{"_id":"5e4c06bf8ebc3ef25160dc34","slug":"indian-railways-removes-illegal-software-more-tatkal-tickets-will-be-available-now","type":"story","status":"publish","title_hn":"रेलवे में तत्काल टिकट का 'खेल' खत्म, अवैध सॉफ्टवेयर का सफाया, 60 एजेंट गिरफ्तार","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
रेलवे में तत्काल टिकट का 'खेल' खत्म, अवैध सॉफ्टवेयर का सफाया, 60 एजेंट गिरफ्तार
Tue, 18 Feb 2020 09:19 PM IST
आसिम खान
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Tue, 18 Feb 2020 09:19 PM IST
विज्ञापन
भारतीय रेल (फाइल फोटो)
भारतीय रेलवे ने अवैध सॉफ्टवेयरों का सफाया करते हुए उन 60 एजेंटों को गिरफ्तार किया है जो ऐसे तरीकों से टिकटों की बुकिंग कर लेते थे। रेलवे के इस कदम से अब यात्रियों के लिए अधिक संख्या में तत्काल टिकट उपलब्ध हो सकेंगे। एक शीर्ष अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
विज्ञापन
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के महानिदेशक अरुण कुमार ने कहा कि सफाई अभियान का अर्थ है कि यात्रियों के लिए अब तत्काल टिकट घंटों तक उपलब्ध होंगे जो पहले बुकिंग खुलने के बाद कुछ मिनटों में ही समाप्त हो जाते थे।
विज्ञापन
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उनमें कोलकाता का एक व्यक्ति भी है और संदेह है कि उसका संपर्क बांग्लादेश स्थित आतंकवादी संगठन जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश से है। जनवरी में महानिदेशक ने कहा था कि एक ई-टिकट गिरोह का पर्दाफाश किया गया है जिसके तार संभवत: आतंकवाद के वित्तपोषण और धनशोधन से जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
अधिकारियों ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि एएनएमएस, मैक और जगुआर जैसे अवैध सॉफ्टवेयर आईआरसीटीसी के लॉगिन कैप्चा, बुकिंग कैप्चा और बैंक ओटीपी को बाईपास करते जबकि वास्तविक ग्राहकों को इन सभी प्रक्रियाओं से गुजरना होता है। उन्होंने बताया कि एक सामान्य ग्राहक के लिए बुकिंग प्रक्रिया में आमतौर पर लगभग 2.55 मिनट लगते हैं, लेकिन ऐसे सॉफ्टवेयरों का उपयोग करने वाले इसे लगभग 1.48 मिनट में पूरी कर लेते।
रेलवे एजेंटों को तत्काल टिकट बुक करने की अनुमति नहीं देता और पिछले दो महीनों में आरपीएफ ने लगभग 60 अवैध एजेंटों को पकड़ा जो इन सॉफ्टवेयरों के जरिए टिकट बुक कर रहे थे। ऐसे में अन्य लोगों के लिए तत्काल टिकट प्राप्त करना वस्तुत: असंभव हो गया।
कुमार ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा, ‘आज मैं कह सकता हूं कि अवैध सॉफ्टवेयरों के जरिए एक भी टिकट नहीं बुक किया जा रहा है। हमने आईआरसीटीसी से जुड़े सभी मुद्दों को हल कर लिया है तथा उन लोगों को भी पकड़ लिया जो सॉफ्टवेयर के प्रमुख ऑपरेटर थे।’
कुमार ने कहा कि इन गिरफ्तारियों के साथ ही अधिकतर अवैध सॉफ्टवेयरों को ब्लॉक कर दिया गया है जो सालाना 50 करोड़-100 करोड़ रुपये का कारोबार करते थे। उन्होंने कहा कि कोलकाता के एक व्यक्ति सहित सात लोगों को आठ फरवरी को गिरफ्तार किया गया।