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Railways: बिना किराया बढ़ाए रेलवे हो रहा मालामाल, जानें कबाड़ बेचकर कितने करोड़ की कमाई?
Mon, 20 Apr 2026 10:32 PM IST
Rahul Kumar
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Mon, 20 Apr 2026 10:32 PM IST
सार
रेलवे का कहना है कि इस बढ़ी आय से यात्रियों की सुविधाओं में भी सुधार किया गया है। इसमें बेहतर साफ-सफाई, आधुनिक सुविधाएं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
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पिलखनी से साहनेवाल तक कॉरिडोर सेक्शन पर दौड़ रही मालगाड़ी।
- फोटो : संवाद
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विस्तार
भारतीय रेलवे अब सिर्फ यात्रियों से मिलने वाले टिकट किराए पर निर्भर नहीं रह गया है। कबाड़ बेचकर और अन्य स्रोतों से कमाई बढ़ाकर रेलवे स्टेशनों पर सुविधाएं बेहतर कर रहा है। वित्तीय वर्ष 2025–26 में रेलवे ने स्क्रैप बेचकर 6,813.86 करोड़ रुपये की कमाई की है। यह आंकड़ा रेलवे द्वारा तय किए गए 6,000 करोड़ रुपये के लक्ष्य से काफी ज्यादा है।
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पुराने और बेकार पड़े सामान को बेचने से रेलवे को जहां बड़ी कमाई हुई है। वहीं डिपो, यार्ड और वर्कशॉप में काफी जगह भी खाली हुई है। इससे कामकाज तेज हुआ है। सफाई बेहतर हुई है और रीसाइक्लिंग व कचरा कम करने जैसे ग्रीन लक्ष्यों को भी बढ़ावा मिला है। साथ ही, रेलवे की नॉन फेयर कमाई यानी टिकट के अलावा होने वाली आय भी तेजी से बढ़ी है।
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रेलवे के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में यह कमाई 168 प्रतिशत बढ़कर करीब 290 करोड़ रुपये से 777 करोड़ रुपये से ज्यादा हो गई है। इसमें स्टेशनों पर खुले 120 जन औषधि केंद्र और 22 प्रीमियम ब्रांड आउटलेट्स का बड़ा योगदान रहा है। रेलवे का कहना है कि इस बढ़ी आय से यात्रियों की सुविधाओं में भी सुधार किया गया है। इसमें बेहतर साफ-सफाई, आधुनिक सुविधाएं और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था शामिल हैं।
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दरअसल, केंद्र सरकार की जन औषधि योजना के तहत रेलवे स्टेशनों पर सस्ती दवाइयों के लिए ये केंद्र खोले गए हैं। मार्च 2024 में 50 केंद्र शुरू किए गए थे, जिसके बाद इन्हें बढ़ाकर 150 करने का लक्ष्य रखा गया। फिलहाल 120 केंद्र चालू हो चुके हैं। कमाई बढ़ाने के लिए रेलवे ने कई नए प्रयोग भी शुरू किए हैं, जिनमें मल्टी-लेवल कार पार्किंग, मेडिकल सेंटर, ई-व्हीलचेयर, हेल्थ कियोस्क, गेमिंग ज़ोन और प्लेटफॉर्म पर ब्रांडिंग जैसी सुविधाएं शामिल हैं। वहीं, पश्चिम रेलवे ने अपने स्टेशनों पर को-वर्किंग स्पेस और डिजिटल लाउंज की शुरुआत की है, जहां यात्रियों को वाई-फाई, चार्जिंग पॉइंट, आरामदायक सीटिंग और काम करने की सुविधा मिल रही है।