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MHA: आतंकवाद और सीमा सुरक्षा पर भारत की कड़ी कार्रवाई; भारत-बांग्लादेश सीमा पर आधुनिक तरीके से हो रही निगरानी
Wed, 12 Mar 2025 05:33 PM IST
पवन पांडेय
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 12 Mar 2025 05:33 PM IST
सार
भारत सरकार ने आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीकी और रणनीतिक उपाय किए हैं।
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नित्यानंद राय, केंद्रीय गृह राज्य मंत्री
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारत सरकार ने आतंकवाद के वित्तपोषण को रोकने और भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं। आतंकवाद के वित्तपोषण पर अंतरराष्ट्रीय बैठक की जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय ने बताया कि 18-19 नवंबर 2022 को नई दिल्ली में तीसरी 'नो मनी फॉर टेरर' (एनएमएफटी) मंत्री स्तरीय बैठक आयोजित हुई। इस बैठक में 77 देशों और 16 बहुपक्षीय संगठनों ने हिस्सा लिया। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय के अनुसार, इस मंच पर आतंकवाद की फंडिंग रोकने के लिए मौजूदा अंतरराष्ट्रीय उपायों की समीक्षा की गई और नई चुनौतियों से निपटने के समाधान पर चर्चा की गई।
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा कड़ी
सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीकी और रणनीतिक उपाय किए हैं। जिसके तहत आधुनिक निगरानी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें हैंड-हेल्ड थर्मल इमेजर (एचएचटीआई), नाइट विजन डिवाइस (एनवीडी), ड्रोन (यूएवी), सीसीटीवी कैमरे, आईआर सेंसर आदि लगाए गए हैं। वहीं असम के धुबरी में 'कम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम' (सीआईबीएमएस) का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
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यह भी पढ़ें - Bangladesh: बांग्लादेश में शेख हसीना और परिवार की मुश्किलें बढ़ीं, घर 'सुदासाधन' समेत कई संपत्तियां होंगी जब्त
सख्त गश्त और सुरक्षा ऑपरेशन
भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगातार पेट्रोलिंग, नाके, अवलोकन चौकियां और स्थानीय पुलिस और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ संयुक्त अभियान किए जा रहे हैं। वहीं नदी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए नावों और फ्लोटिंग बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) की तैनाती की गई है। वहीं बॉर्डर इलाकों में रोशनी की व्यवस्था के मद्देनजर फ्लडलाइट और सोलर लाइट लगाई गई हैं ताकि रात में भी निगरानी हो सके।
अवैध गतिविधियों पर रोक
इस कड़ी में खुफिया नेटवर्क मजबूत किया गया है ताकि तस्करों और घुसपैठियों पर नजर रखी जा सके। वहीं संवेदनशील इलाकों में बाड़बंदी को और मजबूत किया गया है। बीएसएफ की 15 मानव तस्करी विरोधी इकाइयां तैनात की गई हैं। इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी अहम है, जैसे स्थानीय लोगों से नियमित बैठकें, कुत्तों की तैनाती, वाहन पेट्रोलिंग जैसी गतिविधियों से बॉर्डर सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
बीएसएफ और बीजीबी के बीच सहयोग
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि भारत आतंकवाद और अवैध गतिविधियों से सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की सीमाओं को और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भारत और बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसियां 1975 के 'संयुक्त भारत-बांग्लादेश दिशा-निर्देश के तहत लगातार संपर्क में रहती हैं। 2011 में हस्ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी) के तहत बीएसएफ-बीजीबी के नोडल अधिकारी नियमित बैठकें करते हैं।
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भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा कड़ी
सरकार ने भारत-बांग्लादेश सीमा की सुरक्षा बढ़ाने के लिए तकनीकी और रणनीतिक उपाय किए हैं। जिसके तहत आधुनिक निगरानी उपकरणों का भी इस्तेमाल किया जा रहा है। जिसमें हैंड-हेल्ड थर्मल इमेजर (एचएचटीआई), नाइट विजन डिवाइस (एनवीडी), ड्रोन (यूएवी), सीसीटीवी कैमरे, आईआर सेंसर आदि लगाए गए हैं। वहीं असम के धुबरी में 'कम्प्रिहेंसिव इंटीग्रेटेड बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम' (सीआईबीएमएस) का पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया गया है।
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सख्त गश्त और सुरक्षा ऑपरेशन
भारत-बांग्लादेश सीमा पर लगातार पेट्रोलिंग, नाके, अवलोकन चौकियां और स्थानीय पुलिस और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के साथ संयुक्त अभियान किए जा रहे हैं। वहीं नदी क्षेत्रों की सुरक्षा के लिए नावों और फ्लोटिंग बॉर्डर आउटपोस्ट (बीओपी) की तैनाती की गई है। वहीं बॉर्डर इलाकों में रोशनी की व्यवस्था के मद्देनजर फ्लडलाइट और सोलर लाइट लगाई गई हैं ताकि रात में भी निगरानी हो सके।
अवैध गतिविधियों पर रोक
इस कड़ी में खुफिया नेटवर्क मजबूत किया गया है ताकि तस्करों और घुसपैठियों पर नजर रखी जा सके। वहीं संवेदनशील इलाकों में बाड़बंदी को और मजबूत किया गया है। बीएसएफ की 15 मानव तस्करी विरोधी इकाइयां तैनात की गई हैं। इसमें स्थानीय समुदाय की भागीदारी अहम है, जैसे स्थानीय लोगों से नियमित बैठकें, कुत्तों की तैनाती, वाहन पेट्रोलिंग जैसी गतिविधियों से बॉर्डर सुरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है।
बीएसएफ और बीजीबी के बीच सहयोग
गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने कहा कि भारत आतंकवाद और अवैध गतिविधियों से सख्ती से निपटने के लिए प्रतिबद्ध है। भारत की सीमाओं को और सुरक्षित बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भारत और बांग्लादेश की सीमा सुरक्षा एजेंसियां 1975 के 'संयुक्त भारत-बांग्लादेश दिशा-निर्देश के तहत लगातार संपर्क में रहती हैं। 2011 में हस्ताक्षरित समन्वित सीमा प्रबंधन योजना (सीबीएमपी) के तहत बीएसएफ-बीजीबी के नोडल अधिकारी नियमित बैठकें करते हैं।