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विश्व व्यापार संगठन: कुछ इस्पात उत्पादों के आयात पर सुरक्षा उपायों की आलोचना, भारत ने EU-ब्रिटेन को घेरा
Wed, 25 Oct 2023 10:53 PM IST
आदर्श शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: आदर्श शर्मा
Updated Wed, 25 Oct 2023 10:53 PM IST
सार
जिनेवा स्थित अधिकारी ने कहा, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, जापान, चीन, कोरिया, रूस और भारत ने कुछ इस्पात उत्पादों के आयात पर अपने सुरक्षा उपायों को बनाए रखने के यूरोपीय संघ के फैसले की आलोचना की है।
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विश्व व्यापार संगठन (WTO)
- फोटो : twitter: @wto
विस्तार
भारत, स्विट्जरलैंड, रूस और जापान सहित कुछ डब्ल्यूटीओ देशों ने कुछ इस्पात उत्पादों के आयात पर यूरोपीय संघ और ब्रिटेन द्वारा लगाए गए सुरक्षा उपायों की आलोचना करते हुए इसे वैश्विक व्यापार नियमों के साथ असंगत बताया है। बुधवार को विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) की सुरक्षा समिति की बैठक के दौरान इन देशों ने ये टिप्पणियां की।
जिनेवा स्थित अधिकारी ने कहा, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, जापान, चीन, कोरिया, रूस और भारत ने कुछ इस्पात उत्पादों के आयात पर अपने सुरक्षा उपायों को बनाए रखने के यूरोपीय संघ के फैसले की आलोचना की, जो कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के बाद यूरोपीय संघ द्वारा लगाया गया था। अधिकारी ने कहा, इन सदस्यों ने हालिया समीक्षा के दौरान उपाय को खत्म नहीं करने के यूरोपीय संघ के फैसले पर खेद व्यक्त किया और तर्क दिया कि सुरक्षा उपाय डब्ल्यूटीओ नियमों के साथ असंगत थे। हालांकि, ईयू ने तर्क दिया कि सुरक्षा जून 2024 के अंत में खत्म हो जाएगी।
भारत ने पिछले साल स्टील उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के ब्रिटेन के फैसले के खिलाफ ब्रिटेन से व्हिस्की, पनीर और डीजल इंजन भागों सहित 22 उत्पादों के आयात पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त सीमा शुल्क का प्रस्ताव रखा था। सितंबर 2022 में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को दिए गए एक संदेश में भारत ने कहा था कि अनुमान है कि ब्रिटेन द्वारा स्टील उत्पादों पर उठाए गए सुरक्षा उपायों के कारण निर्यात में 2,19,000 टन की गिरावट आई है। यूके द्वारा लगाए गए उपायों में 15 इस्पात उत्पाद श्रेणियों पर 25 प्रतिशत के कोटा से बाहर शुल्क के साथ लगाए गए टैरिफ-दर कोटा शामिल हैं। भारत यूरोपीय संघ के कदम से चिंतित है क्योंकि वह अपने इस्पात उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत यूरोपीय संघ के सदस्य इटली को निर्यात करता है।
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वहीं अधिकारी ने कहा कि कोरिया और सिंगापुर ने आइसोप्रोपिल अल्कोहल पर भारत के सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए। भारत ने जवाब देते हुए कहा कि यह उपाय अगले साल 21 मार्च को खत्म होने वाला है। सुरक्षा उपाय समिति की अगली बैठक अप्रैल 2024 में होगी।
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जिनेवा स्थित अधिकारी ने कहा, स्विट्जरलैंड, ब्राजील, जापान, चीन, कोरिया, रूस और भारत ने कुछ इस्पात उत्पादों के आयात पर अपने सुरक्षा उपायों को बनाए रखने के यूरोपीय संघ के फैसले की आलोचना की, जो कि अमेरिका द्वारा अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने के बाद यूरोपीय संघ द्वारा लगाया गया था। अधिकारी ने कहा, इन सदस्यों ने हालिया समीक्षा के दौरान उपाय को खत्म नहीं करने के यूरोपीय संघ के फैसले पर खेद व्यक्त किया और तर्क दिया कि सुरक्षा उपाय डब्ल्यूटीओ नियमों के साथ असंगत थे। हालांकि, ईयू ने तर्क दिया कि सुरक्षा जून 2024 के अंत में खत्म हो जाएगी।
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भारत ने पिछले साल स्टील उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने के ब्रिटेन के फैसले के खिलाफ ब्रिटेन से व्हिस्की, पनीर और डीजल इंजन भागों सहित 22 उत्पादों के आयात पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त सीमा शुल्क का प्रस्ताव रखा था। सितंबर 2022 में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) को दिए गए एक संदेश में भारत ने कहा था कि अनुमान है कि ब्रिटेन द्वारा स्टील उत्पादों पर उठाए गए सुरक्षा उपायों के कारण निर्यात में 2,19,000 टन की गिरावट आई है। यूके द्वारा लगाए गए उपायों में 15 इस्पात उत्पाद श्रेणियों पर 25 प्रतिशत के कोटा से बाहर शुल्क के साथ लगाए गए टैरिफ-दर कोटा शामिल हैं। भारत यूरोपीय संघ के कदम से चिंतित है क्योंकि वह अपने इस्पात उत्पादन का लगभग 6 प्रतिशत यूरोपीय संघ के सदस्य इटली को निर्यात करता है।
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वहीं अधिकारी ने कहा कि कोरिया और सिंगापुर ने आइसोप्रोपिल अल्कोहल पर भारत के सुरक्षा उपायों पर सवाल उठाए। भारत ने जवाब देते हुए कहा कि यह उपाय अगले साल 21 मार्च को खत्म होने वाला है। सुरक्षा उपाय समिति की अगली बैठक अप्रैल 2024 में होगी।