Modi's Strike Rate: बंगाल में PM मोदी ने जहां की रैली, वहां BJP 65% सीटों पर आगे, जानें कितनी सीटों पर बढ़त
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में हुए चुनाव में कई कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। उनके सबसे ज्यादा चुनावी कार्यक्रम पश्चिम बंगाल में रहे, जबकि सबसे कम एक रैली पुदुचेरी में हुई। आज मतगणना के बाद यह साफ हो जाएगा कि पीएम मोदी ने जिन क्षेत्रों को छुआ, वहां क्या असर रहा।
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विस्तार
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन चुनावी राज्यों में जमकर प्रचार किया। सबसे ज्यादा पश्चिम बंगाल में उनके चुनावी कार्यक्रम हुए। पुदुचेरी, असम, तमिलनाडु और केरल में भी प्रधानमंत्री ने चुनावी रैलियां कीं। इन रैलियों का कितना असर पड़ा ये आज पता चलेगा।
पीएम मोदी ने किस राज्य में कितनी रैलियां, जनसभाएं और रोड शो किए? जहां पीएम गए वहां इस बार कैसे रुझान दिख रहे हैं। 2021 में कैसे चुनावी नतीजे रहे थे? भाजपा के लिए यहां कितनी संभावनाएं हैं? आइये जानते हैं…
पश्चिम बंगाल में कितने प्रचार अभियानों में शामिल रहे पीएम मोदी?
चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में चुनाव की तारीखों का एलान 15 मार्च को हुआ। इसके बाद से पीएम मोदी ने इन सभी जगहों पर कुल 29 चुनाव प्रचार अभियानों में हिस्सा लिया। इनमें से 19 जिलों में 24 रोड शो, जनसभाएं और रैलियां सिर्फ पश्चिम बंगाल में ही हुईं। पीएम मोदी ने यहां मुर्शिदाबाद से लेकर कोलकाता तक ताबड़तोड़ रैलियां कीं। दूसरी तरफ बाकी राज्यों में उनके पांच चुनावी कार्यक्रम भी नहीं हुए।पीएम मोदी ने जिन जगहों पर चुनावी कार्यक्रम में हिस्सा लिया, उनका असर यह रहा है कि उनके प्रचार वाली कुल 259 सीटों में से 171 सीटों पर अब तक भाजपा आगे है। यानी मोदी के कार्यक्रम वाले क्षेत्रों में भाजपा का स्ट्राइक रेट करीब 65 फीसदी है।
किन-किन जिलों कि किन-किन शहरों में हुआ पीएम मोदी का प्रचार अभियान?
प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम बंगाल के कुल 19 जिलों में प्रचार अभियान में हिस्सा लिया। चुनाव तारीखों की घोषणा के एक दिन पहले 14 मार्च को भी पीएम की जनसभा कोलकाता में हुई थी। बंगाल में उनका चुनाव से जुड़ा आखिरी कार्यक्रम 27 अप्रैल को बैरकपुर में हुआ।1. किन जिलों में लगातार प्रचार अभियान से जुड़े पीएम मोदी?
उत्तर 24 परगनाइस जिले में पीएम मोदी ने चार बार प्रचार अभियान में हिस्सा लिया। इसमें पानीहाटी में प्रचार, दमदम में विजय संकल्प सभा और बनगांव के ठाकुरनगर में एक रैली शामिल है। इसके अलावा आखिरी रैली भी इसी जिले के बैरकपुर में की थी। उत्तर 24 परगना में कुल 33 सीटें हैं। 2021 के चुनाव में यहां की सिर्फ पांच सीटों पर ही भाजपा को जीत मिली थी। पीएम के ताबड़तोड़ प्रचार के चलते भाजपा को इस आंकड़े के बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल भाजपा यहां 17 सीटों पर आगे है।
यहां पीएम मोदी ने उत्तर कोलकाता और दक्षिण कोलकाता में एक-एक बार प्रचार अभियान में हिस्सा लिया। इसमें उत्तर कोलकाता में ठनठनिया कालीबाड़ी दर्शन के साथ बीके पाल एवेन्यू से खन्ना क्रॉसिंग तक मेगा रोड शो शामिल है। इसके अलावा उन्होंने भवानीपुर में भी 3 अप्रैल को रैली की। कोलकाता जिले में 11 विधानसभा सीटें हैं 2021 के चुनाव में सभी सीटों पर टीएमसी को जीत मिली थी।
हालांकि, इस बार कोलकाता की 11 सीटों में से छह सीटों पर भाजपा को बढ़त मिली है।
हुगली
इसी तरह हुगली में भी पीएम मोदी दो बार प्रचार अभियान का हिस्सा बने। इसमें आरमबाग में जनसभा और हरिपाल में रैली शामिल हैं। 2021 के चुनाव में हुगली जिले की 18 में सिर्फ चार सीटें भाजपा को मिली थीं। वहीं, 2026 में भाजपा इस जिले की 14 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है।
दक्षिण 24 परगना
पीएम मोदी ने यहां भी दो रैलियों में हिस्सा लिया। इनमें से एक रैली उन्होंने 23 अप्रैल को मथुरापुर में, जबकि दूसरी 24 अप्रैल को जाधवपुर में की। इस जिले के सियासी समीकरण की बात करें तो यहां कुल 31 विधानसभा सीटें आती हैं। ये जिला टीएमसी का गढ़ रहा है। 2021 के चुनाव में इस जिले की 31 में 30 सीटें टीएमसी ने जीती थी। वहीं, भाजपा का यहां खाता भी नहीं खुला था।
फिलहाल 2026 के चुनाव में भाजपा इस जिले में 12 सीटों पर आगे चल रही है।
जहां पीएम मोदी ने प्रचार की कमान संभाली, वहां कुल कितनी सीटें हैं?
जिन जिलों को पीएम मोदी ने छुआ, वहां 2021 में क्या थे नतीजे?
दक्षिण 24 परगना जिले में एक सीट 'इंडियन सेक्युलर फ्रंट' (आईएसएफ) ने जीती थी, जो संयुक्त मोर्चा (एसडीए) का हिस्सा थी।
दूसरे राज्यों में कैसा रहा पीएम का प्रचार?
प्रधानमंत्री मोदी के सबसे ज्यादा चुनावी कार्यक्रम पश्चिम बंगाल में ही रहे। इसके अलावा किसी भी राज्य में पीएम पांच बार भी नहीं गए। पुदुचेरी में पीएम मोदी का सिर्फ 3 अप्रैल को एक रोड शो किया। इसी तरह तमिलनाडु में दो दिन में दो चुनावी कार्यक्रम, असम और केरल में दो-दो दिन में चार-चार चुनावी कार्यक्रम किए।
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