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IAF: स्वदेशी SAMAR एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण, आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
Sun, 17 Dec 2023 02:54 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नितिन गौतम
Updated Sun, 17 Dec 2023 02:54 PM IST
सार
जमीन से हवा में मार करने वाला यह मिसाइल सिस्टम भारतीय वायुसेना द्वारा ही विकसित किया गया है।
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समर एयर डिफेंस सिस्टम
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
भारतीय वायुसेना ने रविवार को SAMAR (Surface to Air Missile for Assured Retaliation) एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का सफल परीक्षण किया। बता दें कि समर एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम को भारत में ही विकसित किया गया है और यह स्वदेशी डिजाइन पर आधारित है। जमीन से हवा में मार करने वाला यह मिसाइल सिस्टम भारतीय वायुसेना द्वारा ही विकसित किया गया है। वायुसेना को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में यह अहम कदम है।
वायुसेना ने पहली बार किया समर एयर डिफेंस का परीक्षण
वायुसेना ने बयान जारी कर बताया कि भारत में ही डिजाइन और विकसित किए गए SAMAR एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का युद्धाभ्यास अस्त्रशक्ति-2023 के दौरान सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण एयर फोर्स स्टेशन सूर्यलंका में किया गया। एयर डिफेंस सिस्टम को वायुसेना की मेंटिनेंस कमांड की एक यूनिट द्वारा ही विकसित किया गया है। पहली बार इस एयर डिफेंस सिस्टम का फील्ड परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल सिस्टम ने विभिन्न परिस्थितियों में सफलतापूर्वक अपने सभी उद्देश्य पूरे किए।
हवा में ही दुश्मन की मिसाइलों को तबाह करने में सक्षम
वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि 2 से 2.5 मैक की स्पीड रेंज वाली मिसाइल को इस समर एयर डिफेंस से तबाह किया जा सकता है। इस डिफेंस सिस्टम में दो लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म हैं और खतरे को भांपते हुए इसमें एक साथ दोनों मिसाइलों को लॉन्च किया जा सकता है। एयर फोर्स चीफ वीआर चौधरी और वाइस एयर चीफ एपी सिंह ने भी इस मिसाइल सिस्टम के परीक्षण को देखा। युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना ने अन्य हथियारों की क्षमता का भी प्रदर्शन देखा। बता दें कि भारतीय वायुसेना भी तेजी से आत्मनिर्भरत की तरफ कदम बढ़ा रही है।
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आत्मनिर्भर होती वायुसेना
वायुसेना की मेंटिनेंस कमांड की 7 बीआरडी यूनिट ने एयर डिफेंस सिस्टम को विकसित किया है। मेंटिनेंस कमांड ने फाइटर जेट्स के कई अहम उपकरण बनाने, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर्स और ग्राउंड बेस्ड हथियार विकसित करने में सफलता मिली है। मेंटिनेंस कमांड फिलहाल एचएएल के साथ मिलकर सुखोई 30 और मिग-29 जेट्स की क्षमता को बेहतर बनाने में भी जुटी है।
आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने एक साथ चार लक्ष्यों को भेदने में पाई सफलता
युद्धाभ्यास अस्त्रशक्ति के तहत वायुसेना ने अपने एक और स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम आकाश का भी परीक्षण किया। इस दौरान आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने कमाल की क्षमता का प्रदर्शन करते हुए एक साथ चार लक्ष्यों को भेद दिया। जमीन से सतह पर मार करने वाले आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने सिंगर फायरिंग से चार मानवरहित लक्ष्यों को एक साथ तबाह करने में सफलता पाई। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि युद्धाभ्यास के दौरान चार टारगेट एक ही दिशा से आ रहे थे, जिस पर आकाश एयर डिफेंस सिस्टम के फायरिंग लेवल रडार से चारों टारगेट को ट्रैक किया और चारों को हवा में एक साथ तबाह कर दिया। बता दें कि डीआरडीओ ने आकाश मिसाइल सिस्टम को विकसित किया है और इसे डिफेंस पब्लिक सेक्टर ने अन्य कंपनियों के साथ मिलकर बनाया है।
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वायुसेना ने पहली बार किया समर एयर डिफेंस का परीक्षण
वायुसेना ने बयान जारी कर बताया कि भारत में ही डिजाइन और विकसित किए गए SAMAR एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम का युद्धाभ्यास अस्त्रशक्ति-2023 के दौरान सफल परीक्षण किया गया। यह परीक्षण एयर फोर्स स्टेशन सूर्यलंका में किया गया। एयर डिफेंस सिस्टम को वायुसेना की मेंटिनेंस कमांड की एक यूनिट द्वारा ही विकसित किया गया है। पहली बार इस एयर डिफेंस सिस्टम का फील्ड परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान मिसाइल सिस्टम ने विभिन्न परिस्थितियों में सफलतापूर्वक अपने सभी उद्देश्य पूरे किए।
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हवा में ही दुश्मन की मिसाइलों को तबाह करने में सक्षम
वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि 2 से 2.5 मैक की स्पीड रेंज वाली मिसाइल को इस समर एयर डिफेंस से तबाह किया जा सकता है। इस डिफेंस सिस्टम में दो लॉन्चिंग प्लेटफॉर्म हैं और खतरे को भांपते हुए इसमें एक साथ दोनों मिसाइलों को लॉन्च किया जा सकता है। एयर फोर्स चीफ वीआर चौधरी और वाइस एयर चीफ एपी सिंह ने भी इस मिसाइल सिस्टम के परीक्षण को देखा। युद्धाभ्यास के दौरान वायुसेना ने अन्य हथियारों की क्षमता का भी प्रदर्शन देखा। बता दें कि भारतीय वायुसेना भी तेजी से आत्मनिर्भरत की तरफ कदम बढ़ा रही है।
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आत्मनिर्भर होती वायुसेना
वायुसेना की मेंटिनेंस कमांड की 7 बीआरडी यूनिट ने एयर डिफेंस सिस्टम को विकसित किया है। मेंटिनेंस कमांड ने फाइटर जेट्स के कई अहम उपकरण बनाने, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट, हेलीकॉप्टर्स और ग्राउंड बेस्ड हथियार विकसित करने में सफलता मिली है। मेंटिनेंस कमांड फिलहाल एचएएल के साथ मिलकर सुखोई 30 और मिग-29 जेट्स की क्षमता को बेहतर बनाने में भी जुटी है।
आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने एक साथ चार लक्ष्यों को भेदने में पाई सफलता
युद्धाभ्यास अस्त्रशक्ति के तहत वायुसेना ने अपने एक और स्वदेशी एयर डिफेंस सिस्टम आकाश का भी परीक्षण किया। इस दौरान आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने कमाल की क्षमता का प्रदर्शन करते हुए एक साथ चार लक्ष्यों को भेद दिया। जमीन से सतह पर मार करने वाले आकाश एयर डिफेंस सिस्टम ने सिंगर फायरिंग से चार मानवरहित लक्ष्यों को एक साथ तबाह करने में सफलता पाई। वायुसेना के अधिकारियों ने बताया कि युद्धाभ्यास के दौरान चार टारगेट एक ही दिशा से आ रहे थे, जिस पर आकाश एयर डिफेंस सिस्टम के फायरिंग लेवल रडार से चारों टारगेट को ट्रैक किया और चारों को हवा में एक साथ तबाह कर दिया। बता दें कि डीआरडीओ ने आकाश मिसाइल सिस्टम को विकसित किया है और इसे डिफेंस पब्लिक सेक्टर ने अन्य कंपनियों के साथ मिलकर बनाया है।