India-Singapore Ties: 'भारत ने बढ़ाया वैश्विक निवेशकों का भरोसा', दिल्ली में बोले सिंगापुर के वरिष्ठ सलाहकार
Teo Chee Hean Statement: नई दिल्ली में पांचवें अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान में सिंगापुर के वरिष्ठ सलाहकार टियो ची हीन ने भारत के आर्थिक सुधारों की जोरदार सराहना की। उन्होंने कहा कि जीएसटी सरलीकरण और श्रम कानूनों के एकीकरण ने वैश्विक निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है।
विस्तार
नई दिल्ली में आयोजित 5वें अटल बिहारी वाजपेयी स्मृति व्याख्यान में सिंगापुर के प्रधानमंत्री के वरिष्ठ सलाहकार और टेमासेक के चेयरमैन टियो ची हीन ने कहा कि भारत आर्थिक सुधारों के मामले में तेज और खुला रुख अपना रहा है। उन्होंने कहा कि भारत का यह बदला हुआ दृष्टिकोण अब वैश्विक दीर्घकालिक निवेशकों का ध्यान खींच रहा है। हीन ने बताया कि भारत में जीएसटी को सरल बनाकर एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाया गया है और 29 श्रम कानूनों को चार कोड में बदलकर बड़े सुधार किए गए हैं, जो कभी असंभव माने जाते थे।
हीन ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था आज दुनिया में बदलावों के बीच भी स्थिरता का संकेत दे रही है। उन्होंने कहा कि भारत का बदला हुआ नीति रुख, सुधारों की गति और सरकार की प्रतिबद्धता ने वैश्विक निवेशकों के लिए बड़े अवसर पैदा किए हैं। उनका कहना था कि आर्थिक उदारीकरण के 'कैलिब्रेटेड मॉडल' ने भारत को नई दिशा दी है। उन्होंने 19वीं सदी से सिंगापुर की सामाजिक संरचना में भारतीय समुदाय की भूमिका का भी जिक्र किया और कहा कि वैश्वीकरण की चुनौतियों के बीच भारत-सिंगापुर संबंध और मजबूत हो रहे हैं।
निवेश अवसरों पर चर्चा
टियो ची हीन ने मंगलवार को विदेश मंत्री एस. जयशंकर से भी मुलाकात की। जयशंकर ने एक्स पर बताया कि दोनों नेताओं के बीच भारत में हालिया सुधारों से खुली नई निवेश संभावनाओं पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि भारत-सिंगापुर संबंध आने वाले वर्षों में विकास, स्थिरता और क्षेत्रीय सहयोग को नई गति देंगे। जयशंकर ने हीन को व्याख्यान के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि वैश्विक परिदृश्य पर उनके विचार बेहद महत्वूपर्ण हैं।
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सुधारों की सराहना
हीन ने केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से भी मुलाकात की। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, मुलाकात के दौरान भारत में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। मंत्रालय ने बताया कि हीन ने भारत सरकार द्वारा पिछले दशक में किए गए सुधारों की विशेष सराहना की। उन्होंने कहा कि इन सुधारों ने भारत को एक विश्वसनीय और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के रूप में स्थापित किया है।
निवेश और बढ़ाने की योजना
टेमासेक के चेयरमैन हीन ने बताया कि भारत में टेमासेक का कुल निवेश 50 अरब डॉलर तक पहुंच चुका है। उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में यह निवेश और बढ़ेगा, क्योंकि भारत वित्तीय सेवाओं, उपभोक्ता बाज़ारों, स्वास्थ्य नवाचार, तकनीक, मैन्युफैक्चरिंग और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में बड़े अवसर प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह भारत और सिंगापुर दोनों के लिए विन-विन स्थिति है।
व्याख्यान के दौरान हीन ने वैश्विक अनिश्चितताओं, रणनीतिक स्वायत्तता और लचीले बहुपक्षवाद पर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारत की नीतियां न सिर्फ घरेलू विकास को मज़बूत कर रही हैं, बल्कि विदेश नीति में भी स्थिरता और विश्वसनीयता का संदेश दे रही हैं। उनकी टिप्पणियां इस बात का संकेत हैं कि भारत और सिंगापुर के बीच आर्थिक साझेदारी आने वाले वर्षों में और मजबूत होगी।
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