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जल्दबाजी में मुक्त व्यापार समझौता नहीं करेगा भारत : पीयूष गोयल
Wed, 18 Dec 2019 03:22 AM IST
आसिम खान
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आसिम खान
Updated Wed, 18 Dec 2019 03:22 AM IST
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पीयूष गोयल (फाइल फोटो)
- फोटो : ANI
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वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को आश्वासन देते हुए कहा कि भारत जल्दबाजी में कोई मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) नहीं करेगा, जिससे भारतीय उद्योग और निर्यातकों को नुकसान हो। उन्होंने चीन समर्थित व्यापार समझौता आरसीईपी (क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक भागीदारी) से अलग होने के एक महीने से अधिक समय बाद यह बात कही।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार नवंबर को बैंकॉक में यह कहते हुए आरसीईपी में शामिल नहीं होने की घोषणा की कि बातचीत भारत के लंबित मसलों और चिंताओं का समाधान करने में विफल रही। उद्योग मंडल सीआईआई के कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार ने राष्ट्रहित में साहसिक फैसला किया क्योंकि स्पष्ट रूप से समझौता कुछ और नहीं बल्कि भारत-चीन एफटीए होता और इसे ‘कोई नहीं चाहता।
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पहली बार यह जाहिर हुआ कि कूटनीति व्यापार पर हावी नहीं होगी। व्यापार अलग है और वह अपने पैर पर ही खड़ा होगा। गोयल ने कहा कि भारतीय कंपनियों और उद्योग को वर्षों से नुकसान होता रहा है। वास्तविक मुद्दों के समाधान के बजाए उन्हें और तकलीफ दी गई। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछली सरकार में जब एफटीए पर हस्ताक्षर किया था, तब उद्योग की बात नहीं सुनी गई।
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समझौते से भारत-अमेरिका दोनों को होगा लाभ
केंद्रीय मंत्री ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का जिक्र करते हुए कहा कि कई दौर की बातचीत हो गई है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि उनके साथ जो व्यापार समझौता हो, उससे दोनों देशों को समान रूप से लाभ हो। आरसीईपी पर उन्होंने कहा कि भारत का मत यह था कि मसलों का समाधान किए बिना यह देश हित में नहीं होगा और देश को इसका बेहतर नतीजा नहीं मिलेगा। इसलिए भारत ने आरसीईपी समझौते से पीछे हटने का निर्णय किया है।