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राज्य की मांग पर और श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएंगी : रेलवे

Tue, 16 Jun 2020 06:37 AM IST
संजीव कुमार झा अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली Published by: संजीव कुमार झा Updated Tue, 16 Jun 2020 06:37 AM IST
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Indian railway news, More labour special trains will be run on the demand of the state
सांकेतिक तस्वीर

लॉकडाउन के कारण बंद ट्रेनों में से कुछ और ट्रेन पटरी पर लौट सकती हैं। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन विनोद कुमार यादव ने कहा कि राज्य यदि स्पेशल ट्रेन के अलावा अन्य ट्रेन चलाने की मांग करते हैं तो ट्रेन चलाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार के अनुरोध पर आवश्यक सेवाओं से जुड़े नागरिकों के लिए उपनगरीय सेवाएं शुरू की गई हैं। उन्होंने यह भी कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने के लिए भी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखा गया है।

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वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये यादव ने मीडियाकर्मियों को बताया कि रेलवे ने 5231 कोच को कोविड केयर सेंटर के रूप में बदला है। राज्य सरकारें इसका इस्तेमाल कर सकती हैं। इनमें संदिग्ध और पॉजिटिव मरीजों के लिए अलग-अलग कोच हैं। हर कोच में आठ केबिन बना है। जहां तक संभव होगा हर केबिन में एक मरीज रखेंगे। वहीं एक कोच में पॉजिटिव दो ही मरीजों को रखा जाएगा।
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उन्होंने बताया कि राज्य सरकारों की बताई जगहों पर कोच को रखा जाएगा। रेलवे के पास 85 ऐसे स्टेशन हैं जहां रेलवे का अस्पताल है। यहां मेडिकल स्टाफ रेलवे का होगा। 135 स्टेशन पर राज्य सरकार मेडिकल स्टाफ देगी। अब तक तेलंगाना, यूपी और दिल्ली ने इस तरह की कोच की मांग की है। 40 कोच दिल्ली के शकूर बस्ती शेड में पहुंचाया गया है।

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  • श्रमिक ट्रेनों से रेलवे को मिले 360 करोड़

रेलवे ने लॉकडाउन में एक मई से अब तक 60 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके घरों तक पहुंचाया है। इससे उसे 360 करोड़ का राजस्व प्राप्त हुआ है। रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि रेलवे ने अब तक 4450 श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाई है। उन्होंने कहा कि श्रमिक स्पेशल ट्रेन का औसत किराया 600 रुपये प्रति सवारी है। हमें संचालन लागत के तौर पर केवल 15 फीसदी ही प्राप्त हुए हैं।


एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन चलाने की लागत 75 लाख से 80 लाख रुपये आती है। इनमें केंद्र का हिस्सा 85 फीसदी और राज्यों से 15 फीसदी लिया गया है।

  • पहचान पत्र पर ही सफर की अनुमति

आवश्यक सेवा के लिए 230 स्पेशल ट्रेन के अलावा ट्रेन चली तो पहचान पत्र से ही सफर करने की अनुमति मिलेगी। ई-पास जारी किया जाएगा। ट्रेन में अमूमन 1200 यात्री सफर करते है, लेकिन इस ट्रेन में 700 यात्री सफर करेंगे।

  • जल्द भरे जाएंगे खाली पद

रेलवे बोर्ड के चेयरमैन ने कहा कि असिस्टेंट लोको पायलट व तकनीशियन का पद जल्द भरा जाएगा। इन 64,371 पदों के लिए 48 लाख आवेदन मिला था। नियुक्ति के साथ प्रशिक्षण भी देना पड़ता है इसी वजह से देरी हो रही है। नॉन टेकनिकल पॉपुलर कैटगरी में 35,200 पदों के लिए 1.60 लाख आवेदन मिले हैं और इस पर भी काम चल रहा है।

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