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Election Analysis: अब कैसा दिखता है देश का सियासी नक्शा? नए शीर्ष पर पहुंची भाजपा, 72% क्षेत्रफल भगवामय
Tue, 05 May 2026 06:52 AM IST
कीर्तिवर्धन मिश्र
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
स्पेशल डेस्क, अमर उजाला
Published by: कीर्तिवर्धन मिश्र
Updated Tue, 05 May 2026 06:52 AM IST
सार
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी के नतीजे के साथ देश के सियासी नक्शे का रंग भी बदलेगा। आइये जानते हैं अभी कैसा है देश का सियासी नक्शा? पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद कैसे देश की सियासी तस्वीर बदली है? आइये जानते हैं…
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चुनाव 2026।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुदुचेरी के चुनाव नतीजे आ चुके हैं। जहां पश्चिम बंगाल में भाजपा पहली बार सत्ता में काबिज होने में कामयाब हुई है, तो वहीं असम में पार्टी ने एक बार फिर सत्ता पर कब्जा जमाया है। वहीं, पुदुचेरी में भाजपा ने एनआर कांग्रेस के साथ एनडीए की सत्ता बरकरार रखी है।
दूसरी तरफ तमिलनाडु, केरल में सरकारों में परिवर्तन हुआ है। जहां तमिलनाडु में सत्तासीन द्रमुक को नई नवेली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) से हार मिली तो वहीं केरल में लेफ्ट फ्रंट की सरकार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने हरा दिया।
इस लिहाज से देखा जाए तो जहां भाजपा ने अपने शासन वाले राज्यों की गिनती में एक जोड़ा है तो कांग्रेस ने भी एक बढ़ाया है। हालांकि, अन्य दलों- द्रमुक, टीएमसी, लेफ्ट की हार की वजह से उनके शासन वाले राज्य कम हुए हैं। इसके चलते देश का सियासी नक्शा भी काफी बदला है।
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आइये जानते हैं अभी कैसा है देश का सियासी नक्शा? पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद कैसे देश की सियासी तस्वीर बदली है?
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की मतगणना से पहले की बात करें तो इस वक्त 20 राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकार है। इनमें से 12 राज्यों में सीधा भाजपा अपने बल पर सत्ता में है, जबकि आठ राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता में हैं।
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दूसरी तरफ तमिलनाडु, केरल में सरकारों में परिवर्तन हुआ है। जहां तमिलनाडु में सत्तासीन द्रमुक को नई नवेली तमिलगा वेत्री कझगम (टीवीके) से हार मिली तो वहीं केरल में लेफ्ट फ्रंट की सरकार को कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ गठबंधन ने हरा दिया।
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इस लिहाज से देखा जाए तो जहां भाजपा ने अपने शासन वाले राज्यों की गिनती में एक जोड़ा है तो कांग्रेस ने भी एक बढ़ाया है। हालांकि, अन्य दलों- द्रमुक, टीएमसी, लेफ्ट की हार की वजह से उनके शासन वाले राज्य कम हुए हैं। इसके चलते देश का सियासी नक्शा भी काफी बदला है।
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आइये जानते हैं अभी कैसा है देश का सियासी नक्शा? पीएम मोदी के सत्ता में आने के बाद कैसे देश की सियासी तस्वीर बदली है?
कहां-कहां भाजपा-सहयोगियों की सरकार?
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश की मतगणना से पहले की बात करें तो इस वक्त 20 राज्यों में भाजपा या उसके सहयोगियों की सरकार है। इनमें से 12 राज्यों में सीधा भाजपा अपने बल पर सत्ता में है, जबकि आठ राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी सत्ता में हैं।
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राज्य |
किससे गठबंधन? |
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आंध्र प्रदेश |
टीडीपी, भाजपा |
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अरुणाचल प्रदेश |
भाजपा |
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असम |
भाजपा, एजीपी, यूपीपीएल, बीपीएफ |
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बिहार |
जदयू, भाजपा, हम, लोजपा (आर), रालोमो |
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छत्तीसगढ़ |
भाजपा |
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दिल्ली |
भाजपा |
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गोवा |
भाजपा |
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गुजरात |
भाजपा |
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हरियाणा |
भाजपा |
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मध्य प्रदेश |
भाजपा |
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महाराष्ट्र |
भाजपा, शिवसेना (शिंदे गुट), एनसीपी (अजित गुट) |
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मणिपुर |
भाजपा |
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मेघालय |
एनपीपी, भाजपा |
|
नगालैंड |
एनडीपीपी, एनपीएफ, भाजपा |
|
पुडुचेरी |
एआईएनआरसी, भाजपा |
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ओडिशा |
भाजपा |
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राजस्थान |
भाजपा |
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त्रिपुरा |
भाजपा, आईपीएफटी |
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उत्तर प्रदेश |
भाजपा |
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उत्तराखंड |
भाजपा |
| पश्चिम बंगाल | भाजपा |
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश के नतीजों के मुताबिक, भाजपा अब जिन 21 राज्यों में शासन कर रही है, अगर उनका कुल क्षेत्रफल निकालें तो यह देश का करीब 72 फीसदी है। वहीं, आबादी के मामले में भाजपा इस वक्त भारत की 76 फीसदी आबादी पर शासन कर रही है।
भाजपा मौजूदा समय में जिन 21 राज्यों में शासन कर रही है, उनमें सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है, जिसका क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का 10.40% है। वहीं, सबसे छोटा पुदुचेरी है, जिसका क्षेत्रफल देश का 0.01 फीसदी है।
इसके अलावा आबादी के लिहाज से भाजपा के शासन वाला सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है, जिसके पास देश में 16.50 फीसदी आबादी है। वहीं, सबसे छोटा पुदुचेरी है, जिसकी आबादी देश की 0.10 फीसदी है।
भाजपा मौजूदा समय में जिन 21 राज्यों में शासन कर रही है, उनमें सबसे बड़ा राज्य राजस्थान है, जिसका क्षेत्रफल देश के कुल क्षेत्रफल का 10.40% है। वहीं, सबसे छोटा पुदुचेरी है, जिसका क्षेत्रफल देश का 0.01 फीसदी है।
इसके अलावा आबादी के लिहाज से भाजपा के शासन वाला सबसे बड़ा राज्य उत्तर प्रदेश है, जिसके पास देश में 16.50 फीसदी आबादी है। वहीं, सबसे छोटा पुदुचेरी है, जिसकी आबादी देश की 0.10 फीसदी है।
कितने राज्यों की सरकार में कांग्रेस या गठबंधन की सरकार?
