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हथिनी माधुरी की कोल्हापुर वापसी: वंतारा ने कहा- हर 15 दिन में होगी मेडिकल जांच; मठ की मदद का भी दिया भरोसा
Fri, 11 Sep 2026 08:45 PM IST
देवेश त्रिपाठी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जामनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जामनगर
Published by: देवेश त्रिपाठी
Updated Fri, 11 Sep 2026 08:45 PM IST
सार
कोल्हापुर की माधुरी यानी महादेवी हाथिनी की वापसी को लेकर वंतारा ने कहा है कि वह उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा। समिति ने 9 सितंबर को माधुरी को कोल्हापुर लौटाने की अनुमति दी थी, लेकिन उसके इस्तेमाल को लेकर कई शर्तें लगाई हैं।
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वंतारा ने कहा- माधुरी की सेहत और कल्याण हमारी पहली चिंता
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
जामनगर स्थित वंतारा ने कोल्हापुर की हथिनी माधुरी, जिसे महादेवी के नाम से भी जाना जाता है, की वापसी को लेकर बयान जारी किया है। वंतारा ने कहा कि माधुरी को 30 जुलाई 2025 को उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) के निर्देशों के तहत जामनगर लाया गया था। इन निर्देशों को बॉम्बे हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने भी बरकरार रखा था। वंतारा ने कहा कि उसने माधुरी की कस्टडी की मांग नहीं की थी, बल्कि निर्देश मिलने के बाद उसे अपने पास रखा और उसकी देखभाल की।
वंतारा ने कहा कि वह कोल्हापुर में माधुरी को लेकर लोगों की भावनाओं को पूरी तरह समझता है। महाराष्ट्र सरकार, अधिकारियों, हितधारकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद वंतारा ने 6 अगस्त 2025 को कहा था कि वह इन भावनाओं का सम्मान करता है और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगा।
हथिनी माधुरी के कोल्हापुर लौटने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तय की थीं क्या शर्तें?
सुप्रीम कोर्ट ने बाद में सभी पक्षों को अपनी दलीलें उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सामने रखने का निर्देश दिया था। समिति ने पक्षों को सुनने, रिपोर्ट मंगाने और नंदानी स्थित सुविधा का निरीक्षण करने के बाद 9 सितंबर 2026 को माधुरी को कोल्हापुर लौटाने की अनुमति दी। हालांकि, इसके लिए कई सख्त शर्तें भी तय की गई हैं।
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समिति की शर्तों के मुताबिक माधुरी का इस्तेमाल जुलूस या किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। उसे चौबीसों घंटे देखभाल उपलब्ध करानी होगी और हर 15 दिन में उसकी चिकित्सकीय जांच करानी होगी। वंतारा ने कहा कि वह उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अधिकार का सम्मान करता है और उसके सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा।
वंतारा ने हथिनी माधुरी को लेकर क्या कहा?
वंतारा ने कहा कि हथिनी माधुरी को लेकर उसका रुख हमेशा पशु चिकित्सा विज्ञान और उसके कल्याण पर आधारित रहा है। लगातार पशु चिकित्सा देखभाल से उसकी स्थिति स्थिर हुई है, लेकिन उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उसे अब भी उचित देखभाल, सहायक उपचार और नियमित पशु चिकित्सा निगरानी की जरूरत है।
वंतारा ने कहा कि माधुरी के कोल्हापुर लौटने के साथ उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। संस्था ने उसकी वापसी की प्रक्रिया में मदद की है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि उसके रहने के लिए उचित व्यवस्था, पशु चिकित्सा सुविधाएं, चिकित्सा उपकरण, दवाएं और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध हों।
हर 15 दिन में वंतारा की मेडिकल टीम जाएगी कोल्हापुर
वंतारा के पशु चिकित्सक हर 15 दिन में कोल्हापुर जाकर माधुरी की चिकित्सकीय जांच करेंगे। इसके बाद वे उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देश के अनुसार सक्षम अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। संस्था ने कहा कि यह देखभाल में निरंतरता बनाए रखने और माधुरी के कल्याण की सुरक्षा से जुड़ा है, चाहे वह कहीं भी रहे।
नंदानी की सुविधा में भी किए गए इंतजाम
वंतारा ने कहा कि उसने नंदानी में उस परिसर और बाड़े में भी काम किया है, जहां से माधुरी अब कोल्हापुर लौट रही है। उपलब्ध बुनियादी ढांचे के भीतर उसके लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्था की गई है। संस्था के मुताबिक इस समय सुविधा में और सुधार नहीं किया जा सका क्योंकि नगर नियोजन से जुड़ी कुछ सीमाएं हैं। ट्रस्ट की जमीन से होकर गुजरने वाली सड़क के कारण विकास के लिए उपलब्ध जमीन सीमित हो गई है।
वंतारा ने कहा कि माधुरी के वहां रहने के बाद वह सुविधा को बेहतर बनाने के लिए मठ को मदद देता रहेगा। अगर अदालत या सक्षम अधिकारियों की ओर से ऐसा करने का निर्देश दिया जाता है, तो भी वंतारा सुविधा के उन्नयन में सहायता करेगा। संस्था ने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट और उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देशों के लिए उनका आभार जताया। साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों तथा उनके अधिकारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
मठ को लेकर वंतारा ने जारी किया क्या बयान?
