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ओबीओआर पर समर्थन के लिए भारत ने चीन के सामने रखी ये शर्त
amarujala.com- Presented by: अभिषेक मिश्रा
Updated Sat, 28 Oct 2017 08:52 AM IST
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चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत पर उन्होंने चीनी सेना से युद्ध के लिए तैयार रहने की बात कही। इससे साफ जाहिर होता है कि चीन अब खुद को सैन्य स्तर पर विकसित करने में लगा हुआ है। शुक्रवार को भारत ने चीनी संबंधों पर कहा कि उसे उम्मीद है कि जिनपिंग के नए कार्यकाल में भी भारत और चीन के बीच शांति और स्थिरता बनी रहेगी।
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विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि शी जिनपिंग के दूसरे कार्यकाल की शुरुआत पर प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें शुभकामना भेजी है। उन्होंने कहा कि हमें उम्मीद है कि भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय संबंधों में शांति और स्थिरता बढ़ेगी।
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इससे पहले चीन ने भारत समेत कई देशों को अपनी महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट ओबीओआर, जो सीपीईसी से गुजरता है, में शामिल होने की बात कही थी। कुमार ने कहा कि ओबीओआर में हमारा रुख साफ है और यह सभी को पता है।
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उन्होंने कहा कि भारत ऐसी कनेक्टिविटी का सपोर्ट करता है, जो खुली हो और उसमें बराबर का सहयोग हो। गौरतलब है कि चूंकि सीपीईसी भारतीय सीमा से गुजरती है इसलिए भारत लंबे समय से इसका विरोध कर रहा है। मई में चीन की ओर से आयोजित एक हाई प्रोफाइल बेल्ट और रोड फोर्म को भारत ने बॉयकट किया था।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने गुरुवार को बीजिंग में कहा कि हम अन्य देशों के साथ भारत का भी बेल्ड और रोड पहल में स्वागत करते हैं।