|
राज्य |
किससे गठबंधन? |
|
हिमाचल प्रदेश |
कांग्रेस |
|
झारखंड |
जेएमएम, कांग्रेस |
|
कर्नाटक |
कांग्रेस |
|
तेलंगाना |
कांग्रेस |
|
जम्मू-कश्मीर |
नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस |
| केरल | यूडीएफ (कांग्रेस नेतृत्व) |
किन राज्यों में अन्य दलों की सरकार
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राज्य |
किस दल की सरकार |
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पंजाब |
आप |
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तमिलनाडु |
टीवीके |
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सिक्किम |
एसकेएम |
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मिजोरम |
जेडपीएम |
जब मोदी सत्ता में आए तब सात राज्यों में थीं भाजपा सरकारें
मई 2014 में नरेंद्र मोदी ने भारत के प्रधानमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके सत्ता में आने के समय देश के सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगी दल सरकार चला रहे थे। इनमें पांच राज्यों में भाजपा के मुख्यमंत्री थे, जबकि आंध्र प्रदेश और पंजाब में उसकी सहयोगी पार्टी सत्ता में थी। इन दो राज्यों में देश की छह फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। बाकी पांच राज्यों छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भाजपा के मुख्यमंत्री थे। इन राज्यों में देश की 19 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है।यानी, जब नरेंद्र मोदी देश की सत्ता में आए उस वक्त करीब 26 फीसदी आबादी पर भाजपा और उसकी सहयोगी सरकारें चल रही थीं। उस वक्त देश के 14 राज्यों में कांग्रेस और उसके सहयोगी पार्टियों की सरकार थी। कांग्रेस शासित इन राज्यों में देश की 37 फीसदी से ज्यादा आबादी रहती है। इन राज्यों में महाराष्ट्र, कर्नाटक जैसे बड़े राज्य शामिल थे।
2018 में पीक पर पहुंची भाजपा
2014 में सात राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। चार साल बाद मार्च 2018 में 21 राज्यों में भाजपा और उसके सहयोगियों की सरकार थी। इन राज्यों में देश की करीब 71 फीसदी आबादी रहती है। ये वो दौर था, जब भाजपा शासन आबादी के लिहाज से पीक पर था। वहीं, चार राज्यों में कांग्रेस की सरकार थी। इन राज्यों की सात फीसदी आबादी रहती है।
दिल्ली चुनाव के नतीजों का क्या असर?
बिहार चुनाव से पहले दिल्ली में विधानसभा चुनाव हुए। फरवरी 2025 में हुए इस चुनाव के बाद 27 साल बाद भाजपा ने दिल्ली में वापसी की। देश की आबादी का लगभग 1.3 फीसदी हिस्सा यहां रहता है। 2011 की जनगणना के मुताबिक, दिल्ली की आबादी 1.68 करोड़ थी। देश के 0.02 फीसदी भू-भाग वाले केंद्र शासित प्रदेश में फरवरी 2025 तक आम आदमी पार्टी की सरकार शासन कर रही थी।
बिहार चुनाव में जीत के बाद क्या स्थिति?
बिहार में बीते साल नवंबर में एक बार फिर एनडीए की सरकार बनने के साथ ही देश के सियासी नक्शे में कोई बदलाव नहीं हो पाया। अगर सरकार बदलती तो भाजपा और उसके सहयोगी सरकारों की देश में कुल संख्या सिमटकर 19 राज्यों तक रह जाती, हालांकि एनडीए ने अपनी जमीन बचाए और बनाए रखी। फिलहाल एनडीए 20 राज्यों में काबिज है। अब 2026 के चुनाव उसकी बढ़ती या कम होती जमीन पर फैसला करेंगे।(जनसंख्या के सभी आंकड़े 2011 की जनगणना के आधार पर)
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