Mock Drill: मॉक ड्रिल में आपको किन-किन बातों का रखना होगा ध्यान, ब्लैक आउट के दौरान क्या होगा? जानें सबकुछ
Mock Drill On 7th May: पहलगाम में भीषण आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव चरम पर है। वहीं आज सात मई को देश में मॉक ड्रिल किया जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि, आखिर ऐसी तैयारी क्यों की जा रही है? और आम जनता को मॉक ड्रिल के दौरान क्या करना होगा? ऐसे सभी सवालों के जवाब आपको यहां मिलेंगे।
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विस्तार
युद्ध और आपातकाल के दौरान की जाती है मॉक ड्रिल
सबसे पहले आपको बता दें कि, सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल आमतौर पर युद्ध और आपातकाल की स्थिति में की जाती है। जिसमें आम नागरिकों को इस दौरान होने वाली समस्याओं से बचने और उनसे निपटने की ट्रेनिंग दी जाती है। भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़े तनाव के बीच होने वाले इस मॉक ड्रिल के दौरान नागरिकों को हवाई हमले के दौरान सायरन बजने पर लोगों को अलर्ट और एहतियात बरतते हुए सुरक्षित जगहों पर पहुंचने और छिपने की ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं इस दौरान ब्लैकआउट प्रोटोकॉल भी लागू किया जाएगा, जिसमें घरों की लाइट पूरी तरह बंद करना या बिजली जाने की स्थिति में क्या करना होगा ये बताया जाएगा।
वहीं राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की तरफ से मॉक ड्रिल और ब्लैकआउट एक्शन प्लान को लेकर एक वीडियो भी जारी किया गया है।
Blackout Action Plan: The Backbone of Civil Safety!
Are we mentally and practically prepared to handle situations like blackouts?#MockDrill #BlackoutDrill #DisasterPreparedness #BlackoutActionPlan pic.twitter.com/mPrt4jiMeLविज्ञापन विज्ञापन— PB-SHABD (@PBSHABD) May 6, 2025
भारत में आखिरी बार मॉक ड्रिल 1971 में भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान हुई थी। उस समय हवाई हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बजाए गए थे और नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए सचेत किया गया था। अब करीब 54 साल बाद कल देश में फिर से मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाए जाएंगे।
सात मई को कैसे की जाएगी मॉक ड्रिल?
गृह मंत्रालय के अनुसार, देश भर में करीब 300 जगहों (शहर और सिविल डिफेंस जिलों में) पर युद्ध के दौरान उत्पन्न होने वाली स्थिति और उनके बचाव के तरीकों को बताने के लिए मॉक ड्रिल किया जाएगा। इन सभी जगहों को तीन कैटेगरी के आधार पर बांटा गया है। जिसमें कैटेगरी -1 में सबसे संवेदनशील जगहें शामिल है, कैटेगरी -2 में संवेदनशील जगहें है और कैटेगरी -3 में कम संवेदनशील जगहों को रखा गया है।
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मॉक ड्रिल के दौरान आपको क्या करना होगा?
मॉक ड्रिल के दौरान आम नागरिकों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करना होगा। इस दौरान सायरन बजने पर प्रशासन के सुझाए गए सुरक्षित जगहों पर जाने की तैयारी करना है। वहीं ब्लैकआउट की स्थिति में घर में रहना और घरों की लाइट बंद करना है।
- हमले का सायरन- मॉक ड्रिल के दौरान हवाई हमले की चेतावनी देने के लिए सायरन बजेगा। जिसका मतलब ये है कि आस-पास में कहीं पर रॉकेट या मिसाइल से हमला होने वाला है और सभी नागरिक तुरंत सरकार की तरफ से चिन्हित सुरक्षित जगह पर चलें जाएं।
- नागरिकों को ट्रेनिंग- इस दौरान आम नागरिक और स्कूली छात्रों के लिए कई जगहों पर ट्रेनिंग की जाएगी, जिसमें ये सिखाया जाएगा कि, हमले की स्थिति में आपको क्या करना है और अपने आस-पास के लोगों की कैसे मदद करनी है। इस दौरान लोगों को घबराहट से बचाना और प्राथमिक चिकित्सा भी देना शामिल है।
- ब्लैकआउट- इसमें देश में अचानक बिजली कटने के बाद की स्थिति के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी। वहीं हवाई हमले के दौरान बिजली से चलने वाले कई उपकरण बंद कर दिए जाएंगे, जिससे दुश्मन के हवाई हमले से बचने में अहम मदद मिलेगी।
- छिपने और जोखिम भरे क्षेत्र से निकलना- इस दौरान सभी को छिपना, अहम सामानों और जगहों को छिपाने की ट्रेनिंग दी जाएगी। जिससे ये सभी दुश्मन के सैटेलाइट या हवाई निगरानी के दौरान आसानी से दिखाई न पड़े। वहीं सबसे जोखिम भरे क्षेत्रों से निकलना और लोगों को निकालने की भी ट्रेनिंग दी जाएगी।
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Meet the Aapda Mitra — our brave frontline volunteers during times of crisis.
— PB-SHABD (@PBSHABD) May 6, 2025
Aapda Mitras are crucial in strengthening the nation's resilience, especially during times of conflict and emergencies.#MockDrill #BlackoutDrill #DisasterPreparedness #BlackoutActionPlan pic.twitter.com/RxaoKy7l5j
सिविल डिफेंस मॉक ड्रिल एक तरह का अभ्यास है, जिसमें युद्ध के दौरान होने वाली स्थिति से निपटना और आम जनता व प्रशासन साथ मिलकर जल्द से जल्द राहत और बचाव अभियान शुरू करना शामिल है। इसका मकसद घायलों की मदद करना, दहशत को कम करना है। जबकि ब्लैकआउट की स्थिति में संभावित हमले वाली जगह के आस-पास के इलाके में लाइटें बंद करना है। ब्लैकआउट का मकसद अंधेरे में इलाके को सुरक्षित रखना और दुश्मन को सटीक निशाना लगाने में विफल करना है।