Mansukh Mandaviya: 'भारत वैश्विक शासन संरचनाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्ध', ग्लोबल साउथ समिट में बोले मंडाविया
Mansukh Mandaviya: भारत वैश्विक शासन संरचनाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है ताकि उन्हें समकालीन वास्तविकताओं और चुनौतियों के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाया जा सके। यह बात केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कही।
विस्तार
भारत वैश्विक शासन संरचनाओं में सुधार के लिए प्रतिबद्ध है ताकि उन्हें समकालीन वास्तविकताओं और चुनौतियों के प्रति अधिक उत्तरदायी बनाया जा सके। यह बात केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को कही। वह विदेश मंत्रालय द्वारा आयोजित दूसरे वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट के स्वास्थ्य मंत्रियों के सत्र को डिजिटल माध्यम से संबोधित कर रहे थे।
मंडाविया ने कहा कि फर्स्ट वॉयस ऑफ ग्लोबल साउथ समिट से पैदा हुई गति को आगे बढ़ाते हुए भारत ने तीन प्रमुख स्वास्थ्य प्राथमिकताओं की पहचान की है। उन्होंने कहा, ये स्वास्थ्य आपात स्थिति की रोकथाम, तैयारी और प्रतिक्रिया, फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना और डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार और समाधान हैं, जो वैश्विक दक्षिण के देशों के सामने आने वाली अनूठी चुनौतियों को संबोधित करने के लिए निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं, जिससे वैश्विक स्वास्थ्य चर्चाओं और समाधानों में समावेशिता का संचार होता है।
अर्जेंटीना, बेलीज, चाड, ग्रेनेडा, ग्वाटेमाला, गुयाना, हैती, मॉरिटानिया, मोरक्को, निकारागुआ, सोमालिया, सेंट लूसिया, सेंट विंसेंट और ग्रेनेडाइंस, यमन, कोस्टा रिका, डोमिनिका, बेनिन और भूटान के मंत्री और स्वास्थ्य मंत्रियों के प्रतिनिधि सत्र में भाग ले रहे थे। 'एक स्वास्थ्य' अवधारणा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए मंडाविया ने कहा, 'यह जटिल सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्याओं के लिए एक प्रभावी दृष्टिकोण के रूप में पहचाना जाता है, जिसमें कई विषयों को शामिल किया गया है, जो मानव स्वास्थ्य, पशु स्वास्थ्य और पर्यावरणीय स्वास्थ्य को निकटता से जोड़ता है।'
उन्होंने कहा कि यह समझना जरूरी है कि सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिंड्रोम (सार्स) से लेकर कोविड-19 तक वैश्विक स्वास्थ्य को खतरे में डालने वाली अधिकांश महामारियों और महामारियों की जड़ें जूनोटिक ऑरिजन में हैं।