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पिछले चार साल में रेल पटरियों पर 56271 लोगों की मौत, 2019 में हर दिन करीब 42 ने तोड़ा दम
Tue, 28 Apr 2020 03:06 PM IST
अनवर अंसारी
पीटीआई, इंदौर
पीटीआई, इंदौर
Published by: अनवर अंसारी
Updated Tue, 28 Apr 2020 03:06 PM IST
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भारतीय रेलवे
- फोटो : PTI
देश में रेल की पटरियों पर वर्ष 2016 से 2019 के बीच कुल 56,271 लोगों की मौत हुई, जबकि चार साल की इस अवधि में 5,938 लोग पटरियों पर घायल हुए। सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत यह जानकारी हासिल हुई है।
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हालांकि, आरटीआई जवाब में इसका विशिष्ट ब्योरा नहीं दिया गया है कि ये लोग रेल पटरियों पर किस तरह हताहत हुए। मध्यप्रदेश के नीमच निवासी आरटीआई कार्यकर्ता चंद्रशेखर गौड़ ने मंगलवार को बताया कि उन्हें रेलवे बोर्ड से सूचना के अधिकार के तहत जानकारी मिली है कि रेल पटरियों पर वर्ष 2016 में 14032, 2017 में 12838, 2018 में 14197 और 2019 में 15204 लोगों की मौत हुई।
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आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि पिछले साल 2019 में औसत आधार पर हर दिन करीब 42 लोगों ने रेल पटरियों पर दम तोड़ा। आरटीआई जवाब के मुताबिक वर्ष 2016 में 1343, 2017 में 1376, 2018 में 1701 और 2019 में 1518 व्यक्ति रेल पटरियों पर घायल हुए।
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रेलवे बोर्ड ने गौड़ को आरटीआई कानून 2005 के तहत भेजे पत्र में कहा कि ये आंकड़े प्रदेशों की राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर रेलवे बोर्ड के सुरक्षा निदेशालय में जमा किए गए हैं।
पत्र में यह भी कहा गया कि रेल पटरियों पर पुलिस की व्यवस्था राज्य सरकारों का विषय है। इसलिए रेल परिसरों और चलती गाड़ियों में अपराध की रोकथाम और जांच भी राज्यों का ही दायित्व है जिसका निर्वहन वे जीआरपी के माध्यम से करते हैं।
रेलवे बोर्ड के जवाब पर आरटीआई कार्यकर्ता ने कहा कि देश में रेल पटरियों पर हर साल बड़ी संख्या में लोगों के मरने और घायल होने के सरकारी आंकड़े बेहद चिंताजनक हैं। रेलवे को जीआरपी और राज्य सरकारों के अन्य विभागों की मदद से पटरियों पर खतरनाक क्षेत्रों की पहचान कर ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के प्रयास तेज करने चाहिए।