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Metro: मेट्रो नेटवर्क विस्तार मामले में भारत जल्द होगा दूसरे नंबर पर, प्रतिदिन एक करोड़ यात्री कर रहे सवारी
Sat, 28 Oct 2023 03:42 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Sat, 28 Oct 2023 03:42 AM IST
सार
पुरी ने कहा कि वर्तमान में, भारत में लगभग 20 शहरों में मेट्रो प्रणालियों की परिचालन लंबाई 895 किमी है, और यह अगले कुछ वर्षों में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बनने की ओर बढ़ने के लिए तैयार है। मंत्री पुरी ने बताया कि भारत में प्रतिदिन एक करोड़ यात्री मेट्रो की सवारी कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि भविष्य में यह संख्या बढ़ सकती है।
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मेट्रो
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विस्तार
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने शुक्रवार को कहा कि भारत में प्रतिदिन एक करोड़ यात्री मेट्रो ट्रेन की सवारी कर रहे हैं। पुरी ने शुक्रवार को उनके मंत्रालय द्वारा दिल्ली में आयोजित 16वें शहरी गतिशीलता भारत सम्मेलन और प्रदर्शनी में अपने संबोधन में यह बात कही।
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पुरी ने कहा कि वर्तमान में भारत में लगभग 20 शहरों में मेट्रो ट्रेन नेटवर्क की परिचालन लंबाई 895 किमी है, और यह अगले कुछ वर्षों में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मेट्रो नेटवर्क बनने की ओर बढ़ने के लिए तैयार है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि भारत में प्रतिदिन एक करोड़ यात्री मेट्रो ट्रेन की सवारी कर रहे हैं, उन्हें लगता है कि भविष्य में यह संख्या बढ़ सकती है।
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27 शहरों में होगी मेट्रो
बाद में, पुरी और MoHUA सचिव मनोज जोशी ने कार्यक्रम से इतर मीडियाकर्मियों से बातचीत की। निर्माणाधीन मेट्रो लाइनों के बारे में पूछे जाने पर, पुरी ने कहा, इसका लगभग 965 किमी हिस्सा निर्माणाधीन है और एक बार पूरा होने के बाद, मेट्रो प्रणाली वाले शहरों की संख्या आज लगभग 20 से बढ़कर 27 हो जाएगी।
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भारत वर्तमान में मेट्रो नेटवर्क विस्तार के मामले में चीन और अमेरिका के बाद तीसरे नंबर पर है, और कुछ वर्षों में जैसे-जैसे नेटवर्क बढ़ता है, देश दूसरे नंबर पर पहुंचने की ओर अग्रसर है।
सम्मेलन के दौरान उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछे जाने पर कि भारत में प्रति दिन एक करोड़ यात्री मेट्रो सिस्टम की यात्रा कर रहे हैं, और क्या इस क्षेत्र में मौजूद कई चुनौतियों को देखते हुए यह संख्या बढ़ सकती है। केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मेट्रो सवारियों की संख्या को सरलता से बढ़ाना होगा कारण यह है कि एक यात्री मेट्रो को एक स्थान से दूसरे स्थान तक, निवास स्थान से काम के स्थान आदि तक जाने का एक कुशल, किफायती साधन के रूप में देखता है।'
दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में लगभग 70 लाख यात्री
उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में दिल्ली मेट्रो नेटवर्क का हवाला दिया, जिसमें अब लगभग 70 लाख यात्री हैं। दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क 288 स्टेशनों के साथ 393 किलोमीटर तक फैला है, जिसमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा कॉरिडोर और गुरुग्राम में रैपिड मेट्रो भी शामिल है।
हरदीप सिंह ने कहा, बेंगलुरु मेट्रो और अन्य मेट्रो में यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है, क्योंकि कई लोग भीड़भाड़ से बचना चाहते हैं। उन्होंने दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस कॉरिडोर के हाल ही में उद्घाटन किए गए 17 किलोमीटर लंबे प्राथमिकता वाले खंड का भी हवाला दिया और कहा, 'मुझे इसमें कोई संदेह नहीं है कि एक बार इसके पूरी तरह से चालू हो जाने पर लोग (सड़क से यात्रा में) तीन घंटे लगाने के बजाय 50 मिनट की इस सवारी को पसंद करेंगे।'
पीएम-ईबस सेवा 3,000 बसों के लिए अगले सप्ताह जारी हो सकती है निविदा
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय (एमओएचयूए) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि 'पीएम-ईबस सेवा' योजना के हिस्से के रूप में लगभग 3,000 इलेक्ट्रिक बसों के लिए निविदा अगले सप्ताह जारी होने की संभावना है। एमओएचयूए सचिव मनोज जोशी ने 16वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया कॉन्फ्रेंस के मौके पर आयोजित एक प्रेंस कॉन्फ्रेंस में कहा कि प्रस्तावित ई-बस सेवा केंद्र की बड़ी शहरी गतिशीलता नीति के तहत एक हस्तक्षेप है। 'पीएम-ईबस सेवा' योजना, जिसके तहत सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत 169 शहरों को 10,000 इलेक्ट्रिक बसें प्रदान की जाएंगी।