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स्वदेशी रक्षा उद्योग: अब देश में ही बनेंगे 108 सैन्य उत्पाद, आयात पर लगा प्रतिबंध

Tue, 01 Jun 2021 07:32 AM IST
देव कश्यप न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: देव कश्यप Updated Tue, 01 Jun 2021 07:32 AM IST
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Indigenous defense industry now 108 military products will be made in India ban on import
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह (फाइल फोटो) - फोटो : ANI

घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को अगली पीढ़ी के कार्वेट, हवाई अग्रिम चेतावनी प्रणाली, टैंक इंजन और रडार जैसे 108 सैन्य हथियारों और प्रणालियों के आयात पर प्रतिबंध लगाने को मंजूरी दी।

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पिछले साल रक्षा आयात के लिए जारी पहली नकारात्मक सूची में 101 वस्तुएं शामिल थीं। अधिकारियों ने बताया कि दूसरी नकारात्मक सूची में शामिल 108 वस्तुओं के आयात पर दिसंबर 2021 से दिसंबर 2025 तक प्रतिबंध रहेगा।
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उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्रालय ने दूसरी सूची सार्वजनिक क्षेत्र और निजी रक्षा विनिर्माण उद्योगों के साथ कई बार विचार-विमर्श करने के बाद तैयार की है। रक्षा आयात के लिए नकारात्मक वस्तुओं की पहली सूची में आर्टिलरी गन, असॉल्ट राइफलें, लड़ाकू जलपोत, सोनार प्रणाली, मालवाहक विमान, हल्के लड़ाकू विमान (एलसीएच), रडार जैसे कुछ उच्च प्रौद्योगिकी हथियार प्रणालियां शामिल थीं।
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अधिकारियों ने कहा कि आयात के लिए दूसरी नकारात्मक सूची को रक्षा मंत्री ने मंजूरी दी है। रक्षा मंत्रालय ने कहा, ‘आत्म-निर्भरता की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर और घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सैन्य मामलों के विभाग द्वारा 108 वस्तुओं की दूसरी ‘सकारात्मक स्वदेशीकरण सूची’ को अधिसूचित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।’


मंत्रालय ने कहा कि सभी 108 वस्तुओं को अब रक्षा अधिग्रहण प्रक्रिया (डीएपी) 2020 के प्रावधानों के अनुसार स्वदेशी स्रोतों से खरीदा जाएगा। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने घरेलू रक्षा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए कई उपाय किए हैं। रक्षा मंत्रालय की नई रक्षा खरीद नीति में रक्षा विनिर्माण कारोबार के 2025 तक 1.75 लाख करोड़ रुपये होने का अनुमान है।

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