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महामारी से मुकाबला: ओमिक्रॉन से निपटने में भारत का प्रबंधन रहा बेहतर, विकसित देश छूटे पीछे
Thu, 17 Mar 2022 04:33 PM IST
Amit Mandal
एएनआई, नई दिल्ली
एएनआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Thu, 17 Mar 2022 04:33 PM IST
सार
केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वैरिएंट से निपटने में विदेशों के मुकाबले भारत का प्रबंधन बेहतरीन रहा। इस संबंध में सरकार ने आंकड़े भी सामने रखे।
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टीकाकरण अभियान
- फोटो : social media
विस्तार
भारत के कोविड-19 टीकाकरण अभियान के तहत किए गए उपायों ने देश को ओमिक्रॉन के प्रसार को नियंत्रित करने में मदद की, जो वैश्विक स्तर पर पिछली लहर की तुलना में छह गुना अधिक संक्रामक था। गुरुवार को स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने यह बात कही। एक वेबिनार के दौरान, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने अन्य देशों की तुलना में टीकाकरण में भारत की उपलब्धि और सरकार द्वारा सक्रिय प्रबंधन के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि आज भारत अन्य देशों की तुलना में ओमिक्रॉन को बेहतर तरीके से प्रबंधित किया है। आज भी विश्व स्तर पर 15-17 लाख मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन भारत में रोजाना लगभग 3000 दैनिक मामले दर्ज हो रहे हैं।
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भारत में 180 करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराकें दी गईं
अग्रवाल ने कहा कि भारत ने 180 करोड़ से अधिक वैक्सीन खुराकें दी हैं जो कि अमेरिका की तुलना में 3.2 गुना और फ्रांस के मुकाबले 12.5 गुना है। भारत में पूरी तरह से टीकाकरण के लाभार्थियों की संख्या 81 करोड़ से अधिक है, जो संयुक्त राज्य अमेरिका का 3.9 गुना और फ्रांस का 15.6 गुना है। 96.74 करोड़ वयस्क लाभार्थियों ने भारत में कम से कम पहली खुराक ली की है जो अमेरिका की जनसंख्या का 2.96 गुना और रूस की जनसंख्या का 6.71 गुना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर एक दिन में 2.5 करोड़ वैक्सीन की खुराक दी गई जो ऑस्ट्रेलिया की आबादी के बराबर है। एक साल से भी कम समय में कुल 150 करोड़ खुराकें दी गईं, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है।
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एक दिन में 2.5 करोड़ टीके लगाना आसान नहीं था
उन्होंने आगे कहा कि वैश्विक आंकड़े बताते हैं कि कम लोगों के संक्रमित होने, कम गंभीर और कम मौतों के मामले में टीके ओमिक्रॉन वैरिएंट का मुकाबला करने में सफल रहे। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने वेबिनार में कहा, पीएम के जन्मदिन पर एक दिन में 2.5 करोड़ टीके लगाना आसान नहीं था और सिस्टम में कोई खामी नहीं थी। यह भारत की शक्ति और प्रबंधन कौशल को दर्शाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने देश में कोविड संकट प्रबंधन और टीकों के प्रशासन में स्वास्थ्य कर्मियों और गैर सरकारी संगठनों के प्रयासों की भी सराहना की।
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उन्होंने गैर सरकारी संगठनों से स्वास्थ्य और कल्याण केंद्रों में अपने प्रयास जारी रखने का भी आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमारे स्वास्थ्य कार्यकर्ता कोविड संकट के दौरान लगातार काम कर रहे थे, उन्होंने अपना काम नहीं रोका और उनमें से कई ने महामारी के दौरान अपनी जान भी गंवा दी।