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भारत-अमेरिका रिश्तों को तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए: विदेश मंत्रालय
एजेंसी, नई दिल्ली
Updated Fri, 13 Oct 2017 03:12 AM IST
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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार
- फोटो : SELF
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भारत के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि भारत और अमेरिका के रिश्ते को तीसरे देश के चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए। भारतीय विदेश मंत्रालय का वक्तव्य भारत और पाकिस्तान को लेकर अमेरिका के बदलते रणनीति को लेकर है।
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रवीश ने उम्मीद जताई कि अमेरिका के विदेश मंत्री रेक्स टिलरसन, रक्षा मंत्री जेम्स मैटिस और भारतीय विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण के बीच टू प्लस टू रणनीतिक और सुरक्षा वार्ता जल्द ही अपने वास्तविक रूप में आ जाएगी। यह भी खबर है कि टिलरसन इस महीने के अंत में भारत और पाकिस्तान का दौरा कर सकते हैं।
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यह पूछे जाने पर कि टिलरसन का पाकिस्तान दौरा इस्लामाबाद को अलग-थलग करने की भारत की राह में रोड़ा हो सकता है। इस पर रवीश ने कहा कि हम इससे सहमत नहीं है। टिलरसन के पाकिस्तान और भारत के दौरे से कुछ भी मतलब निकाला जा सकता है। अगस्त में टिलरसन ने कहा था कि अगर पाकिस्तान आतंकी समूहों के लिए सुरक्षित पनागाह बनना जारी रखता है तो वह गैर-नाटो सहयोगी देश का दर्जा गंवा सकता है।
इस्लामाबाद पर यह बयान उनका खुद का है। हम महसूस करते हैं कि भारत और अमेरिका द्विपक्षीय रिश्ते व्यापक है और यह दोनों देशों के बीच आपसी सहयोग और अपनी मेरिट पर टिका है। हम तीसरे देश के चश्मे से कभी अपने रिश्तों को नहीं देखते हैं।