वंतारा ने माधुरी को लेकर चिंता जताने वाले मठ और कोल्हापुर के लोगों का भी आभार जताया। संस्था ने कहा कि वह माधुरी की स्थिति को उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सामने लाने में पेटा इंडिया की भूमिका को भी स्वीकार करती है और पशु कल्याण के क्षेत्र में उसके साथ अपने लंबे जुड़ाव को महत्व देती है।
अंत में वंतारा ने कहा कि माधुरी का कल्याण उसकी पहली चिंता बना रहेगा। संस्था की ओर से उसकी सेहत, कल्याण और गरिमा के प्रति प्रतिबद्धता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि वह कहां रहती है। वंतारा ने माधुरी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबे, सुरक्षित और खुशहाल जीवन की कामना की।
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वंतारा ने कहा कि वह कोल्हापुर में माधुरी को लेकर लोगों की भावनाओं को पूरी तरह समझता है। महाराष्ट्र सरकार, अधिकारियों, हितधारकों और स्थानीय समुदाय के सदस्यों के साथ चर्चा के बाद वंतारा ने 6 अगस्त 2025 को कहा था कि वह इन भावनाओं का सम्मान करता है और सक्षम अधिकारियों के निर्देशों का पालन करेगा।
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हथिनी माधुरी के कोल्हापुर लौटने को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने तय की थीं क्या शर्तें?
सुप्रीम कोर्ट ने बाद में सभी पक्षों को अपनी दलीलें उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सामने रखने का निर्देश दिया था। समिति ने पक्षों को सुनने, रिपोर्ट मंगाने और नंदानी स्थित सुविधा का निरीक्षण करने के बाद 9 सितंबर 2026 को माधुरी को कोल्हापुर लौटाने की अनुमति दी। हालांकि, इसके लिए कई सख्त शर्तें भी तय की गई हैं।
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समिति की शर्तों के मुताबिक माधुरी का इस्तेमाल जुलूस या किसी अन्य उद्देश्य के लिए नहीं किया जाएगा। उसे चौबीसों घंटे देखभाल उपलब्ध करानी होगी और हर 15 दिन में उसकी चिकित्सकीय जांच करानी होगी। वंतारा ने कहा कि वह उच्चाधिकार प्राप्त समिति के अधिकार का सम्मान करता है और उसके सभी निर्देशों का पूरी तरह पालन करेगा।
वंतारा ने हथिनी माधुरी को लेकर क्या कहा?
वंतारा ने कहा कि हथिनी माधुरी को लेकर उसका रुख हमेशा पशु चिकित्सा विज्ञान और उसके कल्याण पर आधारित रहा है। लगातार पशु चिकित्सा देखभाल से उसकी स्थिति स्थिर हुई है, लेकिन उसकी पुरानी स्वास्थ्य समस्याएं पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उसे अब भी उचित देखभाल, सहायक उपचार और नियमित पशु चिकित्सा निगरानी की जरूरत है।
वंतारा ने कहा कि माधुरी के कोल्हापुर लौटने के साथ उसकी जिम्मेदारी खत्म नहीं होगी। संस्था ने उसकी वापसी की प्रक्रिया में मदद की है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की है कि उसके रहने के लिए उचित व्यवस्था, पशु चिकित्सा सुविधाएं, चिकित्सा उपकरण, दवाएं और अन्य जरूरी सामान उपलब्ध हों।
हर 15 दिन में वंतारा की मेडिकल टीम जाएगी कोल्हापुर
वंतारा के पशु चिकित्सक हर 15 दिन में कोल्हापुर जाकर माधुरी की चिकित्सकीय जांच करेंगे। इसके बाद वे उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देश के अनुसार सक्षम अधिकारियों को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे। संस्था ने कहा कि यह देखभाल में निरंतरता बनाए रखने और माधुरी के कल्याण की सुरक्षा से जुड़ा है, चाहे वह कहीं भी रहे।
नंदानी की सुविधा में भी किए गए इंतजाम
वंतारा ने कहा कि उसने नंदानी में उस परिसर और बाड़े में भी काम किया है, जहां से माधुरी अब कोल्हापुर लौट रही है। उपलब्ध बुनियादी ढांचे के भीतर उसके लिए बेहतर से बेहतर व्यवस्था की गई है। संस्था के मुताबिक इस समय सुविधा में और सुधार नहीं किया जा सका क्योंकि नगर नियोजन से जुड़ी कुछ सीमाएं हैं। ट्रस्ट की जमीन से होकर गुजरने वाली सड़क के कारण विकास के लिए उपलब्ध जमीन सीमित हो गई है।
वंतारा ने कहा कि माधुरी के वहां रहने के बाद वह सुविधा को बेहतर बनाने के लिए मठ को मदद देता रहेगा। अगर अदालत या सक्षम अधिकारियों की ओर से ऐसा करने का निर्देश दिया जाता है, तो भी वंतारा सुविधा के उन्नयन में सहायता करेगा। संस्था ने सुप्रीम कोर्ट, बॉम्बे हाईकोर्ट और उच्चाधिकार प्राप्त समिति के निर्देशों के लिए उनका आभार जताया। साथ ही महाराष्ट्र और गुजरात सरकारों तथा उनके अधिकारियों के सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
मठ को लेकर वंतारा ने जारी किया क्या बयान?
वंतारा ने माधुरी को लेकर चिंता जताने वाले मठ और कोल्हापुर के लोगों का भी आभार जताया। संस्था ने कहा कि वह माधुरी की स्थिति को उच्चाधिकार प्राप्त समिति के सामने लाने में पेटा इंडिया की भूमिका को भी स्वीकार करती है और पशु कल्याण के क्षेत्र में उसके साथ अपने लंबे जुड़ाव को महत्व देती है।
अंत में वंतारा ने कहा कि माधुरी का कल्याण उसकी पहली चिंता बना रहेगा। संस्था की ओर से उसकी सेहत, कल्याण और गरिमा के प्रति प्रतिबद्धता इस बात पर निर्भर नहीं करती कि वह कहां रहती है। वंतारा ने माधुरी के अच्छे स्वास्थ्य और लंबे, सुरक्षित और खुशहाल जीवन की कामना की।