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अभी और सख्त फैसलों की तैयारी, भारत ने पाकिस्तान से अपने उच्चायुक्त को बुलाया
Fri, 15 Feb 2019 04:14 PM IST
अमित मंडल
न्यूज डेस्क/डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क/डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: अमित मंडल
Updated Fri, 15 Feb 2019 04:14 PM IST
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Ajay Bisaria
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पुलवामा आतंकी हमले को लेकर लगातार बैठकों और फैसलों का दौर जारी है। भारत सरकार का रुख बेहद सख्त है और कई बड़े फैसले लेने की तैयारी हो रही है। इसी के तहत पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को दिल्ली बुलाया गया है। गुरुवार को हुए पुलवामा आतंकी हमले के मद्देनजर इसे बड़ा कदम माना जा रहा है।
पाकिस्तान को भारत ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आंतकी हमले के बाद सख्त कूटनीतिक संदेश देने की रणनीति तैयार की है। इस क्रम में शुक्रवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत के तेवर काफी सख्त थे। बताते हैं पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को दिल्ली बुलाया जा रहा है। अजय बिसारिया से विदेश मंत्री परामर्श करेंगे और इसके बाद उनके माध्यम से पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को सख्त संदेश दिया जा सकता है।
भारत ने पाकिस्तान को दिया गया सर्वाधिक वरीयता वाले राष्ट्र का दर्जा वापस ले लिया और विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त सोहेल मोहम्मद को तलब करके उन्हें जोरदार फटकार लगाई है। विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त से वहां की जमीन से चल रहे आतंकी संगठनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
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नई दिल्ली ने पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान की जमीन से चल रहे आतंकी संगठन पर मढऩे के साथ-साथ इसे जी 5+1 देशों के समूह में उठाने का निर्णय लिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भी पाकिस्तान को घेरने की कोशिश होगी और एक बार फिर नई दिल्ली पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के खिलाफ उन्हें प्रतिबंधित करने से लेकर सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
पाकिस्तान से हर रिश्ते पर पड़ेगा असर
विदेश मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले का पाकिस्तान के साथ संबंधों पर गहरा असर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में करतारपुर कॉरिडोर समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। भारत ने एक बार फिर अपने संकल्प को दोहराया है कि जबतक सीमा पार से आतंकवाद पर लगाम नहीं कसती, पड़ोसी देश के साथ वार्ता समेत अन्य शांति प्रयास नहीं शुरू किए जा सकते।
इससे पहले शुक्रवार को ही एहतियाती तौर पर राजधानी दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं पुलवामा हमले के मद्देनजर विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल मोहम्मद को तलब किया और पुलवामा आतंकवादी हमले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्हें विदेश सचिव विजय गोखले ने तलब किया था।
विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करनी होगी, और उसे तुरंत आतंकवाद से जुड़े गुटों और लोगों को अपनी धरती से काम करने देना बंद करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान को भी खारिज कर दिया।
बता दें कि पाकिस्तान हमेशा से आतंकियों का पनाहगार रहा है। वहां आतंकी फल-फूल रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि पाकिस्तान सीरिया से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया था। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रैटजिक फॉरसाइट ग्रुप द्वारा ''ह्यूमैनिटी एट रिस्क- ग्लोबल टेरर थ्रेट इंडिकेंट'' के नाम से रिपोर्ट प्रकाशित में कहा गया था कि आतंक की वजह से सीरिया के मुकाबले पाकिस्तान से मानवता को 3 गुना ज्यादा खतरा है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान उन देशों की सूची में सबसे उपर है, जहां सबसे ज्यादा आतंकियों ने पनाह ले रखी है और यह उनके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।
