदवारों को जीत मिली। 1989 में एक बार फिर महिला प्रतिनिधित्व घट गया। नौवीं लोकसभा में केवल 29 महिलाएं ही संसद के निचले सदन तक पहुंचीं। 

10वीं लोकसभा में संसद में महिला हिस्सेदारी में एक बार फिर इजाफा देखने को मिला। 1991 में हुए चुनाव में 37 महिलाएं लोकसभा सांसद बनीं। 11वीं लोकसभा यानी 1996 में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 40 हो गई। 1998 में 12वीं लोकसभा के चुनाव कराए गए। इस चुनाव में कुल 43 महिलाएं संसद पहुंचीं। 13वीं लोकसभा में 49 महिला उम्मीदवारों को जीत हासिल हुई है। इस लोकसभा के चुनाव के 1999 में हुए थे। 

2004 में हुए 14वीं लोकसभा में महिला सांसदों की संख्या घटकर 45 हो गई। 2009 में 15वीं लोकसभा के चुनाव कराए गए थे। इस चुनाव में 59 महिला सांसद चुनी गईं।

भारतीय संसद
भारतीय संसद - फोटो : अमर उजाला

2019 में सबसे ज्यादा महिलाएं सांसद बनीं 
2014 में महिला सांसदों की संख्या बढ़कर 62 हो गई। ये 16वीं लोकसभा के चुनाव थे। इसके बाद 2019 में हुए चुनाव में अब तक सबसे ज्यादा संख्या में महिलाएं जीतीं। 17वीं लोकसभा के चुनाव में कुल 78 महिलाएं जीतकर संसद पहुंचीं।

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