फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   india citizenship amendment rules 2026 oci card digital process e oci immigration policy update

OCI Card New Rules: नागरिकता नियमों में बदलाव की अधिसूचना जारी, अब डिजिटल होगी प्रक्रिया

Fri, 01 May 2026 01:42 AM IST
अमन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: अमन तिवारी Updated Fri, 01 May 2026 01:42 AM IST
सार

केंद्र सरकार ने नागरिकता नियम 2009 में संशोधन करते हुए 2026 के नए नियम लागू किए हैं। अब OCI और नागरिकता प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। बच्चों के पास दोहरी नागरिकता पर सख्ती की गई है।

विज्ञापन
india citizenship amendment rules 2026 oci card digital process e oci immigration policy update
केंद्रीय गृह मंत्रालय - फोटो : ANI

विस्तार

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागरिकता नियम, 2009 में बदलाव की अधिसूचना जारी की है। इन नए नियमों को 'नागरिकता (संशोधन) नियम, 2026' के नाम से जाना जाएगा। सरकार का मुख्य उद्देश्य ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्डधारकों और नागरिकता आवेदकों के लिए पूरी प्रक्रिया में डिजिटल बदलाव किए गए हैं।
विज्ञापन


नए नियमों में बच्चों के लिए एक महत्वपूर्ण शर्त जोड़ी गई है। भारत से बाहर जन्मे नाबालिग बच्चे का जन्म पंजीकरण भारतीय दूतावास में कराते समय यह घोषणा करनी होगी कि उसके पास किसी दूसरे देश का पासपोर्ट नहीं है। नियम स्पष्ट करते हैं कि कोई भी नाबालिग बच्चा भारतीय पासपोर्ट के साथ किसी और देश का पासपोर्ट नहीं रख सकता।
विज्ञापन


अब ओसीआई कार्ड के पंजीकरण और इसे छोड़ने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इसके लिए आवेदकों को आधिकारिक पोर्टल का उपयोग करना होगा। पहले की कागजी प्रक्रिया को अब इलेक्ट्रॉनिक फॉर्म से बदल दिया गया है। अब आवेदकों को दस्तावेजों की दो प्रतियां (डुप्लीकेट) जमा करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें: Calcutta High Court: अदालत में TMC उम्मीदवार की याचिका खारिज, मतगणना केंद्र को बदलने के फैसले को दी थी चुनौती

सरकार अब 'ई-ओसीआई' (e-OCI) भी जारी कर सकती है। ओसीआई धारकों का पूरा रिकॉर्ड अब डिजिटल रूप में रखा जाएगा। यदि कोई व्यक्ति अपनी मर्जी से ओसीआई दर्जा छोड़ता है, तो उसे अपना मूल कार्ड नजदीकी भारतीय मिशन या क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय में जमा करना होगा। यदि सरकार किसी का ओसीआई दर्जा रद्द करती है और कार्ड वापस नहीं मिलता, तो भी उसे आधिकारिक तौर पर रद्द माना जाएगा।

आवेदकों को अब बायोमेट्रिक जानकारी देने के लिए एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर करने होंगे। इससे वे 'फास्ट ट्रैक इमिग्रेशन प्रोग्राम' का हिस्सा बन सकेंगे। यह जानकारी भविष्य में उनकी यात्रा और आव्रजन प्रक्रिया को तेज और आसान बनाने में मदद करेगी।


यदि किसी व्यक्ति का ओसीआई या नागरिकता आवेदन रद्द होता है, तो वह इस फैसले को चुनौती दे सकता है। इस चुनौती की सुनवाई वह अधिकारी करेगा जो फैसला लेने वाले अधिकारी से एक रैंक ऊपर होगा। सरकार ने प्रभावित व्यक्ति को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका देने का प्रावधान भी किया है। अंतिम फैसला लेने से पहले व्यक्ति की बात सुनी जाएगी।

ओसीआई योजना उन भारतीय मूल के लोगों के लिए है जो 26 जनवरी 1950 को या उसके बाद भारत के नागरिक बनने के पात्र थे। हालांकि, ऐसे व्यक्ति जो वर्तमान में पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक हैं (या कभी रहे हैं), अथवा जिनके माता-पिता, दादा-दादी/नाना-नानी, या परदादा-परदादी/परनाना-परनानी पाकिस्तान या बांग्लादेश के नागरिक रहे हों, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं।

अन्य वीडियो-
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed