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'आपसी सम्मान की भावना से हो रहा कार्यक्रम': भागवत की अमेरिका यात्रा के बीच आरएसएस ने क्या कहा; किसे न्योता?
Thu, 27 Aug 2026 01:54 AM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 27 Aug 2026 01:54 AM IST
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सुनील आंबेकर, आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक
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राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने बुधवार को कहा कि न्यूयॉर्क में उसके प्रमुख मोहन भागवत के कार्यक्रम का आयोजन खुले संवाद की भावना से किया गया है। संघ ने उन सभी लोगों को चर्चा में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया है, जो संगठन के बारे में और जानना चाहते हैं।
यह बात आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आलोचना के बीच कही। ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत के होने वाले कार्यक्रम पर सवाल उठाया है।
आंबेकर ने एक बयान में कहा कि न्यूयॉर्क में होने वाला 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' अलग-अलग धर्मों को साथ लाने वाला कार्यक्रम है। इसमें आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों से जुड़े लोगों के सामने अपनी बात रखेंगे।
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आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार प्रमुख आंबेकर ने कहा, यह कार्यक्रम खुले संवाद और एक-दूसरे के सम्मान की भावना से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा, यह 'भारतीय' विचार को दर्शाता है। यह सोच सभी को साथ लेने वाली और सभी का स्वागत करने वाली है।
ये भी पढ़ें: न्यूयार्क में तिलक से स्वागत: मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संबोधन; मोहन भागवत के तीन देशों के दौरे पर टिकी नजरें
आंबेकर ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत और दुनिया के अलग-अलग समुदायों के साथ आरएसएस के लंबे समय से चले आ रहे संवाद की परंपरा का हिस्सा है। इसका मकसद लोगों के बीच समझ बढ़ाना और साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा, जो लोग आरएसएस की सोच और विचारधारा के बारे में जानना चाहते हैं, हम उन्हें इन खुले संवाद के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।
किन संगठनों ने किया विरोध?
कई धार्मिक और नागरिक अधिकार संगठनों ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने कार्यक्रम में भागवत के शामिल होने का विरोध किया है। इनमें हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क शामिल हैं।
न्यूयॉर्क के मेयर ने क्या कहा?
इसके अलावा, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी कहा कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल होने वाले हैं। हालांकि, ममदानी ने यह भी कहा कि यह 'निजी' कार्यक्रम है। इसलिए संभव है कि इसे रद्द करने का अधिकार शहर के पास न हो।
अमेरिकी गायिका मिलबेन ने ममदानी की आलोचना की
वहीं, अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का विरोध करने को लेकर ममदानी की आलोचना की। मिलबेन ने मंगलवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ममदानी और उनके जैसे समाजवादी लोग मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का विरोध करते हैं।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में कब होगा कार्यक्रम?
मोहन भागवत मंगलवार को अमेरिका पहुंचे। यह यात्रा आरएसएस के 100 साल पूरे होने के मौके पर चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है। भागवत 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के लिए आयोजित किया गया है।
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यह बात आरएसएस के वरिष्ठ पदाधिकारी सुनील आंबेकर ने न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी की आलोचना के बीच कही। ममदानी ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में भागवत के होने वाले कार्यक्रम पर सवाल उठाया है।
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आंबेकर ने एक बयान में कहा कि न्यूयॉर्क में होने वाला 'यूनिवर्सल वननेस सेलिब्रेशन' अलग-अलग धर्मों को साथ लाने वाला कार्यक्रम है। इसमें आरएसएस के सरसंघचालक मोहन भागवत अलग-अलग संस्कृतियों और धर्मों से जुड़े लोगों के सामने अपनी बात रखेंगे।
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आरएसएस के राष्ट्रीय मीडिया और प्रचार प्रमुख आंबेकर ने कहा, यह कार्यक्रम खुले संवाद और एक-दूसरे के सम्मान की भावना से आयोजित किया गया है। उन्होंने कहा, यह 'भारतीय' विचार को दर्शाता है। यह सोच सभी को साथ लेने वाली और सभी का स्वागत करने वाली है।
ये भी पढ़ें: न्यूयार्क में तिलक से स्वागत: मैडिसन स्क्वायर गार्डन में संबोधन; मोहन भागवत के तीन देशों के दौरे पर टिकी नजरें
आंबेकर ने कहा कि यह कार्यक्रम भारत और दुनिया के अलग-अलग समुदायों के साथ आरएसएस के लंबे समय से चले आ रहे संवाद की परंपरा का हिस्सा है। इसका मकसद लोगों के बीच समझ बढ़ाना और साझा उद्देश्य को आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा, जो लोग आरएसएस की सोच और विचारधारा के बारे में जानना चाहते हैं, हम उन्हें इन खुले संवाद के कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए आमंत्रित करते हैं।
किन संगठनों ने किया विरोध?
कई धार्मिक और नागरिक अधिकार संगठनों ने मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने कार्यक्रम में भागवत के शामिल होने का विरोध किया है। इनमें हिंदूज फॉर ह्यूमन राइट्स, इंडियन अमेरिकन मुस्लिम काउंसिल और इंटरफेथ सेंटर ऑफ न्यूयॉर्क शामिल हैं।
न्यूयॉर्क के मेयर ने क्या कहा?
इसके अलावा, न्यूयॉर्क के मेयर जोहरान ममदानी ने भी कहा कि वह मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले इस कार्यक्रम का समर्थन नहीं करते। इस कार्यक्रम में आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत शामिल होने वाले हैं। हालांकि, ममदानी ने यह भी कहा कि यह 'निजी' कार्यक्रम है। इसलिए संभव है कि इसे रद्द करने का अधिकार शहर के पास न हो।
अमेरिकी गायिका मिलबेन ने ममदानी की आलोचना की
वहीं, अमेरिकी गायिका मैरी मिलबेन ने भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का विरोध करने को लेकर ममदानी की आलोचना की। मिलबेन ने मंगलवार को 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि ममदानी और उनके जैसे समाजवादी लोग मोहन भागवत के मैडिसन स्क्वायर गार्डन कार्यक्रम का विरोध इसलिए कर रहे हैं, क्योंकि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा का विरोध करते हैं।
मैडिसन स्क्वायर गार्डन में कब होगा कार्यक्रम?
मोहन भागवत मंगलवार को अमेरिका पहुंचे। यह यात्रा आरएसएस के 100 साल पूरे होने के मौके पर चलाए जा रहे वैश्विक संपर्क कार्यक्रम का हिस्सा है। भागवत 29 अगस्त को मैडिसन स्क्वायर गार्डन में होने वाले कार्यक्रम को संबोधित करेंगे। इसमें करीब 5,000 लोगों के शामिल होने की उम्मीद है। यह कार्यक्रम अमेरिका में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोगों के लिए आयोजित किया गया है।