फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   India has prevented 47 million cyber attacks; faced approximately 130,000 web-based threats every day

Cyber Attacks: भारत ने रोके 4.7 करोड़ साइबर हमले; हर दिन करीब 1.3 लाख वेब आधारित खतरों का करना पड़ा सामना

Fri, 06 Mar 2026 05:46 AM IST
Pavan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Pavan Updated Fri, 06 Mar 2026 05:46 AM IST
सार

भारत में साइबर हमलों का खतरा तेजी से बढ़ रहा है। साइबर सुरक्षा कंपनी कास्परस्की की रिपोर्ट के अनुसार भारत ने हाल के समय में लगभग 4.7 करोड़ साइबर हमलों को रोका। रिपोर्ट में बताया गया कि देश को हर दिन औसतन करीब 1.3 लाख वेब आधारित खतरों का सामना करना पड़ रहा है।

विज्ञापन
India has prevented 47 million cyber attacks; faced approximately 130,000 web-based threats every day
साइबर हमले - फोटो : AI

विस्तार

साइबर सुरक्षा कंपनी कास्परस्की ने बताया है कि वर्ष 2025 में उसके सुरक्षा सिस्टम ने भारत में 4.7 करोड़ से अधिक ऑनलाइन साइबर खतरों को रोकने में मदद की। कंपनी के अनुसार इस दौरान देश के करीब 24.7 प्रतिशत इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को ऐसे खतरों का सामना करना पड़ा। ये खतरे मुख्य रूप से फिशिंग, मालवेयर, संदिग्ध वेबसाइट और ऑनलाइन ठगी से जुड़े होते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल सेवाओं और इंटरनेट के बढ़ते उपयोग के कारण साइबर अपराधियों की गतिविधियां भी बढ़ रही हैं। इसलिए उपयोगकर्ताओं को मजबूत पासवर्ड, सुरक्षित वेबसाइट और सतर्क ऑनलाइन व्यवहार अपनाने की सलाह दी गई है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - Trade: अमेरिकी उपविदेश सचिव बोले- भारत-US व्यापार समझौता लगभग तैयार, ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में करेंगे मदद
विज्ञापन


जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच रोके गए खतरे
कास्परस्की ने कहा कि जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच उसके उत्पादों ने भारत में उपयोगकर्ताओं के कंप्यूटर पर आने वाले 4 करोड़ 75 लाख से अधिक इंटरनेट आधारित साइबर खतरों का पता लगाकर उन्हें ब्लॉक किया। कंपनी के मुताबिक भारत में इंटरनेट उपयोगकर्ताओं को औसतन हर दिन करीब 1 लाख 30 हजार वेब आधारित खतरों का सामना करना पड़ा। कास्परस्की सिक्योरिटी नेटवर्क के आंकड़ों के अनुसार वेब आधारित खतरों से प्रभावित उपयोगकर्ताओं के मामले में दुनिया में भारत 62वें स्थान पर रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन


साइबर अपराधी अब क्यूआर कोड का इस्तेमाल कर रहे
साइबर सुरक्षा कंपनी के भारत प्रमुख जयदीप सिंह ने कहा कि साइबर अपराधी अब लोगों को फंसाने के लिए नए तरीके अपना रहे हैं। कई मामलों में फिशिंग लिंक छिपाने के लिए क्यूआर कोड का इस्तेमाल किया जा रहा है। मोबाइल से ऐसे क्यूआर कोड स्कैन करने पर लोग ठगी का शिकार हो सकते हैं।

यह भी पढ़ें - पश्चिम एशिया संकट: बड़े पैमाने पर प्रभावित हो रही हवाई यात्रा, भारतीय एयरलाइंस ने रद्द की 281 विदेशी उड़ानें

'फाइललेस मैलवेयर' 2025 में भी घातक साइबर खतरा रहा
कास्परस्की ने कहा कि इंटरनेट ब्राउजर के जरिये होने वाले हमले अब भी साइबर अपराधियों का सबसे आम तरीका हैं। हमलावर ब्राउजर और उसके प्लग-इन में मौजूद कमजोरियों का फायदा उठाकर लोगों के सिस्टम में घुसने की कोशिश करते हैं। कास्परस्की के अनुसार 'फाइललेस मैलवेयर' 2025 में भी एक घातक साइबर खतरा बना रहा। यह कंप्यूटर की मेमोरी में छिपकर काम करता है।

अन्य वीडियो
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed