Peace Prize: बैरनबोइम-अव्वाद को मिला इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार; इस्राइल-फलस्तीनी लोगों की मित्रता में योगदान
पुरस्कार विजेताओं का चयन भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली एक प्रतिष्ठित जूरी की ओर से किया गया। यह पुरस्कार मंगलवार को इंदिरा गांधी की जयंती पर वर्चुअली प्रदान किया गया।
विस्तार
2023 का इंदिरा गांधी शांति पुरस्कार डेनियल बैरनबोइम और अली अबू अव्वाद को दिया गया। इन्होंने संगीत, वार्ता और लोगों की भागीदारी के जरिये इस्राइल और फलस्तीनियों के बीच मित्रता को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। पुरस्कार विजेताओं का चयन भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश टी एस ठाकुर की अध्यक्षता वाली एक प्रतिष्ठित जूरी की ओर से किया गया। यह पुरस्कार मंगलवार को इंदिरा गांधी की जयंती पर वर्चुअली प्रदान किया गया।
The Indira Gandhi Prize for Peace, Disarmament and Development, established in 1985, is a prestigious award recognizing creative initiatives promoting international peace, development and global cooperation.
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The 2023 Indira Gandhi Prize recipients, Maestro Daniel Barenboim and… pic.twitter.com/gBU9PZJRlV— Congress (@INCIndia) November 19, 2024
वर्चुअली आयोजित इस समारोह में इंदिरा गांधी मेमोरियल ट्रस्ट की अध्यक्ष सोनिया गांधी, भारत के पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी, जूरी के वर्तमान प्रमुख और पूर्व एनएसए शिवशंकर मेनन, न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर, डेनियल बैरनबोइम की ओर से पुरस्कार स्वीकार करने वाली मरियम सी. सईद और अन्य लोग शामिल हुए। हामिद अंसारी ने पुरस्कार प्रदान किया। कांग्रेस के एक्स हैंडल पर वर्चुअल समारोह का वीडियो साझा किया गया।
It is a distinct privilege to be here with you today to accept the prestigious Indira Gandhi Prize for Peace, Disarmament and Development for 2023, on behalf of Maestro Daniel Barenboim.
— Congress (@INCIndia) November 19, 2024
The Barenboim-Said Foundation has fought for the idea that music and cultural dialogue can… pic.twitter.com/xHNE0nji5h
डैनियल बैरनबोइम अर्जेंटीना में जन्मे एक प्रतिष्ठित शास्त्रीय पियानोवादक हैं। जो दुनिया के कुछ प्रमुख ऑर्केस्ट्रा के साथ प्रदर्शन और निर्देशन के लिए प्रसिद्ध हैं। इन्होंने पश्चिम एशिया में सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए संगीत का सहारा लिया। वहीं, अली अबू अव्वाद एक प्रख्यात फलस्तीनी शांति कार्यकर्ता हैं। वह मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान के लिए फलस्तीन और इस्राइल के लोगों के साथ अथक प्रयास कर रहे हैं।
सम्मान मिलने के बाद, अली अबू अव्वाद ने कहा कि जब वह जेल में थे तो उन्हें अहिंसा की शक्ति के बारे में पता चला। उन्होंने महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू के बारे में बहुत कुछ पढ़ा है। ये महान विभूतियां उन्हें प्रेरित करती हैं। अव्वाद ने आगे कहा कि उन्होंने उनके माध्यम से सीखा कि जो चीज हमें इंसान बनाती है वह एक-दूसरे को पहचानने और रक्षा करने की हमारी क्षमता है।