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Indian Navy Report: चीन ने 10 साल में बनाई सबसे शक्तिशाली नौसेना, पाकिस्तान की ताकत भी बढ़ाएगा

Sun, 09 Apr 2023 07:00 AM IST
वीरेंद्र शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: वीरेंद्र शर्मा Updated Sun, 09 Apr 2023 07:00 AM IST
सार

चीन अब हमारे दूसरे दुश्मन पाकिस्तान की नौसेना को भी विस्तार दे रहा है और 2030 तक उसकी नौसैनिक शक्ति 50% तक बढ़ा सकता है।

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Indian Navy report China built the most powerful navy in 10 years will also increase the strength of Pakistan
युद्धपोत सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

हमारे दुश्मन देश चीन ने बीते करीब 10 वर्ष में अपने युद्धपोत की संख्या 250 से बढ़ाकर 355 पहुंचाई है। वह आज दुनिया की सबसे बड़ी नौसैनिक शक्ति बन गया है। चीन अब हमारे दूसरे दुश्मन पाकिस्तान की नौसेना को भी विस्तार दे रहा है और 2030 तक उसकी नौसैनिक शक्ति 50% तक बढ़ा सकता है। दूसरी तरफ भारत के पास अभी 130 युद्धपोत व पनडुब्बियां हैं, इनकी संख्या 200 तक बढ़ाने का लक्ष्य तो है, लेकिन वृद्धि की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है। इस गति से इनकी संख्या 155 से 160 तक ही पहुंच सकेगी। भारतीय नौसेना ने संसदीय स्थायी समिति को सौंपी अपनी रिपोर्ट में यह अहम खुलासे किए हैं। इनमें भारत के लिए उन विपरीत हालात के बारे में भी आगाह किया, जो दुश्मन पड़ोसियों की शक्ति बढ़ने से पैदा हो रहे हैं।
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चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ और सैन्य मामलात विभाग के सचिव जनरल अनिल चौहान द्वारा समिति को दी गई, इस रिपोर्ट में चीन और पाकिस्तान के उल्लेख के समय उनके नाम वाले स्थान रिक्त रखे गए हैं। जनरल चौहान ने इसमें लिखा, 'आज हमारी नौसैनिक क्षमता 131 जहाजों की है। हमारा लक्ष्य 200 युद्धपोत बनाना है, लेकिन जिस रफ्तार से हम बढ़ रहे हैं, 155 से 160 तक ही पहुंच सकेंगे। केवल संख्या की बात करें तो यह बहुत कम है। हालांकि, भौगोलिक हालात जैसे फैक्टर भी दिमाग में रखे जाने चाहिए...।
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भारत की स्थिति
131 युद्धपोत और पनडुब्बियों के अलावा इस समय भारतीय नौसेना के पास 143 एयरक्राफ्ट व 130 हेलिकॉप्टर हैं। 43 युद्धपोत और पनडुब्बियों का निर्माण विभिन्न शिपयार्ड में तेजी से किया जा रहा है।
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इस समय सैन्य सर्वेक्षण और परिवहन के लिए विमानों व हेलिकॉप्टरों की भी कमी है। इन्हें पूरा करने के लिए खरीद तेज की जा रही है। इसकी अनुमति दीर्घकालिक एकीकृत परिप्रेक्ष्य योजना 2012-27 के तहत जारी होती है।

सिफारिशें
भारतीय नौसेना की क्षमता बढ़ाना बेहद आवश्यक है।
सामने आ रहे नये खतरों का जवाब देने के लिए नौसेना के लिए संतुलित निर्माण करने होंगे।
युद्धपोत, पनडुब्बियां, विमान शामिल करना जरूरी है।
सतत और सुनिश्चित फंडिंग भी चाहिए होगी।
पड़ोसी दुश्मन देशों से कई गुना बढ़े खतरे और आईओआर से हो रहे कारोबार में वृद्धि का रक्षा मंत्रालय मूल्यांकन करे।
2008 से चीन ने बढ़ाई मौजूदगी समुद्री डाकुओं को रोकने के बहाने साल 2008 से चीन हिंद महासागर क्षेत्र में मौजूद रहने लगा है। उसने अदन की खाड़ी से शुरुआत की। धीरे-धीरे मौजूदगी पुख्ता करता रहा।

चिंताएं यह भी
भविष्य : पांच वर्ष में चीन के पास होंगे 555 युद्धपोत, हमारे पास कम
रिपोर्ट ने भविष्य की बात करते हुए बताया कि अगले चार-पांच वर्ष में चीन के पास 555 युद्धपोत होंगे, जबकि हमारे पास कम होंगे।
हिंद महासागर क्षेत्र में चीन के 5 से 9 युद्धपोत हर समय मौजूद
नौसेना के प्रतिनिधि ने समिति ने बताया कि युद्धपोत की संख्या बढ़ाने के साथ चीन अब हिंद महासागर क्षेत्र (आईओआर) में 5 से 9 युद्धपोत तक हर समय मौजूद रख रहा है। इनमें शोध और खोजबीन के लिए भेजे गए युद्धपोत भी शामिल हैं। यह भारत की सुरक्षा को प्रभावित करते हैं।

चीन और पाकिस्तान : भारत के विरुद्ध हमेशा एक-दूसरे के साथ  
नौसैनिक दृष्टि से भारत के खिलाफ चीन व पाकिस्तान के हाथ मिलाने की संभावनाएं हैं। यह बात पाकिस्तानी नौसैनिक शक्ति के विस्तार से समझ आती है। साल 2030 तक पाकिस्तानी नौसेना आज से 50 प्रतिशत बढ़ जाएगी। इसमें चीन की सबसे बड़ी भूमिका होगी। वह अभी से पाकिस्तान की मदद कर रहा है।
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