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रूस से एस-400 सौदे पर अमेरिका के दबाव में नहीं आएगा भारत, सीआरएस रिपोर्ट व प्रतिबंध की धमकी से असर नहीं
Wed, 06 Jan 2021 05:00 AM IST
देव कश्यप
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
हिमांशु मिश्र, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Wed, 06 Jan 2021 05:00 AM IST
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s-400 missile air defence system
- फोटो : South china morning
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रूस के साथ एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल प्रणाली के सौदे के मामले में भारत अपने कदम पीछे नहीं खींचेगा। अमेरिका की दबाव बनाने की हालिया कोशिश का भी भारत पर कोई असर नहीं पड़ा है। सौदे के कारण प्रतिबंध की धमकी को भारत तवज्जो देने के मूड में नहीं है।
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सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका में सत्ता परिवर्तन के बाद इस सौदे में अड़चन डालने की वाशिंगटन की यह नई कोशिश है। ट्रंप सरकार के दौरान भी ऐसी कोशिश हुईं, मगर तब भारत ने सख्त रुख अपनाते हुए सौदे से पीछे न हटने का संदेश अमेरिका को दे दिया था। अमेरिकी कांग्रेस की जिस स्वतंत्र विंग कांग्रेसनल रिसर्च सर्विस (सीआरएस) ने सौदे से संबंधित रिपोर्ट दी है, उसकी मंशा महज दबाव बनाने की है।
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पहले भी सीआरएस के जरिए भारत पर दबाव बनाने की कई बार कोशिश हुई। सूत्र ने बताया, यह आधिकारिक रिपोर्ट नहीं, महज अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों का नजरिया दिखाने का हिस्सा है। सीआरएस का उपयोग दूसरे देशों पर दबाव बनाने के लिए होता है। दरअसल, सीआरएस ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अरबों डॉलर के इस सौदे के कारण भारत पर अमेरिका के शत्रु विरोध प्रतिबंध कानून के तहत कई तरह के प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।
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पहले भी दबाव बनाने की कोशिश हुई है नाकाम
भारत ने 2018 में रूस के साथ पांच अरब डॉलर का एस-400 एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम खरीदने का करार किया था। तब ट्रंप प्रशासन ने भारत पर दबाव बनाने के लिए कई प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी थी। इसके बावजूद भारत ने करार के एक साल बाद सौदे के लिए रूस को 80 हजार करोड़ का भुगतान किया। भारत ने इस कदम के जरिए दबाव में न आने का संदेश दिया था। अब नए सिरे से दबाव बनाने की कोशिश हो रही है।