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Venus Orbiter Mission: भारत सरकार ने शुक्रयान के लिए दी मंजूरी, 2028 में शुक्र की कक्षा में उपग्रह भेजेगा इसरो
Wed, 27 Nov 2024 05:06 AM IST
शुभम कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, अहमदाबाद
Published by: शुभम कुमार
Updated Wed, 27 Nov 2024 05:06 AM IST
सार
भारत सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को शुक्रयान के लिए मंजूरी दे दी है। इसरो शुक्र की कक्षा में परिक्रमा करने वाले इस उपग्रह को 2028 में लॉन्च करेगा। इसरो के निदेशक नीलेश देसाई ने बताया कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद चंद्रयान-4 भी लॉन्च करने का प्रस्ताव किया गया है।
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वीनस मिशन,
- फोटो : Freepik
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विस्तार
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) को भारत सरकार ने शुक्रयान के लिए मंजूरी दे दी है। इसरो शुक्र की कक्षा में परिक्रमा करने वाले इस उपग्रह को 2028 में लॉन्च करेगा। इसरो के निदेशक नीलेश देसाई ने बताया कि चंद्रयान-3 की सफलता के बाद चंद्रयान-4 भी लॉन्च करने का प्रस्ताव किया गया है। यह उपग्रह न सिर्फ चंद्रमा की सतह पर उतरेगा, बल्कि वहां से मिट्टी और चट्टान के नमूने लेकर भी लौटेगा। भारत-जापान संयुक्त रूप से चंद्रयान-4 मिशन का संचालन करेंगे।
नीलेश देसाई ने दी जानकारी
देसाई ने कहा, चंद्रयान-4 मिशन के लिए सरकार की अनुमति का अभी इंतजार है। चंद्रयान-4 में दो मिशन शामिल होंगे। इसके रोवर का वजह 350 किलोग्राम होगा, जो चंद्रयान-3 मिशन की तुलना में 12 गुना अधिक वजनी होगा। सरकार की मंजूरी के बाद इसरो 2030 में इस मिशन को भेजने में सक्षम होगा।
मंगल पर उतरने का प्रयास होगा
देसाई ने बताया, मंगल मिशन के तहत न सिर्फ उपग्रह को मंगल की कक्षा में स्थापित करेंगे, बल्कि उसकी सतह पर उतरने का भी प्रयास करेंगे। अगले दो वर्ष में गगनयान भी लॉन्च किया जाएगा। यह मानवरहित यान होगा। इसके बाद मानव को मंगल मिशन पर भेजा जाएगा। सरकार ने अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की अनुमति भी दे दी। इसके पांच मॉड्यूल में से पहला 2028 में लॉन्च किया जाएगा।
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नीलेश देसाई ने दी जानकारी
देसाई ने कहा, चंद्रयान-4 मिशन के लिए सरकार की अनुमति का अभी इंतजार है। चंद्रयान-4 में दो मिशन शामिल होंगे। इसके रोवर का वजह 350 किलोग्राम होगा, जो चंद्रयान-3 मिशन की तुलना में 12 गुना अधिक वजनी होगा। सरकार की मंजूरी के बाद इसरो 2030 में इस मिशन को भेजने में सक्षम होगा।
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मंगल पर उतरने का प्रयास होगा
देसाई ने बताया, मंगल मिशन के तहत न सिर्फ उपग्रह को मंगल की कक्षा में स्थापित करेंगे, बल्कि उसकी सतह पर उतरने का भी प्रयास करेंगे। अगले दो वर्ष में गगनयान भी लॉन्च किया जाएगा। यह मानवरहित यान होगा। इसके बाद मानव को मंगल मिशन पर भेजा जाएगा। सरकार ने अपना अंतरिक्ष स्टेशन बनाने की अनुमति भी दे दी। इसके पांच मॉड्यूल में से पहला 2028 में लॉन्च किया जाएगा।
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