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पाकिस्तान को भारत ने पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर आंतकी हमले के बाद सख्त कूटनीतिक संदेश देने की रणनीति तैयार की है। इस क्रम में शुक्रवार को सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में कई अहम निर्णय लिए गए। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में भारत के तेवर काफी सख्त थे। बताते हैं पाकिस्तान में भारत के उच्चायुक्त अजय बिसारिया को दिल्ली बुलाया जा रहा है। अजय बिसारिया से विदेश मंत्री परामर्श करेंगे और इसके बाद उनके माध्यम से पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय को सख्त संदेश दिया जा सकता है।
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भारत ने पाकिस्तान को दिया गया सर्वाधिक वरीयता वाले राष्ट्र का दर्जा वापस ले लिया और विदेश सचिव विजय गोखले ने पाकिस्तान के भारत में उच्चायुक्त सोहेल मोहम्मद को तलब करके उन्हें जोरदार फटकार लगाई है। विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त से वहां की जमीन से चल रहे आतंकी संगठनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की।
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नई दिल्ली ने पुलवामा में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान की जमीन से चल रहे आतंकी संगठन पर मढऩे के साथ-साथ इसे जी 5+1 देशों के समूह में उठाने का निर्णय लिया है। संयुक्त राष्ट्र संघ में भी पाकिस्तान को घेरने की कोशिश होगी और एक बार फिर नई दिल्ली पाकिस्तान के आतंकी संगठनों के खिलाफ उन्हें प्रतिबंधित करने से लेकर सख्त कार्रवाई की मांग करेगा।
पाकिस्तान से हर रिश्ते पर पड़ेगा असर
विदेश मंत्रालय सूत्रों का कहना है कि पुलवामा में सीआरपीएफ कैंप पर हुए हमले का पाकिस्तान के साथ संबंधों पर गहरा असर पड़ सकता है। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में सुरक्षा मामलों की कैबिनेट बैठक में करतारपुर कॉरिडोर समेत कई मुद्दों पर चर्चा हुई है। भारत ने एक बार फिर अपने संकल्प को दोहराया है कि जबतक सीमा पार से आतंकवाद पर लगाम नहीं कसती, पड़ोसी देश के साथ वार्ता समेत अन्य शांति प्रयास नहीं शुरू किए जा सकते।
सुरक्षा व्यवस्था कड़ीSources to ANI: Indian High Commissioner to Pakistan Ajay Bisaria has been called to Delhi for consultations in the wake of yesterday's #PulwamaAttack. (file pic) pic.twitter.com/lYjHQKEhuC
— ANI (@ANI) February 15, 2019
इससे पहले शुक्रवार को ही एहतियाती तौर पर राजधानी दिल्ली में स्थित पाकिस्तानी उच्चायोग की सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। वहीं पुलवामा हमले के मद्देनजर विदेश सचिव ने पाकिस्तान के उच्चायुक्त सोहेल मोहम्मद को तलब किया और पुलवामा आतंकवादी हमले पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्हें विदेश सचिव विजय गोखले ने तलब किया था।
विदेश सचिव विजय गोखले ने कहा कि पाकिस्तान को जैश-ए-मोहम्मद के खिलाफ त्वरित कार्रवाई करनी होगी, और उसे तुरंत आतंकवाद से जुड़े गुटों और लोगों को अपनी धरती से काम करने देना बंद करना होगा। इसके साथ ही उन्होंने गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान को भी खारिज कर दिया।
बता दें कि पाकिस्तान हमेशा से आतंकियों का पनाहगार रहा है। वहां आतंकी फल-फूल रहे हैं। जिसका नतीजा यह है कि पाकिस्तान सीरिया से भी ज्यादा खतरनाक हो गया है। यह दावा एक रिपोर्ट में किया गया था। ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी और स्ट्रैटजिक फॉरसाइट ग्रुप द्वारा ''ह्यूमैनिटी एट रिस्क- ग्लोबल टेरर थ्रेट इंडिकेंट'' के नाम से रिपोर्ट प्रकाशित में कहा गया था कि आतंक की वजह से सीरिया के मुकाबले पाकिस्तान से मानवता को 3 गुना ज्यादा खतरा है। दूसरी तरफ, पाकिस्तान उन देशों की सूची में सबसे उपर है, जहां सबसे ज्यादा आतंकियों ने पनाह ले रखी है और यह उनके लिए किसी स्वर्ग से कम नहीं है।