Indian Railways: रेलवे ने शुरू किया उदयपुर-अहमदाबाद ट्रैक, आतंकी साजिश है या नहीं, जांच में जुटीं एजेंसियां
Indian Railways: रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उदयपुर-अहमदाबाद ट्रैक से अहमदाबाद-उदयपुर-असरवा ट्रेन नंबर 19703 और 19704 रोजाना गुजरती है। ट्रेन गुजरने के दौरान ब्लास्ट होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। धमाके के बाद ट्रैक से जो ट्रेन गुजरने वाली थी, उसे पहले डूंगरपुर में ही रोक दिया गया था...
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उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे लाइन ट्रैक पर हुए ब्लास्ट ने राज्य के साथ-साथ केंद्र सरकार की चिंता भी बढ़ा दी है। एनएसजी, एनआईए और आईबी की टीमों ने उदयपुर में आतंकी और नक्सली हमले की आशंका को लेकर जांच शुरू कर दी है। इसके अलावा रेलवे पुलिस भी मामले की जांच में मुस्तैदी से जुटी हुई नजर आ रही है। क्योंकि ट्रैक पर धमाके से महज चार घंटे पहले ही इस ट्रैक से ट्रेन गुजरी थी। रेलवे का कहना है कि रेलवे ने 13 नवंबर की रात साढ़े तीन बजे रेलवे ट्रैक की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है। इसके साथ ही एहतियात के तौर पर एक रेलवे इंजन का ट्रायल रन किया गया। ट्रैक पर अब ट्रेनें सुचारू रूप से चलेंगी। रेलवे ट्रैक को विस्फोट का मामला इसलिए भी संदेवनशील है, क्योंकि 31 अक्तूबर को ही इस लाइन का पीएम मोदी ने उद्घाटन किया था। वहीं अगले माह जी20 शेरपा की अहम बैठक भी उदयपुर में आयोजित होगी।
तीन किलो डाइनामाइट का इस्तेमाल
रेलवे सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, उदयपुर-अहमदाबाद ट्रैक से अहमदाबाद-उदयपुर-असरवा ट्रेन नंबर 19703 और 19704 रोजाना गुजरती है। ट्रेन गुजरने के दौरान ब्लास्ट होता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। धमाके के बाद ट्रैक से जो ट्रेन गुजरने वाली थी, उसे पहले डूंगरपुर में ही रोक दिया गया था। ट्रेन में 665 यात्री सफर कर रहे थे। अजमेर मंडल में ट्रैक क्षतिग्रस्त होने के बाद एटीएस की टीम ने सोमवार रात 11.30 बजे उत्तर पश्चिम रेलवे को साइट क्लीयरेंस दी। उत्तर पश्चिम रेलवे के इंजीनियरों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तड़के साढ़े तीन बजे ट्रैक को फिट घोषित कर दिया गया। ट्रैक पर अब ट्रेनें सुचारू रूप से चलेंगी।
रेलवे सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले की राजस्थान पुलिस और राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) जांच कर रही हैं। घटना के हर पहलू को गंभीरता से देखा जा रहा है। अहमदाबाद-उदयपुर के इस रेलवे ट्रैक को उड़ाने के लिए करीब तीन किलो डाइनामाइट का इस्तेमाल किया गया था। लेकिन इसके पीछे किसका हाथ इसका अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है। इस मामले को लेकर उदयपुर के जावर माइंस थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। इसमें रेलवे एक्ट 1989 की धारा 150,151 और 285 भादसं, सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धारा 3, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम 1908 की धारा 3(ए) और विधि विरुद्ध क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम 1967 की धारा 16 और 18 में मुकदमा दर्ज किया गया है।
पीएम मोदी ने किया था ट्रैक का उद्घाटन
31 अक्तूबर को उदयपुर-अहमदाबाद रेलवे ट्रैक का उद्घाटन असारवा रेलवे स्टेशन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। इसके बाद से इस ट्रैक पर उदयपुर से असारवा और असारवा से उदयपुर के लिए एक-एक ट्रेन का संचालन किया जा रहा था। शनिवार देर रात ग्रामीणों ने ओडा पुलिया पर विस्फोट की आवाज सुनी। सुबह जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे, तो रेलवे ट्रैक पर क्रेक मिले। इसके अलावा यहां से कई नट-बोल्ट भी गायब मिले। ट्रैक के बीच में बिछी हुई लोहे की पट्टी उखड़ी हुई मिली। इसके बाद ग्रामीणों ने बिना देर किए इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम और जिला कलेक्टर को दी।