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India-US Ties: भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल लौटा, 500 अरब डॉलर व्यापार का लक्ष्य

Thu, 25 Sep 2025 10:20 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: हिमांशु चंदेल Updated Thu, 25 Sep 2025 10:20 PM IST
सार

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते पर अहम वार्ता के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल न्यूयॉर्क से लौट आया है। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अपने अमेरिकी समकक्ष से चर्चा की। हाल ही में अमेरिकी टैरिफ और एच-1बी वीजा फीस वृद्धि ने तनाव बढ़ाया है। दोनों देशों ने जल्द समझौते को आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक ले जाना है।

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India-US Ties Indian delegation returns after trade talks target of 500 dollar billion trade
भारत अमेरिका व्यापार समझौता (प्रतीकात्मक) - फोटो : एडॉब स्टॉक

विस्तार

भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हुई अहम बातचीत के बाद भारतीय प्रतिनिधिमंडल अमेरिका से लौट आया है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के नेतृत्व में टीम सोमवार को न्यूयॉर्क पहुंची थी और गुरुवार को भारत रवाना हुई। गोयल शुक्रवार को दिल्ली लौटेंगे। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने व्यापार और गैर-व्यापार से जुड़े मुद्दों पर कई स्तरों पर वार्ता की।
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अधिकारियों के मुताबिक, यह यात्रा प्रस्तावित व्यापार समझौते (BTA) को लेकर हुई प्रगति की समीक्षा करने के लिए थी। मंत्रालय के विशेष सचिव और भारत के मुख्य वार्ताकार राजेश अग्रवाल भी गोयल के साथ मौजूद रहे। गोयल ने अपने अमेरिकी समकक्ष के साथ बैठक की। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब 16 सितंबर को दिल्ली में अमेरिकी मुख्य वार्ताकार ब्रेंडन लिंच और अग्रवाल के बीच दिनभर चर्चा हुई थी। उस बैठक को सकारात्मक बताया गया था।
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कर और वीजा विवाद की पृष्ठभूमि
इस यात्रा का महत्व इसलिए भी बढ़ जाता है क्योंकि हाल ही में अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत टैरिफ और अतिरिक्त 25 प्रतिशत पेनल्टी लगाई थी। यह कदम भारत द्वारा रूस से कच्चा तेल खरीदने के बाद उठाया गया। इसके अलावा, अमेरिका ने अचानक एच-1बी वीजा फीस को 1,00,000 डॉलर तक बढ़ा दिया, जिससे भारतीय आईटी उद्योग को झटका लगा। उद्योग संगठन नैसकॉम ने कहा है कि इस फैसले से ऑनसाइट प्रोजेक्ट्स प्रभावित होंगे और बिजनेस निरंतरता पर असर पड़ेगा।
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व्यापार समझौते की दिशा
फरवरी 2025 में दोनों देशों के नेताओं ने निर्देश दिया था कि प्रस्तावित समझौते का पहला चरण अक्टूबर-नवंबर तक पूरा किया जाए। अब तक पांच दौर की वार्ता हो चुकी है। इस समझौते का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 500 अरब डॉलर तक पहुंचाना है, जबकि फिलहाल यह 191 अरब डॉलर पर है।


अमेरिका का भारत के साथ व्यापार
अमेरिका लगातार चौथे साल भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बना रहा है। 2024-25 में दोनों देशों के बीच व्यापार 131.84 अरब डॉलर का रहा, जिसमें से भारत का निर्यात 86.5 अरब डॉलर का था। भारत के कुल निर्यात में अमेरिका की हिस्सेदारी लगभग 18 प्रतिशत है।

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पिछली वार्ता और आगे की राह
इससे पहले मई 2025 में गोयल वाशिंगटन गए थे। उस समय उन्होंने अमेरिकी वाणिज्य सचिव हावर्ड लुटनिक और अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीयर से मुलाकात की थी। विशेषज्ञ मानते हैं कि मौजूदा दौर की बातचीत भविष्य की दिशा तय करेगा और व्यापारिक मतभेद सुलझाने का रास्ता खोलेगा।

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